हैदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा समय में भारत को आर्थिक मोर्चे पर समझदारी दिखाने की जरूरत है.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद की रैली में लोगों से सीधे अपील की है कि अगले एक साल तक सोना खरीदना टाल दो और विदेश घूमने का प्लान भी पोस्टपोन कर दें. साथ ही उन्होंने पेट्रोल-डीजल कम इस्तेमाल करने, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और इलेक्ट्रिक वाहन ज्यादा इस्तेमाल करने, वर्क फ्रॉम होम करने और स्वदेशी चीजें खरीदने की भी सलाह दी है. तो सवाल ये है कि आखिर ऐसा क्यों कहा गया?
हैदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा समय में भारत को आर्थिक मोर्चे पर समझदारी दिखाने की जरूरत है.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद की रैली में लोगों से सीधे अपील की है कि अगले एक साल तक सोना खरीदना टाल दो और विदेश घूमने का प्लान भी पोस्टपोन कर दें. साथ ही उन्होंने पेट्रोल-डीजल कम इस्तेमाल करने, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और इलेक्ट्रिक वाहन ज्यादा इस्तेमाल करने, वर्क फ्रॉम होम करने और स्वदेशी चीजें खरीदने की भी सलाह दी है. तो सवाल ये है कि आखिर ऐसा क्यों कहा गया?
जब भारत विदेशों से सोना खरीदता है तो इसके बदले बड़ी मात्रा में डॉलर खर्च होते हैं. यही वजह है कि सोने का ज्यादा आयात देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा देता है. पहले से ही भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के रूप में विदेशों से खरीदता है. अब अगर तेल महंगा हो जाए और साथ में सोने का आयात भी बढ़े, तो सरकार पर आर्थिक बोझ और बढ़ जाता है.
अभी बाजार में क्या हाल है? पिछले कुछ महीनों में सोने का आयात बहुत तेजी से गिरा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले कुछ महीनों में सोने के आयात में बड़ी गिरावट देखने को मिली है. जनवरी में जहां करीब 100 टन सोना आयात हुआ था, वहीं अप्रैल तक यह आंकड़ा काफी नीचे आ गया. इसकी एक वजह सोने की बढ़ती कीमतें हैं, जबकि दूसरी वजह आयात प्रक्रिया में आई रुकावटें मानी जा रही हैं.
अभी बाजार में क्या हाल है? पिछले कुछ महीनों में सोने का आयात बहुत तेजी से गिरा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले कुछ महीनों में सोने के आयात में बड़ी गिरावट देखने को मिली है. जनवरी में जहां करीब 100 टन सोना आयात हुआ था, वहीं अप्रैल तक यह आंकड़ा काफी नीचे आ गया. इसकी एक वजह सोने की बढ़ती कीमतें हैं, जबकि दूसरी वजह आयात प्रक्रिया में आई रुकावटें मानी जा रही हैं.
प्रधानमंत्री की अपील का मकसद लोगों को डराना नहीं, बल्कि देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाए रखना है. सरकार चाहती है कि लोग फिलहाल जरूरी खर्चों पर ध्यान दें और विदेशी सामान पर निर्भरता कम करें.
इस बयान के बाद शेयर बाजार में ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों पर भी नजर बनी हुई है. टाइटन, कल्याण ज्वेलर्स और सेंको गोल्ड जैसी कंपनियां चर्चा में हैं क्योंकि आने वाले महीनों में सोने की मांग पर इसका असर पड़ सकता है.
हैदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा समय में भारत को आर्थिक मोर्चे पर समझदारी दिखाने की जरूरत है.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद की रैली में लोगों से सीधे अपील की है कि अगले एक साल तक सोना खरीदना टाल दो और विदेश घूमने का प्लान भी पोस्टपोन कर दें. साथ ही उन्होंने पेट्रोल-डीजल कम इस्तेमाल करने, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और इलेक्ट्रिक वाहन ज्यादा इस्तेमाल करने, वर्क फ्रॉम होम करने और स्वदेशी चीजें खरीदने की भी सलाह दी है. तो सवाल ये है कि आखिर ऐसा क्यों कहा गया?
हैदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा समय में भारत को आर्थिक मोर्चे पर समझदारी दिखाने की जरूरत है.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद की रैली में लोगों से सीधे अपील की है कि अगले एक साल तक सोना खरीदना टाल दो और विदेश घूमने का प्लान भी पोस्टपोन कर दें. साथ ही उन्होंने पेट्रोल-डीजल कम इस्तेमाल करने, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और इलेक्ट्रिक वाहन ज्यादा इस्तेमाल करने, वर्क फ्रॉम होम करने और स्वदेशी चीजें खरीदने की भी सलाह दी है. तो सवाल ये है कि आखिर ऐसा क्यों कहा गया?
जब भारत विदेशों से सोना खरीदता है तो इसके बदले बड़ी मात्रा में डॉलर खर्च होते हैं. यही वजह है कि सोने का ज्यादा आयात देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा देता है. पहले से ही भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के रूप में विदेशों से खरीदता है. अब अगर तेल महंगा हो जाए और साथ में सोने का आयात भी बढ़े, तो सरकार पर आर्थिक बोझ और बढ़ जाता है.
अभी बाजार में क्या हाल है? पिछले कुछ महीनों में सोने का आयात बहुत तेजी से गिरा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले कुछ महीनों में सोने के आयात में बड़ी गिरावट देखने को मिली है. जनवरी में जहां करीब 100 टन सोना आयात हुआ था, वहीं अप्रैल तक यह आंकड़ा काफी नीचे आ गया. इसकी एक वजह सोने की बढ़ती कीमतें हैं, जबकि दूसरी वजह आयात प्रक्रिया में आई रुकावटें मानी जा रही हैं.
अभी बाजार में क्या हाल है? पिछले कुछ महीनों में सोने का आयात बहुत तेजी से गिरा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले कुछ महीनों में सोने के आयात में बड़ी गिरावट देखने को मिली है. जनवरी में जहां करीब 100 टन सोना आयात हुआ था, वहीं अप्रैल तक यह आंकड़ा काफी नीचे आ गया. इसकी एक वजह सोने की बढ़ती कीमतें हैं, जबकि दूसरी वजह आयात प्रक्रिया में आई रुकावटें मानी जा रही हैं.
प्रधानमंत्री की अपील का मकसद लोगों को डराना नहीं, बल्कि देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाए रखना है. सरकार चाहती है कि लोग फिलहाल जरूरी खर्चों पर ध्यान दें और विदेशी सामान पर निर्भरता कम करें.
इस बयान के बाद शेयर बाजार में ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों पर भी नजर बनी हुई है. टाइटन, कल्याण ज्वेलर्स और सेंको गोल्ड जैसी कंपनियां चर्चा में हैं क्योंकि आने वाले महीनों में सोने की मांग पर इसका असर पड़ सकता है.



Journalist खबरीलाल














