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Raipur (खबरीलाल न्यूज़) :: सांसद बृजमोहन ने छत्तीसगढ़ के राइस मिलर्स और सूक्ष्म उद्योगों के हितों के लिए संसद का ध्यान कराया आकर्षित:

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नई दिल्ली / रायपुर 12 फरवरी - रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में देश और विशेषकर छत्तीसगढ़ के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) की ज्वलंत समस्याओं को पूरी प्रखरता के साथ उठाया। श्री अग्रवाल ने 'समाधान पोर्टल' के माध्यम से उद्यमियों के रुके हुए भुगतानों और आवेदनों के निपटान में हो रही देरी पर सरकार से सीधा सवाल किया।

उद्यमियों के हितों की मजबूत पैरवी - सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने सदन में पूछा कि समाधान पोर्टल पर दर्ज मामलों का वर्तमान अनुपात क्या है और छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों में आवेदन स्वीकार करने में देरी के मुख्य कारण क्या हैं। उन्होंने विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के राइस मिल मालिकों की शिकायतों और उनके लंबित भुगतानों का डेटा भी मांगा।

केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम राज्य मंत्री शोभा करांदलाजे ने बताया कि, छत्तीसगढ़ राज्य में अब तक 2,788 मामले दर्ज किए गए हैं। वहीं, राइस मिलिंग गतिविधि (NIC Code: 10612) के तहत 19 विशिष्ट आवेदन दर्ज हैं।देशभर में अब तक कुल 2,56,892 आवेदन आए हैं, जिनमें से 1,57,997 का निपटान किया जा चुका है। सरकार ने बताया कि 15 अक्टूबर 2025 से मामलों के और भी त्वरित निपटान के लिए नया 'MSME ODR पोर्टल' शुरू किया गया है।

सांसद अग्रवाल द्वारा वैधानिक समय-सीमा के अनुपालन पर उठाए गए सवाल का सकारात्मक असर यह हुआ कि मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ में विश्व बैंक की सहायता प्राप्त 'रैम्प' (RAMP) योजना के तहत बुनियादी ढांचे और मानव संसाधन को सुदृढ़ करने की जानकारी दी। सरकार ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ के उद्योग निदेशालय ने अब पुराने मामलों को प्राथमिकता देने और 'कॉज लिस्ट' ट्रैकिंग जैसे सख्त उपाय लागू किए हैं ताकि उद्यमियों का पैसा न फंसे।

छोटे व्यापारियों के लिए सुरक्षा कवच की मांग - बृजमोहन अग्रवाल ने दिवालियापन कार्यवाही (Insolvency) के दौरान एमएसएमई के डूबते कर्ज पर भी चिंता जताई। इस पर मंत्रालय ने आश्वस्त किया कि दिवालियापन संहिता 2016 के तहत एमएसएमई को 'परिचालन लेनदार' के रूप में सुरक्षा दी जा रही है। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, "हमारी प्राथमिकता है कि छत्तीसगढ़ का छोटा उद्यमी और राइस मिलर्स बिचौलियों या सरकारी लेटलतीफी का शिकार न हों। समाधान पोर्टल की कमियों को दूर कराना और प्रदेश के व्यापारिक हितों की रक्षा करना मेरा संकल्प है।" इस सफल हस्तक्षेप के लिए छत्तीसगढ़ के व्यापारिक संगठनों और एमएसएमई संघों ने सांसद बृजमोहन अग्रवाल का आभार व्यक्त किया है।


नई दिल्ली / रायपुर 12 फरवरी - रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में देश और विशेषकर छत्तीसगढ़ के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) की ज्वलंत समस्याओं को पूरी प्रखरता के साथ उठाया। श्री अग्रवाल ने 'समाधान पोर्टल' के माध्यम से उद्यमियों के रुके हुए भुगतानों और आवेदनों के निपटान में हो रही देरी पर सरकार से सीधा सवाल किया।

उद्यमियों के हितों की मजबूत पैरवी - सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने सदन में पूछा कि समाधान पोर्टल पर दर्ज मामलों का वर्तमान अनुपात क्या है और छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों में आवेदन स्वीकार करने में देरी के मुख्य कारण क्या हैं। उन्होंने विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के राइस मिल मालिकों की शिकायतों और उनके लंबित भुगतानों का डेटा भी मांगा।

केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम राज्य मंत्री शोभा करांदलाजे ने बताया कि, छत्तीसगढ़ राज्य में अब तक 2,788 मामले दर्ज किए गए हैं। वहीं, राइस मिलिंग गतिविधि (NIC Code: 10612) के तहत 19 विशिष्ट आवेदन दर्ज हैं।देशभर में अब तक कुल 2,56,892 आवेदन आए हैं, जिनमें से 1,57,997 का निपटान किया जा चुका है। सरकार ने बताया कि 15 अक्टूबर 2025 से मामलों के और भी त्वरित निपटान के लिए नया 'MSME ODR पोर्टल' शुरू किया गया है।

सांसद अग्रवाल द्वारा वैधानिक समय-सीमा के अनुपालन पर उठाए गए सवाल का सकारात्मक असर यह हुआ कि मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ में विश्व बैंक की सहायता प्राप्त 'रैम्प' (RAMP) योजना के तहत बुनियादी ढांचे और मानव संसाधन को सुदृढ़ करने की जानकारी दी। सरकार ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ के उद्योग निदेशालय ने अब पुराने मामलों को प्राथमिकता देने और 'कॉज लिस्ट' ट्रैकिंग जैसे सख्त उपाय लागू किए हैं ताकि उद्यमियों का पैसा न फंसे।

छोटे व्यापारियों के लिए सुरक्षा कवच की मांग - बृजमोहन अग्रवाल ने दिवालियापन कार्यवाही (Insolvency) के दौरान एमएसएमई के डूबते कर्ज पर भी चिंता जताई। इस पर मंत्रालय ने आश्वस्त किया कि दिवालियापन संहिता 2016 के तहत एमएसएमई को 'परिचालन लेनदार' के रूप में सुरक्षा दी जा रही है। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, "हमारी प्राथमिकता है कि छत्तीसगढ़ का छोटा उद्यमी और राइस मिलर्स बिचौलियों या सरकारी लेटलतीफी का शिकार न हों। समाधान पोर्टल की कमियों को दूर कराना और प्रदेश के व्यापारिक हितों की रक्षा करना मेरा संकल्प है।" इस सफल हस्तक्षेप के लिए छत्तीसगढ़ के व्यापारिक संगठनों और एमएसएमई संघों ने सांसद बृजमोहन अग्रवाल का आभार व्यक्त किया है।


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