जब भी स्किन केयर की बात आती है, तो फेश क्लींजर, मॉइश्चराइजर और स्क्रब को ही शामिल किया जाता है, लेकिन फेस सीरम ज्यादा प्रचलित नहीं होने के कारण इसके फायदों से अनजान रह जाते हैं।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये फेस सीरम स्किन के लिए किसी मैजिक से कम नहीं होता है। फेश सीरम के रोजाना इस्तेमाल से स्किन ज्यादा यंग व जवां नजर आती है। ऐसे में आपके लिए ये जानना बहुत जरूरी है कि फेस सीरम क्या है और आप किन इंग्रेडिएंट्स से बने फेस सीरम का इस्तेमाल करके अपने स्किन को फायदा पहुंचा सकती हैं।
फेश सरीम एक वाटर बेस्ड व बहुत ही लाइट वेट कंसनट्रेटेड लिक्विड होता है। लाइटवेट होने के कारण यह स्किन में आसानी से एब्जॉर्ब हो जाता है। साथ ही इसमें इतने ज्यादा एक्टिव इंग्रेडिएंट्स होते हैं, जो स्किन को हाइड्रेट, यंग व त्वचा संबंधी समस्याओं पर फोकस करता है। सीरम का काम असल में त्वचा में कसाव लाना, चमक व मॉइश्चराइज करके यंग बनाना है।
कैसा होना चाहिए आपका सीरम
विटामिन सी युक्त सीरम
अगर बात हो विटामिन सी की तो ये न सिर्फ शरीर की इम्युनिटी को बूस्ट करने का काम करता है , बल्कि ये स्किन की भी इम्युनिटी को बूस्ट करने में काफी मददगार है। साथ ही इसकी एंटी एजिंग प्रोपर्टीज स्किन को हमेशा यंग बनाए रखती है। विटामिन सी त्वचा में मेलानिन प्रोडक्शन को रोकने का भी काम करता है। जिससे त्वचा की रंगत सामान्य हो जाती है, साथ ही डार्क स्पॉट्स , सन स्पॉट्स , मुंहासों के कारण होने वाले दाग धब्बों को कम करने व मेलास्मा के कारण होने वाली हाइपरपिगमेंटेशन को कम करने का काम करता है।
वैसे तो विटामिन सी हर किसी की स्किन के लिए बेस्ट है, लेकिन अगर आप एंटी एजिंग, झुर्रियों व फाइन लाइन्स की समस्या का समाधान ढूंढ रहे हैं, तो इसके लिए विटामिन सी सीरम बेस्ट है।
ह्यलुरोनिक एसिड
स्किन की अगर नमी खत्म होने लगती है, तो स्किन बेजान व स्किन का सारा चार्म खत्म होने लगता है। लेकिन ह्यलुरोनिक एसिड स्किन को हाइड्रेट करने का काम करता है, स्किन के मॉइश्चर को स्किन में लॉक करने का काम करता है। ये स्किन को रिपेयर करने में भी मदद करता है, साथ ही ये डैमेज टिश्यू तक ब्लड फ्लो को पहुंचाता है।
अगर आपकी स्किन ड्राई है, ह्यलुरोनिक एसिड इसे नरीश करने में भी मददगार है। ये स्किन सेल्स में वाटर को बाइड करके उसे स्मूद , हाइड्रेट और फ्रेश फील करवाने का काम करता है और जब स्किन हाइड्रेट रहती है तो स्किन पर एजिंग के निशान भी नहीं दिखाई देते हैं।
रेटिनोल
