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National : शहबाज ने दिखाया सीजफायर का झंडा, मुनीर दागता रहे ड्रोन:

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नई दिल्‍ली: पाकिस्‍तान में इस समय कौन राज
कर रहा है? क्‍या पाकिस्‍तान में लोकतंत्र बचा है? ये सवाल इसलिए उठ रहे
हैं, क्‍योंकि जब पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की ओर से भारत के
सामने सैन्‍य कार्रवाई रोकने की अपील की गई, उसके कुछ देर बाद पाक सेना
प्रमुख आसिम मुनीर ने भारत के चार राज्‍यों पर ड्रोन अटैक शुरू कर दिया था.
पीएम शहबाज शरीफ ने जब सीजफायर का ऐलान कर दिया, फिर आसिम मुनीर कैसे हमला
कर सकते हैं? क्‍या मुनीर, अपने वजीर-ए-आजम के कंट्रोल में नहीं है? आखिर
पाकिस्‍तान में ये चल क्‍या रहा है, आइए समझने की कोशिश करते हैं. 
   

पाक DGMO ने भारत में हॉटलाइन पर की बात

भारत
और पाकिस्‍तान के बीच शनिवार को लगभग 90 घंटों के बाद सीजफायर की घोषणा हो
गई. दोनों देशों के सैन्य अभियान महानिदेशकों (डीजीएमओ) के बीच बातचीत हुई
और धमाकों की आवाज शांत हो गईं. डीजीएमओ स्‍तर की ये बातचीत शनिवार को
लगभग साढ़े तीन बजे के आसपास हुई. कुछ देर में ही पूरी दुनिया में यह मैसेज
जा चुका था कि भारत और पाकिस्‍तान के बीच बने युद्ध जैसे हालात सामान्‍य
हो गए हैं. अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने तो भारत और पाकिस्‍तान
के ऐलान करने से पहले ही क्रेडिट लेते हुए ट्वीट कर दिया था कि संघर्ष
विराम हो गया है. लेकिन शाम होते-होते पाकिस्‍तान की ओर से एक बार फिर
ड्रोन अटैक शुरू हो गया.

सीजफायर का ऐलान होने के बाद भी जब पाकिस्‍तानी सेना की ओर से हमले नहीं
रुके, तो पीएम शहबाज शरीफ को अपनी सेना को संयम रखने की अपील करनी पड़ी.
पाकिस्‍तान में शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर के बीच चल रहे टकराव के रूप में
इसे देखा जा रहा है. ऐसा कहा तो बहुत पहले से जाता रहा है कि पाकिस्‍तान
में असली कमान सेना के हाथों में है. पीएम शहबाज शरीफ सिर्फ एक मुखौटा हैं.
पाकिस्‍तान की सेना ने शनिवार को एक बार फिर इस बात को साबित कर दिया है. 

पाकिस्‍तान
में कौन राज कर रहा है, ये तब साफ हो गया, जब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को
रुबियो ने शुक्रवार को पाक विदेश मंत्री के बजाए सेना प्रमुख जनरल आसिम
मुनीर से फोन पर बात की थी. अमेरिका ये बात अच्‍छी तरह जानता है कि
पाकिस्‍तान को इस समय कौन चला रहा है? इसलिए उन्‍होंने प्रधानमंत्री और
विदेश मंत्री के बजाए सीधे सेना प्रमुख से बात की और इसके बाद मुनीर कुछ
शांत हुए. इधर, भारत में अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो ने विदेश मंत्री एस
जयशंकर से बात की थी.


नई दिल्‍ली: पाकिस्‍तान में इस समय कौन राज
कर रहा है? क्‍या पाकिस्‍तान में लोकतंत्र बचा है? ये सवाल इसलिए उठ रहे
हैं, क्‍योंकि जब पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की ओर से भारत के
सामने सैन्‍य कार्रवाई रोकने की अपील की गई, उसके कुछ देर बाद पाक सेना
प्रमुख आसिम मुनीर ने भारत के चार राज्‍यों पर ड्रोन अटैक शुरू कर दिया था.
पीएम शहबाज शरीफ ने जब सीजफायर का ऐलान कर दिया, फिर आसिम मुनीर कैसे हमला
कर सकते हैं? क्‍या मुनीर, अपने वजीर-ए-आजम के कंट्रोल में नहीं है? आखिर
पाकिस्‍तान में ये चल क्‍या रहा है, आइए समझने की कोशिश करते हैं. 
   

पाक DGMO ने भारत में हॉटलाइन पर की बात

भारत
और पाकिस्‍तान के बीच शनिवार को लगभग 90 घंटों के बाद सीजफायर की घोषणा हो
गई. दोनों देशों के सैन्य अभियान महानिदेशकों (डीजीएमओ) के बीच बातचीत हुई
और धमाकों की आवाज शांत हो गईं. डीजीएमओ स्‍तर की ये बातचीत शनिवार को
लगभग साढ़े तीन बजे के आसपास हुई. कुछ देर में ही पूरी दुनिया में यह मैसेज
जा चुका था कि भारत और पाकिस्‍तान के बीच बने युद्ध जैसे हालात सामान्‍य
हो गए हैं. अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने तो भारत और पाकिस्‍तान
के ऐलान करने से पहले ही क्रेडिट लेते हुए ट्वीट कर दिया था कि संघर्ष
विराम हो गया है. लेकिन शाम होते-होते पाकिस्‍तान की ओर से एक बार फिर
ड्रोन अटैक शुरू हो गया.

सीजफायर का ऐलान होने के बाद भी जब पाकिस्‍तानी सेना की ओर से हमले नहीं
रुके, तो पीएम शहबाज शरीफ को अपनी सेना को संयम रखने की अपील करनी पड़ी.
पाकिस्‍तान में शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर के बीच चल रहे टकराव के रूप में
इसे देखा जा रहा है. ऐसा कहा तो बहुत पहले से जाता रहा है कि पाकिस्‍तान
में असली कमान सेना के हाथों में है. पीएम शहबाज शरीफ सिर्फ एक मुखौटा हैं.
पाकिस्‍तान की सेना ने शनिवार को एक बार फिर इस बात को साबित कर दिया है. 

पाकिस्‍तान
में कौन राज कर रहा है, ये तब साफ हो गया, जब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को
रुबियो ने शुक्रवार को पाक विदेश मंत्री के बजाए सेना प्रमुख जनरल आसिम
मुनीर से फोन पर बात की थी. अमेरिका ये बात अच्‍छी तरह जानता है कि
पाकिस्‍तान को इस समय कौन चला रहा है? इसलिए उन्‍होंने प्रधानमंत्री और
विदेश मंत्री के बजाए सीधे सेना प्रमुख से बात की और इसके बाद मुनीर कुछ
शांत हुए. इधर, भारत में अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो ने विदेश मंत्री एस
जयशंकर से बात की थी.


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