भंडारा वैद्यकीय महाविद्यालय में छात्रों की संख्या बढ़ने के साथ ही आवास की समस्या तेजी से सामने आ सकती है। फिलहाल पहले और दूसरे वर्ष के एमबीबीएस छात्रों के लिए तो किसी तरह निवास की व्यवस्था की गई है, लेकिन आने वाले वर्षों में प्रवेश संख्या बढ़ते ही जगह की कमी गंभीर चुनौती बनने वाली है। इसी पृष्ठभूमि में भारत दूरसंचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) कैंपस की तीन बिल्डिंगों को मेडिकल कॉलेज को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
वर्तमान में मेडिकल कॉलेज अपने छात्रों के रहने के लिए नर्सिंग क्वार्टरों का उपयोग कर रहा है। यहां दो बिल्डिंगों का करारनामा किया गया है, जिनमें लगभग 120 विद्यार्थियों के लिए व्यवस्था उपलब्ध है। इसके अलावा सिविल सर्जन के बंगले के निकट स्थित एक और भवन में करीब 80 छात्रों की व्यवस्था की गई है। इन सभी के सहारे फिलहाल पहले और दूसरे वर्ष के छात्रों के लिए निवास प्रबंधन पर्याप्त रूप से संभाला जा रहा है।इस वर्ष मेडिकल कॉलेज में दूसरे वर्ष के विद्यार्थियों के प्रवेश की प्रक्रिया जारी है।
संस्थान में कुल 100 सीटें निर्धारित की गई हैं, जिनमें से 90 से अधिक सीटें अब तक भर चुकी हैं। आने वाले कुछ दिनों में प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है। हालांकि असली चुनौती अगले शैक्षणिक वर्ष में उत्पन्न होगी, जब नए बैच के साथ छात्र संख्या बढ़ जाएगी और मौजूदा भवन क्षमता कम पड़ने लगेगी। सरकारी प्रक्रियाओं को पूरा होने में आमतौर पर एक वर्ष तक का समय लगता है। इसी कारण प्रशासन ने पहले से ही अतिरिक्त जगह के विकल्प पर काम शुरू कर दिया है।
कुल सीटें : 100
भरी गई सीटें : 90 से अधिक
- नर्सिंग क्वार्टर की 2 बिल्डिंगें, 120 छात्रों की व्यवस्था
- सिविल सर्जन बंगले के पास एक भवन, 80 छात्रों की व्यवस्था
कुल मौजूदा आवास क्षमता : लगभग 200 विद्यार्थी
प्रस्तावित समाधान के तौर पर बीएसएनएल कैंपस की तीन इमारतों का चयन किया गया है। इन बिल्डिंगों को छात्रावास के रूप में विकसित करने का विचार है, ताकि तीसरे और चौथे वर्ष के विद्यार्थियों को व्यवस्थित और सुरक्षित आवास सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। इस बारे में एक प्रस्ताव औपचारिक रूप से आमंत्रित किया गया हैं। प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
शासन की मंजूरी मिलते ही करारनामा तैयार कर उसे अंतिम रूप दिया जाएगा। यदि सभी प्रक्रियाएं समय से पूरी होती हैं और कोई प्रशासनिक अड़चन नहीं आती, तो बीएसएनएल कैंपस की ये तीन इमारतें अगले वर्ष तक मेडिकल कॉलेज को उपलब्ध कराई जा सकती हैं। इन बिल्डिंगों के हस्तांतरण के बाद मेडिकल कॉलेज की आवास संबंधी प्रमुख समस्या काफी हद तक हल होने की उम्मीद है।
बढ़ती छात्र संख्या को देखते हुए यह निर्णय बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे न केवल छात्रों को बेहतर रहने की सुविधा मिलेगी बल्कि कॉलेज प्रशासन पर भी आवास प्रबंधन का दबाव कम होगा। मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता के साथ-साथ छात्र सुविधाओं को भी मजबूत करने की दिशा में यह कदम अहम माना जा रहा है।