रेटिनोल का सीधा संबंध कोलेजिन प्रोडक्शन में तेजी लाना है। इस सीरम में रेटिनोल स्टार इंग्रेडिएंट्स के रूप में काम करता है। ये झुर्रियों, फाइन लाइन्स व एक्ने मार्क्स को हल्का करके स्किन के ग्लो व उसकी स्मूदनेस को बनाए रखने का काम करता है। ये नार्मल से ड्राई स्किन सभी तरह की स्किन टाइप पर सूट करता है। साथ ही ये पोर्स को अनब्लॉक करके एक्ने से लड़ने में बहुत ही असरदार होता है। इसी के साथ ये एजिंग के साइन को कम करके स्किन के टेक्सचर व टोन को इम्प्रूव करने का काम करता है।

हेक्सीलयेरीसोरकिनोल
इसमें एंटी-ऑक्सीडेंट, एस्ट्रिंजेंट , ब्राइटनिंग और इवन स्किन टोन प्रॉपर्टीज होती हैं। इसकी स्किन ब्राइटनिंग प्रॉपर्टीज स्किन की रंगत को इम्प्रूव करके चेहरे को निखारने का काम करती है। इसकी एंटी-ऑक्सीडेंट प्रॉपर्टीज प्रर्यावरण में मौजूद फ्री रेडिकल्स से स्किन की सुरक्षा करती है। अगर आपकी स्किन डल है यानि आपको हाइपरपिग्मेंटेड स्किन डिसऑर्डर है तो आप इस इंग्रीडिएंट से बने सीरम का इस्तेमाल करके अपने स्किन टेक्स्चर को इंप्रूव कर सकते हैं।
एंटी इंफ्लेमेटरी प्रोपर्टीज
इन सबके अलावा इस बात खा ध्यान रखना भी जरूरी है कि यदि आपकी स्किन सेंसिटिव है तो आपको ऐसे सीरम का चयन करना होगा, जिसमें एंटी इंफ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज हो। जिससे स्किन में जलन, रेडनेस , ब्रेकआउट्स की समस्या न हो। इसके लिए आपके द्वारा चयनित किए गए सीरम में एलोवीरा , ग्रीन टी , विटामिन बी 3 , कैमोमाइन जैसे इंग्रेडिएंट्स होने चाहिए।
जब भी स्किन केयर की बात आती है, तो फेश क्लींजर, मॉइश्चराइजर और स्क्रब को ही शामिल किया जाता है, लेकिन फेस सीरम ज्यादा प्रचलित नहीं होने के कारण इसके फायदों से अनजान रह जाते हैं।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये फेस सीरम स्किन के लिए किसी मैजिक से कम नहीं होता है। फेश सीरम के रोजाना इस्तेमाल से स्किन ज्यादा यंग व जवां नजर आती है। ऐसे में आपके लिए ये जानना बहुत जरूरी है कि फेस सीरम क्या है और आप किन इंग्रेडिएंट्स से बने फेस सीरम का इस्तेमाल करके अपने स्किन को फायदा पहुंचा सकती हैं।
फेश सरीम एक वाटर बेस्ड व बहुत ही लाइट वेट कंसनट्रेटेड लिक्विड होता है। लाइटवेट होने के कारण यह स्किन में आसानी से एब्जॉर्ब हो जाता है। साथ ही इसमें इतने ज्यादा एक्टिव इंग्रेडिएंट्स होते हैं, जो स्किन को हाइड्रेट, यंग व त्वचा संबंधी समस्याओं पर फोकस करता है। सीरम का काम असल में त्वचा में कसाव लाना, चमक व मॉइश्चराइज करके यंग बनाना है।
कैसा होना चाहिए आपका सीरम
विटामिन सी युक्त सीरम
अगर बात हो विटामिन सी की तो ये न सिर्फ शरीर की इम्युनिटी को बूस्ट करने का काम करता है , बल्कि ये स्किन की भी इम्युनिटी को बूस्ट करने में काफी मददगार है। साथ ही इसकी एंटी एजिंग प्रोपर्टीज स्किन को हमेशा यंग बनाए रखती है। विटामिन सी त्वचा में मेलानिन प्रोडक्शन को रोकने का भी काम करता है। जिससे त्वचा की रंगत सामान्य हो जाती है, साथ ही डार्क स्पॉट्स , सन स्पॉट्स , मुंहासों के कारण होने वाले दाग धब्बों को कम करने व मेलास्मा के कारण होने वाली हाइपरपिगमेंटेशन को कम करने का काम करता है।
