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Bilaspur (खबरीलाल न्यूज़) :: ज्ञानभारत मिशन को गति : कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति की पहली बैठक, पांडुलिपि संरक्षण के लिए शुरू हुआ खोज अभियान:

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बिलासपुर, 13 अप्रैल 2026/भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए “ज्ञानभारत मिशन” के तहत राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान को जिले में गति दी जा रही है। इसी क्रम में कलेक्टर संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति की प्रथम बैठक आयोजित की गई। बैठक के उपरांत समिति ने जिले में पांडुलिपियों की खोज का अभियान भी प्रारंभ कर दिया। बैठक में जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के कुलसचिव तारनिश गौतम, साहित्यकार विनय पाठक, सहायक संचालक शिक्षा पी. दासरथी तथा समग्र शिक्षा मिशन के समन्वयक ओम पांडे सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। इस दौरान जिले में उपलब्ध प्राचीन पांडुलिपियों, ताड़पत्रों एवं हस्तलिखित ग्रंथों के चिन्हांकन, सर्वेक्षण और संरक्षण हेतु विस्तृत कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया गया।

   कलेक्टर संजय अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासकीय एवं निजी संग्रह केंद्रों, पुस्तकालयों, मंदिरों, मठों, आश्रमों और व्यक्तिगत संग्रहकर्ताओं के पास उपलब्ध पांडुलिपियों का व्यवस्थित सर्वेक्षण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि यह अभियान हमारी सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने का सशक्त माध्यम है, जिसके लिए सभी विभागों के समन्वित प्रयास आवश्यक हैं।कलेक्टर ने जिले के नागरिकों, विद्वानों, संस्थाओं एवं निजी संग्रहकर्ताओं से अपील की है कि यदि उनके पास किसी भी प्रकार की प्राचीन पांडुलिपियां, ताड़पत्र या हस्तलिखित ग्रंथ सुरक्षित हैं, तो वे इसकी जानकारी प्रशासन को अवश्य दें। उन्होंने कहा कि जानकारी के अभाव में कई अमूल्य पांडुलिपियां नष्ट हो जाती हैं, जबकि “ज्ञानभारत मिशन” का उद्देश्य इन्हें डिजिटल रूप में संरक्षित कर आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना है। इस अभियान को तकनीक से भी जोड़ा गया है। नागरिक “ज्ञानभारत” मोबाइल ऐप के माध्यम से पांडुलिपियों की जानकारी साझा कर सकते हैं। सरल प्रक्रिया के तहत जानकारी दर्ज करने पर विशेषज्ञ टीम संबंधित व्यक्तियों से संपर्क कर संरक्षण की प्रक्रिया प्रारंभ करेगी। कलेक्टर ने इतिहास एवं संस्कृति में रुचि रखने वाले शोधार्थियों और विद्यार्थियों से भी इस अभियान से जुड़ने का आह्वान किया है, ताकि जिले की समृद्ध विरासत का दस्तावेजीकरण कर उसे सुरक्षित रखा जा सके।पांडुलिपि की तलाश में स्वयं निकले कलेक्टर

समिति की बैठक के पश्चात कलेक्टर के नेतृत्व में समिति के सदस्य पांडुलिपियों की खोज के लिए क्षेत्र भ्रमण पर निकले। इस दौरान वे बिलासपुर के शुभम विहार स्थित पूर्व कुलसचिव और शिक्षाविद श्री नंद किशोर तिवारी के निवास पहुंचे, जहां पांडुलिपियों के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। श्री तिवारी ने बताया कि बिलासपुर सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत समृद्ध रहा है और आज भी कई प्राचीन पांडुलिपियां मंदिरों, मठों और पुजारियों के पास सुरक्षित हैं। उन्होंने इस अभियान की सराहना करते हुए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।


बिलासपुर, 13 अप्रैल 2026/भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए “ज्ञानभारत मिशन” के तहत राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान को जिले में गति दी जा रही है। इसी क्रम में कलेक्टर संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति की प्रथम बैठक आयोजित की गई। बैठक के उपरांत समिति ने जिले में पांडुलिपियों की खोज का अभियान भी प्रारंभ कर दिया। बैठक में जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के कुलसचिव तारनिश गौतम, साहित्यकार विनय पाठक, सहायक संचालक शिक्षा पी. दासरथी तथा समग्र शिक्षा मिशन के समन्वयक ओम पांडे सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। इस दौरान जिले में उपलब्ध प्राचीन पांडुलिपियों, ताड़पत्रों एवं हस्तलिखित ग्रंथों के चिन्हांकन, सर्वेक्षण और संरक्षण हेतु विस्तृत कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया गया।

   कलेक्टर संजय अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासकीय एवं निजी संग्रह केंद्रों, पुस्तकालयों, मंदिरों, मठों, आश्रमों और व्यक्तिगत संग्रहकर्ताओं के पास उपलब्ध पांडुलिपियों का व्यवस्थित सर्वेक्षण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि यह अभियान हमारी सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने का सशक्त माध्यम है, जिसके लिए सभी विभागों के समन्वित प्रयास आवश्यक हैं।कलेक्टर ने जिले के नागरिकों, विद्वानों, संस्थाओं एवं निजी संग्रहकर्ताओं से अपील की है कि यदि उनके पास किसी भी प्रकार की प्राचीन पांडुलिपियां, ताड़पत्र या हस्तलिखित ग्रंथ सुरक्षित हैं, तो वे इसकी जानकारी प्रशासन को अवश्य दें। उन्होंने कहा कि जानकारी के अभाव में कई अमूल्य पांडुलिपियां नष्ट हो जाती हैं, जबकि “ज्ञानभारत मिशन” का उद्देश्य इन्हें डिजिटल रूप में संरक्षित कर आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना है। इस अभियान को तकनीक से भी जोड़ा गया है। नागरिक “ज्ञानभारत” मोबाइल ऐप के माध्यम से पांडुलिपियों की जानकारी साझा कर सकते हैं। सरल प्रक्रिया के तहत जानकारी दर्ज करने पर विशेषज्ञ टीम संबंधित व्यक्तियों से संपर्क कर संरक्षण की प्रक्रिया प्रारंभ करेगी। कलेक्टर ने इतिहास एवं संस्कृति में रुचि रखने वाले शोधार्थियों और विद्यार्थियों से भी इस अभियान से जुड़ने का आह्वान किया है, ताकि जिले की समृद्ध विरासत का दस्तावेजीकरण कर उसे सुरक्षित रखा जा सके।पांडुलिपि की तलाश में स्वयं निकले कलेक्टर

समिति की बैठक के पश्चात कलेक्टर के नेतृत्व में समिति के सदस्य पांडुलिपियों की खोज के लिए क्षेत्र भ्रमण पर निकले। इस दौरान वे बिलासपुर के शुभम विहार स्थित पूर्व कुलसचिव और शिक्षाविद श्री नंद किशोर तिवारी के निवास पहुंचे, जहां पांडुलिपियों के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। श्री तिवारी ने बताया कि बिलासपुर सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत समृद्ध रहा है और आज भी कई प्राचीन पांडुलिपियां मंदिरों, मठों और पुजारियों के पास सुरक्षित हैं। उन्होंने इस अभियान की सराहना करते हुए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।


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