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तिब्बत में 7.1 तीव्रता वाले भूकंप से भारी जानमाल का नुकसान :

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तिब्बत, 07 जनवरी । नेपाल की सीमा से सटे तिब्बत के पहाड़ी क्षेत्र शिजांग में मंगलवार को भूकंप ने तबाही मचा दी। 7.1 तीव्रता वाले भूकंप से भारी जानमाल का नुकसान हुआ है। अब तक 53 लोगों के मरने और 38 लोगों के घायल होने की सूचना मिल रही है। न्यूज एजेंसी के अनुसार भूकंप का असर तिब्बत के शिगात्से शहर पर सबसे ज्यादा हुआ है। यहां बड़ी-बड़ी इमारतें भूकंप के कारण गिर गई हैं, जिससे काफी जानमाल का नुकसान हुआ है। चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी ने जानकारी दी कि शिजांग स्वायत्त क्षेत्र के डिंगरी काउंटी में 7.1 तीव्रता का भूकंप आया। इसका असर भारत, नेपाल, बांग्लादेश और भूटान के कई इलाकों में देखने को मिला। यहां भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। भारत में बिहार, पश्चिम बंगाल व उत्तर भारत के कई हिस्सों और सिक्किम सहित पूर्वोत्तर के राज्यों में मंगलवार की सुबह भूकंप के झटकों लोग सहम गए।नेपाल की राजधानी में मंगलवार सुबह भूकंप के झटके लगे, तो लोग घरों से बाहर जान बचाने के लिए भागे। वह सडक़ों व खुले स्थानों पर जाकर खड़े हो गए।

काठमांडू की रहने वाली मीरा अधिकारी ने एएनआई को बताया कि मैं उस समय सो रही थी (जब भूकंप आया)। बिस्तर हिल रहा था और मुझे लगा कि मेरा बच्चा बिस्तर हिला रहा है। उन्होंने कहा कि मैंने उतना ध्यान नहीं दिया, लेकिन खिडक़ी हिल रही थी। मुझे एहसास हुआ कि यह भूकंप है। मैंने फिर जल्दी से अपने बच्चे को बुलाया और घर खाली कर दिया। हम भागकर खुले मैदान में आ गए। यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे ने बताया कि भूकंप का केंद्र तिब्बत का शिजांग शहर था, इसलिए वहां इतनी तबाही मची। इसका असर नेपाल और भारत के बिहार, असम व सिक्किम में भी देखने को मिला। बंगाल के मालदा और कुछ और इलाकों में धरती हिलने से लोग सहमे दिखाई दिए। भूकंप पृथ्वी की टेक्टोनिक प्लेट्स के आपस में टकराने, खिसकने या रगडऩे से आता है। ये प्लेट्स एक-दूसरे से दूर या करीब जाती हैं, तब धरती के अंदर भारी दबाव बन जाता है। यह दबाव अचानक रिलीज होता है, तो ऊर्जा की तरंगें पृथ्वी की सतह पर फैलती हैं। इसे हम भूकंप के झटके के रूप में महसूस करते हैं।


तिब्बत, 07 जनवरी । नेपाल की सीमा से सटे तिब्बत के पहाड़ी क्षेत्र शिजांग में मंगलवार को भूकंप ने तबाही मचा दी। 7.1 तीव्रता वाले भूकंप से भारी जानमाल का नुकसान हुआ है। अब तक 53 लोगों के मरने और 38 लोगों के घायल होने की सूचना मिल रही है। न्यूज एजेंसी के अनुसार भूकंप का असर तिब्बत के शिगात्से शहर पर सबसे ज्यादा हुआ है। यहां बड़ी-बड़ी इमारतें भूकंप के कारण गिर गई हैं, जिससे काफी जानमाल का नुकसान हुआ है। चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी ने जानकारी दी कि शिजांग स्वायत्त क्षेत्र के डिंगरी काउंटी में 7.1 तीव्रता का भूकंप आया। इसका असर भारत, नेपाल, बांग्लादेश और भूटान के कई इलाकों में देखने को मिला। यहां भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। भारत में बिहार, पश्चिम बंगाल व उत्तर भारत के कई हिस्सों और सिक्किम सहित पूर्वोत्तर के राज्यों में मंगलवार की सुबह भूकंप के झटकों लोग सहम गए।नेपाल की राजधानी में मंगलवार सुबह भूकंप के झटके लगे, तो लोग घरों से बाहर जान बचाने के लिए भागे। वह सडक़ों व खुले स्थानों पर जाकर खड़े हो गए।

काठमांडू की रहने वाली मीरा अधिकारी ने एएनआई को बताया कि मैं उस समय सो रही थी (जब भूकंप आया)। बिस्तर हिल रहा था और मुझे लगा कि मेरा बच्चा बिस्तर हिला रहा है। उन्होंने कहा कि मैंने उतना ध्यान नहीं दिया, लेकिन खिडक़ी हिल रही थी। मुझे एहसास हुआ कि यह भूकंप है। मैंने फिर जल्दी से अपने बच्चे को बुलाया और घर खाली कर दिया। हम भागकर खुले मैदान में आ गए। यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे ने बताया कि भूकंप का केंद्र तिब्बत का शिजांग शहर था, इसलिए वहां इतनी तबाही मची। इसका असर नेपाल और भारत के बिहार, असम व सिक्किम में भी देखने को मिला। बंगाल के मालदा और कुछ और इलाकों में धरती हिलने से लोग सहमे दिखाई दिए। भूकंप पृथ्वी की टेक्टोनिक प्लेट्स के आपस में टकराने, खिसकने या रगडऩे से आता है। ये प्लेट्स एक-दूसरे से दूर या करीब जाती हैं, तब धरती के अंदर भारी दबाव बन जाता है। यह दबाव अचानक रिलीज होता है, तो ऊर्जा की तरंगें पृथ्वी की सतह पर फैलती हैं। इसे हम भूकंप के झटके के रूप में महसूस करते हैं।


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