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पुलिस लाइन में आरक्षक ने जहर खाकर दी जान, तीन माह में चौथा मामला...:

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धमतरी । छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग से एक और दर्दनाक खबर सामने आई है। धमतरी जिले के रुद्री पुलिस लाइन में तैनात आरक्षक धनेश कुमार देवांगन ने शुक्रवार को जहर खाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।


सूत्रों के मुताबिक, घटना कोतवाली थाना क्षेत्र की है। आरक्षक धनेश कुमार ने किसी अज्ञात कारण से यह कदम उठाया। साथी कर्मियों ने जब उसे गंभीर हालत में देखा तो तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।


पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस परिजनों और सहकर्मियों से पूछताछ कर रही है ताकि घटना के पीछे की वजह सामने आ सके।


यह घटना पिछले कुछ महीनों में पुलिसकर्मियों द्वारा आत्महत्या के लगातार बढ़ते मामलों की कड़ी में नया मामला जोड़ती है:

सितंबर में रायपुर में प्रधान आरक्षक रामआश्रा पोर्ते ने फांसी लगाकर जान दी थी।

अगस्त में बालोद में एएसआई हिरामन मंडावी ने बैरक में फांसी लगाई थी।

इसी महीने कोंडागांव में सीएएफ प्लाटून कमांडर दिनेश सिंह चंदेल ने अपनी राइफल से खुद को गोली मार ली थी।


लगातार हो रही इन आत्महत्याओं ने पुलिस विभाग में मानसिक तनाव और कार्यस्थल के दबाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि आरक्षक धनेश कुमार ने यह कदम क्यों उठाया।





धमतरी । छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग से एक और दर्दनाक खबर सामने आई है। धमतरी जिले के रुद्री पुलिस लाइन में तैनात आरक्षक धनेश कुमार देवांगन ने शुक्रवार को जहर खाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।


सूत्रों के मुताबिक, घटना कोतवाली थाना क्षेत्र की है। आरक्षक धनेश कुमार ने किसी अज्ञात कारण से यह कदम उठाया। साथी कर्मियों ने जब उसे गंभीर हालत में देखा तो तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।


पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस परिजनों और सहकर्मियों से पूछताछ कर रही है ताकि घटना के पीछे की वजह सामने आ सके।


यह घटना पिछले कुछ महीनों में पुलिसकर्मियों द्वारा आत्महत्या के लगातार बढ़ते मामलों की कड़ी में नया मामला जोड़ती है:

सितंबर में रायपुर में प्रधान आरक्षक रामआश्रा पोर्ते ने फांसी लगाकर जान दी थी।

अगस्त में बालोद में एएसआई हिरामन मंडावी ने बैरक में फांसी लगाई थी।

इसी महीने कोंडागांव में सीएएफ प्लाटून कमांडर दिनेश सिंह चंदेल ने अपनी राइफल से खुद को गोली मार ली थी।


लगातार हो रही इन आत्महत्याओं ने पुलिस विभाग में मानसिक तनाव और कार्यस्थल के दबाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि आरक्षक धनेश कुमार ने यह कदम क्यों उठाया।





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