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नवा रायपुर में होलसेल कॉरिडोर प्रोजेक्ट पर ब्रेक:

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रायपुर. नवा रायपुर अटल नगर में प्रस्तावित ‘होलसेल कॉरिडोर’ प्रोजेक्ट पर फिलहाल ब्रेक लग गया है. पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में तैयार किए गए होलसेल कॉरिडोर प्रोजेक्ट को निरस्त किया जा चुका है. होलसेल कॉरिडोर निर्माण के लिए अब नए सिरे से प्रोजेक्ट तैयार किया जाएगा. नवा रायपुर में बसाहट, निवेश व वाणिज्यिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए होलसेल कॉरिडोर विकसित करने का निर्णय लिया गया था. पूर्व में ‘होलसेल कॉरिडोर’ के लिए नवा रायपुर में 1083 एकड़ जमीन चिन्हित कर ली गई थी और इसका भू-उपयोग परिवर्तन किया जा चुका था. ‘होलसेल कॉरिडोर’ को दक्षिण एशिया व देश का सबसे बड़ा थोक व्यावसायिक बाजार बनाने की योजना थी. पूर्ववर्ती सरकार द्वारा होलसेल कॉरिडोर में 540 रुपए वर्गफीट में व्यवसायियों को भू-खंड आवंटित करने तथा इसके निर्माण में अतिरिक्त राशि राज्य सरकार द्वारा खर्च किए जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया था.

बताया गया है कि पूर्ववर्ती सरकार के इस निर्णय पर वर्तमान भाजपा सरकार सहमत नहीं है और भूखंड आवंटन की प्रक्रिया को भी निरस्त कर दिया गया है. नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण द्वारा नवा रायपुर में नीलामी के जरिए जमीन का आवंटन किए जाने का प्रावधान है. जबकि होलसेल कॉरिडोर के लिए भू-खंडों की दर निर्धारित की गई थी.

नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण की ओर से नवा रायपुर क्षेत्र में सड़क, नाली, बिजली, पेयजल सहित अन्य अधोसंरचना निर्माण का कार्य भी शुरू किया जा रहा है. करीब 100 करोड़ रुपए की लागत से विभिन्न अधोसंरचना निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. इनमें 30 करोड़ रुपए सड़क निर्माण पर खर्च होंगे. शेष राशि नाली, बिजली, पेयजल सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं विकसित करने पर व्यय किए जाएंगे.


रायपुर. नवा रायपुर अटल नगर में प्रस्तावित ‘होलसेल कॉरिडोर’ प्रोजेक्ट पर फिलहाल ब्रेक लग गया है. पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में तैयार किए गए होलसेल कॉरिडोर प्रोजेक्ट को निरस्त किया जा चुका है. होलसेल कॉरिडोर निर्माण के लिए अब नए सिरे से प्रोजेक्ट तैयार किया जाएगा. नवा रायपुर में बसाहट, निवेश व वाणिज्यिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए होलसेल कॉरिडोर विकसित करने का निर्णय लिया गया था. पूर्व में ‘होलसेल कॉरिडोर’ के लिए नवा रायपुर में 1083 एकड़ जमीन चिन्हित कर ली गई थी और इसका भू-उपयोग परिवर्तन किया जा चुका था. ‘होलसेल कॉरिडोर’ को दक्षिण एशिया व देश का सबसे बड़ा थोक व्यावसायिक बाजार बनाने की योजना थी. पूर्ववर्ती सरकार द्वारा होलसेल कॉरिडोर में 540 रुपए वर्गफीट में व्यवसायियों को भू-खंड आवंटित करने तथा इसके निर्माण में अतिरिक्त राशि राज्य सरकार द्वारा खर्च किए जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया था.

बताया गया है कि पूर्ववर्ती सरकार के इस निर्णय पर वर्तमान भाजपा सरकार सहमत नहीं है और भूखंड आवंटन की प्रक्रिया को भी निरस्त कर दिया गया है. नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण द्वारा नवा रायपुर में नीलामी के जरिए जमीन का आवंटन किए जाने का प्रावधान है. जबकि होलसेल कॉरिडोर के लिए भू-खंडों की दर निर्धारित की गई थी.

नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण की ओर से नवा रायपुर क्षेत्र में सड़क, नाली, बिजली, पेयजल सहित अन्य अधोसंरचना निर्माण का कार्य भी शुरू किया जा रहा है. करीब 100 करोड़ रुपए की लागत से विभिन्न अधोसंरचना निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. इनमें 30 करोड़ रुपए सड़क निर्माण पर खर्च होंगे. शेष राशि नाली, बिजली, पेयजल सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं विकसित करने पर व्यय किए जाएंगे.


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