बेंगलूरु । आवश्यकता को आविष्कार की जननी कहा जाता है, लेकिन इस बार 'आलस्य' भी प्रेरणा बन गया। पंकज नाम के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने ऐसा एआई सिस्टम तैयार किया है जो उनके सोने के अंदाज को देखकर छत के पंखे की स्पीड खुद तय करता है। रात में अगर उनके हाथ या पैर कंबल से बाहर निकलते हैं तो सिस्टम समझ जाता है कि गर्मी लग रही है और पंखा तेज कर देता है। वहीं अगर वे सिकुड़कर सो रहे हों तो पंखा धीमा या बंद हो जाता है।
बेंगलूरु । आवश्यकता को आविष्कार की जननी कहा जाता है, लेकिन इस बार 'आलस्य' भी प्रेरणा बन गया। पंकज नाम के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने ऐसा एआई सिस्टम तैयार किया है जो उनके सोने के अंदाज को देखकर छत के पंखे की स्पीड खुद तय करता है। रात में अगर उनके हाथ या पैर कंबल से बाहर निकलते हैं तो सिस्टम समझ जाता है कि गर्मी लग रही है और पंखा तेज कर देता है। वहीं अगर वे सिकुड़कर सो रहे हों तो पंखा धीमा या बंद हो जाता है।



Journalist खबरीलाल