वैसे तो विटामिन सी हर किसी की स्किन के लिए बेस्ट है, लेकिन अगर आप एंटी एजिंग, झुर्रियों व फाइन लाइन्स की समस्या का समाधान ढूंढ रहे हैं, तो इसके लिए विटामिन सी सीरम बेस्ट है।
ह्यलुरोनिक एसिड
स्किन की अगर नमी खत्म होने लगती है, तो स्किन बेजान व स्किन का सारा चार्म खत्म होने लगता है। लेकिन ह्यलुरोनिक एसिड स्किन को हाइड्रेट करने का काम करता है, स्किन के मॉइश्चर को स्किन में लॉक करने का काम करता है। ये स्किन को रिपेयर करने में भी मदद करता है, साथ ही ये डैमेज टिश्यू तक ब्लड फ्लो को पहुंचाता है।
अगर आपकी स्किन ड्राई है, ह्यलुरोनिक एसिड इसे नरीश करने में भी मददगार है। ये स्किन सेल्स में वाटर को बाइड करके उसे स्मूद , हाइड्रेट और फ्रेश फील करवाने का काम करता है और जब स्किन हाइड्रेट रहती है तो स्किन पर एजिंग के निशान भी नहीं दिखाई देते हैं।
रेटिनोल
रेटिनोल का सीधा संबंध कोलेजिन प्रोडक्शन में तेजी लाना है। इस सीरम में रेटिनोल स्टार इंग्रेडिएंट्स के रूप में काम करता है। ये झुर्रियों, फाइन लाइन्स व एक्ने मार्क्स को हल्का करके स्किन के ग्लो व उसकी स्मूदनेस को बनाए रखने का काम करता है। ये नार्मल से ड्राई स्किन सभी तरह की स्किन टाइप पर सूट करता है। साथ ही ये पोर्स को अनब्लॉक करके एक्ने से लड़ने में बहुत ही असरदार होता है। इसी के साथ ये एजिंग के साइन को कम करके स्किन के टेक्सचर व टोन को इम्प्रूव करने का काम करता है।

हेक्सीलयेरीसोरकिनोल
इसमें एंटी-ऑक्सीडेंट, एस्ट्रिंजेंट , ब्राइटनिंग और इवन स्किन टोन प्रॉपर्टीज होती हैं। इसकी स्किन ब्राइटनिंग प्रॉपर्टीज स्किन की रंगत को इम्प्रूव करके चेहरे को निखारने का काम करती है। इसकी एंटी-ऑक्सीडेंट प्रॉपर्टीज प्रर्यावरण में मौजूद फ्री रेडिकल्स से स्किन की सुरक्षा करती है। अगर आपकी स्किन डल है यानि आपको हाइपरपिग्मेंटेड स्किन डिसऑर्डर है तो आप इस इंग्रीडिएंट से बने सीरम का इस्तेमाल करके अपने स्किन टेक्स्चर को इंप्रूव कर सकते हैं।
एंटी इंफ्लेमेटरी प्रोपर्टीज
इन सबके अलावा इस बात खा ध्यान रखना भी जरूरी है कि यदि आपकी स्किन सेंसिटिव है तो आपको ऐसे सीरम का चयन करना होगा, जिसमें एंटी इंफ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज हो। जिससे स्किन में जलन, रेडनेस , ब्रेकआउट्स की समस्या न हो। इसके लिए आपके द्वारा चयनित किए गए सीरम में एलोवीरा , ग्रीन टी , विटामिन बी 3 , कैमोमाइन जैसे इंग्रेडिएंट्स होने चाहिए।



Journalist खबरीलाल














