फीफा विश्व कप 2026 के अपने पहले ग्रुप मुकाबले में जर्मनी से 1-7 की हार के बाद कुराकाओ के मुख्य कोच डिक एडवोकेट ने खिलाड़ियों से हौसला बनाए रखने की अपील की है। उनका कहना है कि विश्व कप के लिए क्वालिफाई करना ही कैरेबियाई टीम के लिए बड़ी उपलब्धि है और इस हार से उस सफलता का महत्व कम नहीं होता।
78 वर्षीय एडवोकेट ने कहा, “जर्मनी इस प्रतियोगिता की सबसे मजबूत टीमों में से एक है, और हम जानते थे कि यह एक मुश्किल चुनौती होगी। बेशक, स्कोरलाइन निराशाजनक है, लेकिन मुझे नहीं लगता कि उस स्तर की टीम से हारने में कोई शर्म की बात है।” एडवोकेट ने कहा कि कुराकाओ को उम्मीद थी कि वे जर्मनी के लिए मुश्किलें खड़ी करेंगे, लेकिन डिफेंस में हुई गलतियों की वजह से उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ा। उन्होंने माना कि जर्मनी की आक्रामक क्षमता का सामना करना टीम के लिए मुश्किल रहा, खासकर दूसरे हाफ में।
उन्होंने आगे कहा कि अब उनका पूरा ध्यान खिलाड़ियों को मानसिक रूप से मजबूत करने पर है, ताकि वे इक्वाडोर के खिलाफ अगले ग्रुप मैच से पहले खुद को फिर से तैयार कर सकें। “हमें अपना आत्मविश्वास बनाए रखना होगा और खुद पर भरोसा करते रहना होगा। यह हमारा पहला वर्ल्ड कप है, और बाकी मुकाबलों में अभी भी बहुत कुछ खेलना बाकी है।”
एडवोकेट ने कुराकाओ के समर्थकों की भी सराहना की, जो ह्यूस्टन में टीम को सपोर्ट करने पहुंचे थे और उन्होंने पूरे मैच के दौरान शानदार और उत्साहपूर्ण माहौल बनाया। उन्होंने कहा कि फैंस का यह जोश टीम के ऐतिहासिक अभियान की अहमियत को दर्शाता है। इसके साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि खिलाड़ी दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल मंच पर खेलने के इस अनुभव का पूरा आनंद लेते रहेंगे।कुराकाओ का अगला मुकाबला इक्वाडोर से होगा, जबकि जर्मनी की टीम कोटे डी आइवर के खिलाफ खेलेगी।
फीफा विश्व कप 2026 के अपने पहले ग्रुप मुकाबले में जर्मनी से 1-7 की हार के बाद कुराकाओ के मुख्य कोच डिक एडवोकेट ने खिलाड़ियों से हौसला बनाए रखने की अपील की है। उनका कहना है कि विश्व कप के लिए क्वालिफाई करना ही कैरेबियाई टीम के लिए बड़ी उपलब्धि है और इस हार से उस सफलता का महत्व कम नहीं होता।
78 वर्षीय एडवोकेट ने कहा, “जर्मनी इस प्रतियोगिता की सबसे मजबूत टीमों में से एक है, और हम जानते थे कि यह एक मुश्किल चुनौती होगी। बेशक, स्कोरलाइन निराशाजनक है, लेकिन मुझे नहीं लगता कि उस स्तर की टीम से हारने में कोई शर्म की बात है।” एडवोकेट ने कहा कि कुराकाओ को उम्मीद थी कि वे जर्मनी के लिए मुश्किलें खड़ी करेंगे, लेकिन डिफेंस में हुई गलतियों की वजह से उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ा। उन्होंने माना कि जर्मनी की आक्रामक क्षमता का सामना करना टीम के लिए मुश्किल रहा, खासकर दूसरे हाफ में।
उन्होंने आगे कहा कि अब उनका पूरा ध्यान खिलाड़ियों को मानसिक रूप से मजबूत करने पर है, ताकि वे इक्वाडोर के खिलाफ अगले ग्रुप मैच से पहले खुद को फिर से तैयार कर सकें। “हमें अपना आत्मविश्वास बनाए रखना होगा और खुद पर भरोसा करते रहना होगा। यह हमारा पहला वर्ल्ड कप है, और बाकी मुकाबलों में अभी भी बहुत कुछ खेलना बाकी है।”
एडवोकेट ने कुराकाओ के समर्थकों की भी सराहना की, जो ह्यूस्टन में टीम को सपोर्ट करने पहुंचे थे और उन्होंने पूरे मैच के दौरान शानदार और उत्साहपूर्ण माहौल बनाया। उन्होंने कहा कि फैंस का यह जोश टीम के ऐतिहासिक अभियान की अहमियत को दर्शाता है। इसके साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि खिलाड़ी दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल मंच पर खेलने के इस अनुभव का पूरा आनंद लेते रहेंगे।कुराकाओ का अगला मुकाबला इक्वाडोर से होगा, जबकि जर्मनी की टीम कोटे डी आइवर के खिलाफ खेलेगी।



Journalist खबरीलाल














