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Surajpur (खबरीलाल न्यूज़) :: वार्ड क्रमांक 07 में डामरीकरण कार्य की गुणवत्ता पर उठे सवाल, वार्डवासियों ने की जांच की मांग :

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संवाददाता – सौरभ साहू, स्थान – वार्ड क्रमांक 07, नगर पालिका परिषद सूरजपुर (छत्तीसगढ़)। 

सूरजपुर। नगर पालिका परिषद सूरजपुर के वार्ड क्रमांक 07 में चल रहे डामरीकरण सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। वार्डवासियों का आरोप है कि सड़क निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है और निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताएं बरती जा रही हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क पर डाली जा रही डामर की परत कई स्थानों पर बेहद पतली दिखाई दे रही है। लोगों का कहना है कि जहां सड़क की मोटाई लगभग 2 इंच होनी चाहिए, वहीं कई जगहों पर यह 1 इंच से भी कम नजर आ रही है। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

वार्डवासियों ने आरोप लगाया है कि यदि सड़क निर्माण में मानकों की अनदेखी की गई तो आगामी बारिश के मौसम में सड़क उखड़ सकती है, जिससे सरकारी धन की बर्बादी होगी और आम नागरिकों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।

स्थानीय नागरिकों ने संबंधित विभाग और जिला प्रशासन से निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने तथा मौके पर निरीक्षण कर दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि जनता के टैक्स के पैसे से होने वाले विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। अब देखना यह होगा कि प्रशासन वार्डवासियों की शिकायतों को कितनी गंभीरता से लेते हुए निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराता है और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाता है।


संवाददाता – सौरभ साहू, स्थान – वार्ड क्रमांक 07, नगर पालिका परिषद सूरजपुर (छत्तीसगढ़)। 

सूरजपुर। नगर पालिका परिषद सूरजपुर के वार्ड क्रमांक 07 में चल रहे डामरीकरण सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। वार्डवासियों का आरोप है कि सड़क निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है और निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताएं बरती जा रही हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क पर डाली जा रही डामर की परत कई स्थानों पर बेहद पतली दिखाई दे रही है। लोगों का कहना है कि जहां सड़क की मोटाई लगभग 2 इंच होनी चाहिए, वहीं कई जगहों पर यह 1 इंच से भी कम नजर आ रही है। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

वार्डवासियों ने आरोप लगाया है कि यदि सड़क निर्माण में मानकों की अनदेखी की गई तो आगामी बारिश के मौसम में सड़क उखड़ सकती है, जिससे सरकारी धन की बर्बादी होगी और आम नागरिकों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।

स्थानीय नागरिकों ने संबंधित विभाग और जिला प्रशासन से निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने तथा मौके पर निरीक्षण कर दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि जनता के टैक्स के पैसे से होने वाले विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। अब देखना यह होगा कि प्रशासन वार्डवासियों की शिकायतों को कितनी गंभीरता से लेते हुए निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराता है और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाता है।


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