- शिविर में मौके पर बने प्रमाण पत्र, ग्रामीणों के चेहरों पर लौटी मुस्कान
रायपुर, सुशासन तिहार 2026 के तहत सुकमा जिले में प्रशासन द्वारा गांव-गांव शिविर लगाकर आम लोगों तक शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। कलेक्टर सुकमा के निर्देशन में जिले के सभी विकासखंडों में शिविर आयोजित कर लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा रहा है। शिविरों में नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, जॉब कार्ड तथा जन्म, मृत्यु और विवाह पंजीकरण जैसे जरूरी कार्य मौके पर ही किए जा रहे हैं। साथ ही विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं से लाभान्वित लोगों के नामों का सार्वजनिक वाचन भी किया जा रहा है।
सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड के दूरस्थ एवं पूर्व में नक्सल प्रभावित गांव उसकेवाया में आयोजित शिविर ग्रामीणों के लिए राहत लेकर आया। शिविर में लोगों को जाति, निवास और जन्म प्रमाण पत्र सहित अन्य जरूरी दस्तावेज तुरंत उपलब्ध कराए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा दो हितग्राहियों की गोद भराई रस्म भी कराई गई, जिससे मातृ स्वास्थ्य और पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ी।
कक्षा 10वीं की छात्रा मड़कम पायके ने निवास प्रमाण पत्र मिलने पर खुशी जताते हुए कहा कि अब उनकी पढ़ाई और आगे की योजनाओं में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। वहीं मड़कम भारती, पूजा और दीपक ने भी जाति प्रमाण पत्र मिलने पर प्रसन्नता जाहिर की।
जिला प्रशासन का लक्ष्य जिले के सभी गांवों में 31 व्यक्तिगत योजनाओं और 14 सामुदायिक सुविधाओं का लाभ पात्र लोगों तक शत-प्रतिशत पहुंचाना है। सुशासन शिविरों के माध्यम से बिजली, ट्रांसफार्मर सुधार, हैंडपंप मरम्मत, मनरेगा भुगतान, पेंशन, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और शौचालय निर्माण से संबंधित मामलों का भी त्वरित निराकरण किया जा रहा है। इसके अलावा पंचायत सचिवों द्वारा योजनाओं के हितग्राहियों की सूची ग्राम पंचायतों में सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जा रही है, जिससे पारदर्शिता बढ़ रही है। प्रशासन की यह पहल ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है, क्योंकि अब लोगों को छोटे-छोटे कामों के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं।
- शिविर में मौके पर बने प्रमाण पत्र, ग्रामीणों के चेहरों पर लौटी मुस्कान
रायपुर, सुशासन तिहार 2026 के तहत सुकमा जिले में प्रशासन द्वारा गांव-गांव शिविर लगाकर आम लोगों तक शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। कलेक्टर सुकमा के निर्देशन में जिले के सभी विकासखंडों में शिविर आयोजित कर लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा रहा है। शिविरों में नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, जॉब कार्ड तथा जन्म, मृत्यु और विवाह पंजीकरण जैसे जरूरी कार्य मौके पर ही किए जा रहे हैं। साथ ही विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं से लाभान्वित लोगों के नामों का सार्वजनिक वाचन भी किया जा रहा है।
सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड के दूरस्थ एवं पूर्व में नक्सल प्रभावित गांव उसकेवाया में आयोजित शिविर ग्रामीणों के लिए राहत लेकर आया। शिविर में लोगों को जाति, निवास और जन्म प्रमाण पत्र सहित अन्य जरूरी दस्तावेज तुरंत उपलब्ध कराए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा दो हितग्राहियों की गोद भराई रस्म भी कराई गई, जिससे मातृ स्वास्थ्य और पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ी।
कक्षा 10वीं की छात्रा मड़कम पायके ने निवास प्रमाण पत्र मिलने पर खुशी जताते हुए कहा कि अब उनकी पढ़ाई और आगे की योजनाओं में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। वहीं मड़कम भारती, पूजा और दीपक ने भी जाति प्रमाण पत्र मिलने पर प्रसन्नता जाहिर की।
जिला प्रशासन का लक्ष्य जिले के सभी गांवों में 31 व्यक्तिगत योजनाओं और 14 सामुदायिक सुविधाओं का लाभ पात्र लोगों तक शत-प्रतिशत पहुंचाना है। सुशासन शिविरों के माध्यम से बिजली, ट्रांसफार्मर सुधार, हैंडपंप मरम्मत, मनरेगा भुगतान, पेंशन, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और शौचालय निर्माण से संबंधित मामलों का भी त्वरित निराकरण किया जा रहा है। इसके अलावा पंचायत सचिवों द्वारा योजनाओं के हितग्राहियों की सूची ग्राम पंचायतों में सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जा रही है, जिससे पारदर्शिता बढ़ रही है। प्रशासन की यह पहल ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है, क्योंकि अब लोगों को छोटे-छोटे कामों के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं।



Journalist खबरीलाल














