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नेपाल में देर रात भूकंप के झटके, जानिए कितनी रही तीव्रता और गहराई:

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नेपाल। भूकंप आने का सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। अब भारत के पड़ोसी देश नेपाल में भी भूकंप आया जिससे वहां की धरती डोल गई। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, रिक्टर स्केल पर नेपाल में आए भूकंप की तीव्रता 4.0 मापी गई है। लोगों में दहशत का माहौल है, वो अपने घरों से बाहर निकल आए।

ये भूकंप उस समय आया जब लोग सो रहे थे और उन्हें एहसास हुआ कि उनके पलंग हिल रहे हैं। एनसीएस के अनुसार, नेपाल में भूकंप 25 किमी की गहराई पर आया, जिस वजह से तेज झटके महसूस हुए। NCS के मुताबिक, ये भूकंप सुबह 4: 30 बजे आया।  वहीं जापान में भी भूकंप आया जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.6 मापी गई है।

इन भूकंप से होता ज्यादा नुकसान
जो भूकंप ऊपर-ऊपर आता है गहरे भूकंपों की तुलना में खतरनाक होते है क्योंकि पृथ्वी की सतह के नजदीक होने पर उनकी ऊर्जा ज्यादा निकलती है, जिससे ज़मीन ज़्यादा हिलती है और संरचनाओं को ज्यादा नुकसान होता है और हताहत होते हैं, जबकि गहरे भूकंप सतह पर आने पर ऊर्जा खो देते हैं।

म्यांमार में आया था 7.7 तीव्रता का भूकंप
इससे पहले म्यांमार में  28 मार्च को आए 7.7 रिक्टर स्केल के भूकंप ने भारी तबाही मचाई जिसमें 3 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई और हजारों लोग लापता और घर से बेघर हो गए। भारत ने म्यांमार और थाईलैंड की हर संभव मदद की। साथ ही तिब्बत में भी कुछ दिन पहले भूकंप के झटके महसूस किए गए थे।


नेपाल। भूकंप आने का सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। अब भारत के पड़ोसी देश नेपाल में भी भूकंप आया जिससे वहां की धरती डोल गई। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, रिक्टर स्केल पर नेपाल में आए भूकंप की तीव्रता 4.0 मापी गई है। लोगों में दहशत का माहौल है, वो अपने घरों से बाहर निकल आए।

ये भूकंप उस समय आया जब लोग सो रहे थे और उन्हें एहसास हुआ कि उनके पलंग हिल रहे हैं। एनसीएस के अनुसार, नेपाल में भूकंप 25 किमी की गहराई पर आया, जिस वजह से तेज झटके महसूस हुए। NCS के मुताबिक, ये भूकंप सुबह 4: 30 बजे आया।  वहीं जापान में भी भूकंप आया जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.6 मापी गई है।

इन भूकंप से होता ज्यादा नुकसान
जो भूकंप ऊपर-ऊपर आता है गहरे भूकंपों की तुलना में खतरनाक होते है क्योंकि पृथ्वी की सतह के नजदीक होने पर उनकी ऊर्जा ज्यादा निकलती है, जिससे ज़मीन ज़्यादा हिलती है और संरचनाओं को ज्यादा नुकसान होता है और हताहत होते हैं, जबकि गहरे भूकंप सतह पर आने पर ऊर्जा खो देते हैं।

म्यांमार में आया था 7.7 तीव्रता का भूकंप
इससे पहले म्यांमार में  28 मार्च को आए 7.7 रिक्टर स्केल के भूकंप ने भारी तबाही मचाई जिसमें 3 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई और हजारों लोग लापता और घर से बेघर हो गए। भारत ने म्यांमार और थाईलैंड की हर संभव मदद की। साथ ही तिब्बत में भी कुछ दिन पहले भूकंप के झटके महसूस किए गए थे।


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