Breaking News

Kolkata (खबरीलाल न्यूज़) :: एकनाथ शिंदे से भी चार कदम आगे हैं ऋतब्रत बनर्जी , ममता के लिए कुछ भी नहीं छोड़ना चाहते :

post

ऋतब्रत बनर्जी तृणमूल कांग्रेस को तोड़ना या बर्बाद करना नहीं चाहते, बल्कि हर स्तर संगठन से ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी को बेदखल करना चाहते हैं। विधानसभा और संसद के बाद बागियों की नजर अब नगर निगम और जिला परिषदों पर है - और स्पीकर से मान्यता मिलने के बाद अब चुनाव आयोग की तैयारी है. 

महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे ने भी स्थानीय निकायों पर उद्धव ठाकरे की जगह काबिज होने की कोशिश की थी. बीएमसी पर भी नजर थी, लेकिन मनमाफिक कामयाबी नहीं मिल पाई. लेकिन, ऋतब्रत बनर्जी पश्चिम बंगाल तृणमूल कांग्रेस में हर लेवल पर कब्जा जमाना चाहते हैं. ऋतब्रत बनर्जी सब कुछ एक बार में ही हासिल कर लेना चाहते है, एकनाथ शिंदे की तरह आगे के लिए कुछ नहीं छोड़ना चाहते. फिलहाल, दिल्ली से खुद को थोड़ा अलग रखे हुए हैं, लेकिन विधानसभा के बाद नगर निगमों और जिला परिषदों पर काबिज होने की कोशिश चल रही है.  

कोलकाता पोर्ट से तृणमूल कांग्रेस विधायक और पूर्व मेयर फिरहाद हकीम ने भी विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी से मुलाकात की है. ऋतब्रत बनर्जी ने दावा किया कि एक और विधायक उनकी टीम में शामिल हो गया है, और अब उनको 65 विधायकों का सपोर्ट हासिल हो चुका है. 

ऋतब्रत बनर्जी के मुताबिक, बागी विधायकों की तादाद 67-68 तक पहुंच सकती है. विधानसभा चुनाव तृणमूल कांग्रेस के कुल 80 विधायक चुनकर आए थे. ऋतब्रत बनर्जी ने सबसे पहले 58 विधायकों के समर्थन वाला पत्र स्पीकर रथिंद्र बोस को सौंपा था, जिसके बाद उनको विपक्ष के नेता के रूप में मान्यता मिल गई थी । बाद में, बताते हैं, तीन अन्य विधायकों ने अलग अलग समर्थन पत्र दिए हैं. कुछ और विधायकों की ओर से भी ऐसे समर्थन पत्र सौंपे जाने का दावा किया जा रहा है.


ऋतब्रत बनर्जी तृणमूल कांग्रेस को तोड़ना या बर्बाद करना नहीं चाहते, बल्कि हर स्तर संगठन से ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी को बेदखल करना चाहते हैं। विधानसभा और संसद के बाद बागियों की नजर अब नगर निगम और जिला परिषदों पर है - और स्पीकर से मान्यता मिलने के बाद अब चुनाव आयोग की तैयारी है. 

महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे ने भी स्थानीय निकायों पर उद्धव ठाकरे की जगह काबिज होने की कोशिश की थी. बीएमसी पर भी नजर थी, लेकिन मनमाफिक कामयाबी नहीं मिल पाई. लेकिन, ऋतब्रत बनर्जी पश्चिम बंगाल तृणमूल कांग्रेस में हर लेवल पर कब्जा जमाना चाहते हैं. ऋतब्रत बनर्जी सब कुछ एक बार में ही हासिल कर लेना चाहते है, एकनाथ शिंदे की तरह आगे के लिए कुछ नहीं छोड़ना चाहते. फिलहाल, दिल्ली से खुद को थोड़ा अलग रखे हुए हैं, लेकिन विधानसभा के बाद नगर निगमों और जिला परिषदों पर काबिज होने की कोशिश चल रही है.  

कोलकाता पोर्ट से तृणमूल कांग्रेस विधायक और पूर्व मेयर फिरहाद हकीम ने भी विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी से मुलाकात की है. ऋतब्रत बनर्जी ने दावा किया कि एक और विधायक उनकी टीम में शामिल हो गया है, और अब उनको 65 विधायकों का सपोर्ट हासिल हो चुका है. 

ऋतब्रत बनर्जी के मुताबिक, बागी विधायकों की तादाद 67-68 तक पहुंच सकती है. विधानसभा चुनाव तृणमूल कांग्रेस के कुल 80 विधायक चुनकर आए थे. ऋतब्रत बनर्जी ने सबसे पहले 58 विधायकों के समर्थन वाला पत्र स्पीकर रथिंद्र बोस को सौंपा था, जिसके बाद उनको विपक्ष के नेता के रूप में मान्यता मिल गई थी । बाद में, बताते हैं, तीन अन्य विधायकों ने अलग अलग समर्थन पत्र दिए हैं. कुछ और विधायकों की ओर से भी ऐसे समर्थन पत्र सौंपे जाने का दावा किया जा रहा है.


...
...
...
...
...
...
Sidebar Banner
Sidebar Banner
Sidebar Banner
Sidebar Banner