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Bhilai- Durg (खबरीलाल न्यूज़) :: 16 साल बाद चला अवैध मदरसे पर चला बुलडोजर, सवा एकड़ एरिया कराया गया खाली:

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छत्तीसगढ़ में दुर्ग जिले के भिलाई नगर निगम में सोमवार सुबह सरकारी भूमि पर 16 वर्ष पहले अतिक्रमण कर बनाए गए मदरसे पर बुलडोजर चला दिया गया। हाई कोर्ट के निर्देश पर तीन घंटे तक चली कार्रवाई में अवैध मदरसे के साथ ही छह कच्चे मकान भी गिराए गए। इस अभियान के दौरान करीब सवा एकड़ क्षेत्र को खाली कराया गया। यहां प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास बनाए जाएंगे।

निगम के अनुसार, राधिका नगर के जिस भूखंड पर अवैध कब्जा कर मदरसा बनाया गया था, वह जमीन मूल रूप से जरूरतमंदों के लिए किफायती आवास बनाकर देने के लिए आरक्षित थी। भूखंड को कब्जा मुक्त कराने के लिए निगम द्वारा कई बार कानूनी नोटिस भेजे गए, लेकिन कब्जा नहीं हटा।

भिलाई निगम की ओर से अवैध कब्जे को लेकर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में याचिका लगाई गई थी। मामले में हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए अवैध निर्माण को तुरंत हटाकर गरीबों के लिए आवास बनाने का आदेश दिया था। हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में निगम ने बुलडोजर कार्रवाई कर अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया।

सितंबर 2024 में भिलाई निगम प्रशासन ने सुपेला स्थित सैलानी बाबा दरबार (करबला मैदान) क्षेत्र में भी अवैध निर्माण हटाया था। तब मस्जिद का स्वागत द्वार, चारदीवारी सहित किनारे बनाए गए 22 दुकानों पर बुलडोजर चला दिया था।

इनके समय में हुआ था निर्माण - वर्ष 2010 में जब सरकारी भूमि पर कब्जा हुआ, उस समय प्रदेश के मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह थे और राजेश मूणत नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री के पद पर कार्यरत थे। उस दौरान जिले के कलेक्टर के रूप में ठाकुर राम सिंह और कुछ समय रीना बाबा साहेब कंगाले ने दायित्व संभाला था। वहीं, भिलाई नगर निगम के आयुक्त के रूप में सुकुमार राजेश टोप्पो पदस्थ थे।


छत्तीसगढ़ में दुर्ग जिले के भिलाई नगर निगम में सोमवार सुबह सरकारी भूमि पर 16 वर्ष पहले अतिक्रमण कर बनाए गए मदरसे पर बुलडोजर चला दिया गया। हाई कोर्ट के निर्देश पर तीन घंटे तक चली कार्रवाई में अवैध मदरसे के साथ ही छह कच्चे मकान भी गिराए गए। इस अभियान के दौरान करीब सवा एकड़ क्षेत्र को खाली कराया गया। यहां प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास बनाए जाएंगे।

निगम के अनुसार, राधिका नगर के जिस भूखंड पर अवैध कब्जा कर मदरसा बनाया गया था, वह जमीन मूल रूप से जरूरतमंदों के लिए किफायती आवास बनाकर देने के लिए आरक्षित थी। भूखंड को कब्जा मुक्त कराने के लिए निगम द्वारा कई बार कानूनी नोटिस भेजे गए, लेकिन कब्जा नहीं हटा।

भिलाई निगम की ओर से अवैध कब्जे को लेकर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में याचिका लगाई गई थी। मामले में हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए अवैध निर्माण को तुरंत हटाकर गरीबों के लिए आवास बनाने का आदेश दिया था। हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में निगम ने बुलडोजर कार्रवाई कर अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया।

सितंबर 2024 में भिलाई निगम प्रशासन ने सुपेला स्थित सैलानी बाबा दरबार (करबला मैदान) क्षेत्र में भी अवैध निर्माण हटाया था। तब मस्जिद का स्वागत द्वार, चारदीवारी सहित किनारे बनाए गए 22 दुकानों पर बुलडोजर चला दिया था।

इनके समय में हुआ था निर्माण - वर्ष 2010 में जब सरकारी भूमि पर कब्जा हुआ, उस समय प्रदेश के मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह थे और राजेश मूणत नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री के पद पर कार्यरत थे। उस दौरान जिले के कलेक्टर के रूप में ठाकुर राम सिंह और कुछ समय रीना बाबा साहेब कंगाले ने दायित्व संभाला था। वहीं, भिलाई नगर निगम के आयुक्त के रूप में सुकुमार राजेश टोप्पो पदस्थ थे।


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