भंडारा वैद्यकीय महाविद्यालय में छात्रों की संख्या बढ़ने के साथ ही आवास की समस्या तेजी से सामने आ सकती है। फिलहाल पहले और दूसरे वर्ष के एमबीबीएस छात्रों के लिए तो किसी तरह निवास की व्यवस्था की गई है, लेकिन आने वाले वर्षों में प्रवेश संख्या बढ़ते ही जगह की कमी गंभीर चुनौती बनने वाली है। इसी पृष्ठभूमि में भारत दूरसंचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) कैंपस की तीन बिल्डिंगों को मेडिकल कॉलेज को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
वर्तमान में मेडिकल कॉलेज अपने छात्रों के रहने के लिए नर्सिंग क्वार्टरों का उपयोग कर रहा है। यहां दो बिल्डिंगों का करारनामा किया गया है, जिनमें लगभग 120 विद्यार्थियों के लिए व्यवस्था उपलब्ध है। इसके अलावा सिविल सर्जन के बंगले के निकट स्थित एक और भवन में करीब 80 छात्रों की व्यवस्था की गई है। इन सभी के सहारे फिलहाल पहले और दूसरे वर्ष के छात्रों के लिए निवास प्रबंधन पर्याप्त रूप से संभाला जा रहा है।इस वर्ष मेडिकल कॉलेज में दूसरे वर्ष के विद्यार्थियों के प्रवेश की प्रक्रिया जारी है।
संस्थान में कुल 100 सीटें निर्धारित की गई हैं, जिनमें से 90 से अधिक सीटें अब तक भर चुकी हैं। आने वाले कुछ दिनों में प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है। हालांकि असली चुनौती अगले शैक्षणिक वर्ष में उत्पन्न होगी, जब नए बैच के साथ छात्र संख्या बढ़ जाएगी और मौजूदा भवन क्षमता कम पड़ने लगेगी। सरकारी प्रक्रियाओं को पूरा होने में आमतौर पर एक वर्ष तक का समय लगता है। इसी कारण प्रशासन ने पहले से ही अतिरिक्त जगह के विकल्प पर काम शुरू कर दिया है।
कुल सीटें : 100
भरी गई सीटें : 90 से अधिक
- नर्सिंग क्वार्टर की 2 बिल्डिंगें, 120 छात्रों की व्यवस्था
- सिविल सर्जन बंगले के पास एक भवन, 80 छात्रों की व्यवस्था
कुल मौजूदा आवास क्षमता : लगभग 200 विद्यार्थी
प्रस्तावित समाधान के तौर पर बीएसएनएल कैंपस की तीन इमारतों का चयन किया गया है। इन बिल्डिंगों को छात्रावास के रूप में विकसित करने का विचार है, ताकि तीसरे और चौथे वर्ष के विद्यार्थियों को व्यवस्थित और सुरक्षित आवास सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। इस बारे में एक प्रस्ताव औपचारिक रूप से आमंत्रित किया गया हैं। प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
शासन की मंजूरी मिलते ही करारनामा तैयार कर उसे अंतिम रूप दिया जाएगा। यदि सभी प्रक्रियाएं समय से पूरी होती हैं और कोई प्रशासनिक अड़चन नहीं आती, तो बीएसएनएल कैंपस की ये तीन इमारतें अगले वर्ष तक मेडिकल कॉलेज को उपलब्ध कराई जा सकती हैं। इन बिल्डिंगों के हस्तांतरण के बाद मेडिकल कॉलेज की आवास संबंधी प्रमुख समस्या काफी हद तक हल होने की उम्मीद है।
बढ़ती छात्र संख्या को देखते हुए यह निर्णय बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे न केवल छात्रों को बेहतर रहने की सुविधा मिलेगी बल्कि कॉलेज प्रशासन पर भी आवास प्रबंधन का दबाव कम होगा। मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता के साथ-साथ छात्र सुविधाओं को भी मजबूत करने की दिशा में यह कदम अहम माना जा रहा है।



Journalist खबरीलाल














