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Mats University (खबरीलाल न्यूज़) :: योग विद्यार्थियों ने प्राकृतिक चिकित्सा केन्द्र एवं प्राचीन जैन मंदिर का शैक्षणिक भ्रमण किया:

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मैट्स विश्वविद्यालय, रायपुर के योग विद्या संकाय के विद्यार्थियों ने शनिवार, 4 अक्टूबर 2025 को नगपुरा (दुर्ग) स्थित प्राकृतिक चिकित्सा केन्द्र एवं प्राचीन जैन मंदिर का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों, योग तथा भारत की सांस्कृतिक धरोहरों की प्रत्यक्ष जानकारी प्रदान करना था।

विद्यार्थियों ने भ्रमण के दौरान प्राकृतिक चिकित्सा, आयुर्वेद, पंचकर्म तथा योग-प्राणायाम से जुड़ी विभिन्न प्रक्रियाओं का अवलोकन किया और विशेषज्ञों से इन विषयों पर गहन जानकारी प्राप्त की। उन्होंने यह भी जाना कि किस प्रकार प्राकृतिक चिकित्सा आधुनिक जीवनशैली में स्वास्थ्य के संरक्षण हेतु उपयोगी सिद्ध हो रही है।

साथ ही, नगपुरा स्थित प्राचीन जैन मंदिर का भ्रमण कर विद्यार्थियों ने उसकी उत्कृष्ट स्थापत्य कला, धार्मिक महत्त्व एवं ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के विषय में जानकारी अर्जित की। मंदिर परिसर की शांत और आध्यात्मिक ऊर्जा ने सभी को विशेष रूप से प्रभावित किया।

इस शैक्षणिक भ्रमण की सफलता के पीछे माननीय कुलाधिपति श्री गजराज पगारिया, कुलपति प्रो. (डॉ.) के. पी. यादव, महानिदेशक श्री प्रियेश पगारिया, कुलसचिव श्री गोकुलानंद पांडा तथा विभागाध्यक्ष डॉ. मिथिलेश कुमार सिंह का मार्गदर्शन, सहयोग और शुभकामनाएं रही, जिनके प्रेरणादायक नेतृत्व से यह यात्रा ज्ञानवर्धक एवं उद्देश्यपूर्ण रही।

इस अवसर पर विद्यार्थियों के साथ विभाग के प्राध्यापकगण —  दिवेश कुमार, डॉ. योगेश कुमार तथा डॉ. राघव कुमार वर्मा भी उपस्थित रहे, जिन्होंने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया और भ्रमण को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

संकाय सदस्यों के अनुसार, इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण न केवल विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं व्यवहारिक ज्ञान को समृद्ध करते हैं, बल्कि उनके व्यक्तित्व विकास और सांस्कृतिक समझ को भी एक नई दिशा प्रदान करते हैं। विद्यार्थियों ने भी इस अनुभव को अत्यंत उपयोगी, प्रेरणास्पद एवं अविस्मरणीय बताया।


मैट्स विश्वविद्यालय, रायपुर के योग विद्या संकाय के विद्यार्थियों ने शनिवार, 4 अक्टूबर 2025 को नगपुरा (दुर्ग) स्थित प्राकृतिक चिकित्सा केन्द्र एवं प्राचीन जैन मंदिर का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों, योग तथा भारत की सांस्कृतिक धरोहरों की प्रत्यक्ष जानकारी प्रदान करना था।

विद्यार्थियों ने भ्रमण के दौरान प्राकृतिक चिकित्सा, आयुर्वेद, पंचकर्म तथा योग-प्राणायाम से जुड़ी विभिन्न प्रक्रियाओं का अवलोकन किया और विशेषज्ञों से इन विषयों पर गहन जानकारी प्राप्त की। उन्होंने यह भी जाना कि किस प्रकार प्राकृतिक चिकित्सा आधुनिक जीवनशैली में स्वास्थ्य के संरक्षण हेतु उपयोगी सिद्ध हो रही है।

साथ ही, नगपुरा स्थित प्राचीन जैन मंदिर का भ्रमण कर विद्यार्थियों ने उसकी उत्कृष्ट स्थापत्य कला, धार्मिक महत्त्व एवं ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के विषय में जानकारी अर्जित की। मंदिर परिसर की शांत और आध्यात्मिक ऊर्जा ने सभी को विशेष रूप से प्रभावित किया।

इस शैक्षणिक भ्रमण की सफलता के पीछे माननीय कुलाधिपति श्री गजराज पगारिया, कुलपति प्रो. (डॉ.) के. पी. यादव, महानिदेशक श्री प्रियेश पगारिया, कुलसचिव श्री गोकुलानंद पांडा तथा विभागाध्यक्ष डॉ. मिथिलेश कुमार सिंह का मार्गदर्शन, सहयोग और शुभकामनाएं रही, जिनके प्रेरणादायक नेतृत्व से यह यात्रा ज्ञानवर्धक एवं उद्देश्यपूर्ण रही।

इस अवसर पर विद्यार्थियों के साथ विभाग के प्राध्यापकगण —  दिवेश कुमार, डॉ. योगेश कुमार तथा डॉ. राघव कुमार वर्मा भी उपस्थित रहे, जिन्होंने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया और भ्रमण को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

संकाय सदस्यों के अनुसार, इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण न केवल विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं व्यवहारिक ज्ञान को समृद्ध करते हैं, बल्कि उनके व्यक्तित्व विकास और सांस्कृतिक समझ को भी एक नई दिशा प्रदान करते हैं। विद्यार्थियों ने भी इस अनुभव को अत्यंत उपयोगी, प्रेरणास्पद एवं अविस्मरणीय बताया।


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