
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का सातवां दिन भारत के लिए बेहद शानदार साबित हुआ। भारतीय खिलाड़ियों ने एक गोल्ड और दो सिल्वर मेडल जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। इन तीन पदकों के साथ भारत की कुल पदक संख्या बढ़कर 15 हो गई है। शानदार प्रदर्शन का असर मेडल टैली पर भी देखने को मिला, जहां भारत एक स्थान की छलांग लगाकर नौवें से आठवें स्थान पर पहुंच गया।
ग्लासगो 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स टॉप 10 मेडल टेबल –
मेडल टैली की बात करें तो ऑस्ट्रेलिया का दबदबा लगातार कायम है। ऑस्ट्रेलिया अब तक 47 गोल्ड, 21 सिल्वर और 35 ब्रॉन्ज सहित कुल 103 मेडल जीत चुका है और 100 पदकों का आंकड़ा पार करने वाला पहला देश बन गया है।
कनाडा 14 गोल्ड, 12 सिल्वर और 14 ब्रॉन्ज के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि इंग्लैंड 12 गोल्ड समेत कुल 54 पदकों के साथ तीसरे स्थान पर बना हुआ है। मेजबान स्कॉटलैंड 23 पदकों के साथ चौथे और नाइजीरिया 7 गोल्ड के साथ पांचवें स्थान पर है। दक्षिण अफ्रीका छठे और मलेशिया सातवें स्थान पर है, जबकि भारत अब 15 पदकों के साथ आठवें स्थान पर पहुंच चुका है।
पुरुषों की लंबी कूद में मुरली श्रीशंकर ने 8.09 मीटर की छलांग लगाकर सिल्वर मेडल अपने नाम किया। यह कॉमनवेल्थ गेम्स में उनका लगातार दूसरा सिल्वर है। इससे पहले उन्होंने बर्मिंघम 2022 में भी रजत पदक जीता था और अब वह कॉमनवेल्थ गेम्स में दो पदक जीतने वाले भारत के पहले पुरुष लॉन्ग जम्पर बन गए हैं।
वहीं, पैरा एथलेटिक्स में भारत ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। दिलीप महादु गावित ने पुरुषों की 100 मीटर T47 स्पर्धा में 10.71 सेकेंड का समय निकालकर गोल्ड मेडल जीता और नया गेम्स रिकॉर्ड भी बनाया। इसी स्पर्धा में भारत के मोहम्मद बासिल ने 10.83 सेकेंड के साथ सिल्वर मेडल जीतकर भारत को वन-टू फिनिश दिलाई। भारतीय दल की नजर अब अगले मुकाबलों में अपने पदकों की संख्या बढ़ाने और मेडल टैली में और ऊपर पहुंचने पर होगी।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का सातवां दिन भारत के लिए बेहद शानदार साबित हुआ। भारतीय खिलाड़ियों ने एक गोल्ड और दो सिल्वर मेडल जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। इन तीन पदकों के साथ भारत की कुल पदक संख्या बढ़कर 15 हो गई है। शानदार प्रदर्शन का असर मेडल टैली पर भी देखने को मिला, जहां भारत एक स्थान की छलांग लगाकर नौवें से आठवें स्थान पर पहुंच गया।
ग्लासगो 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स टॉप 10 मेडल टेबल –
मेडल टैली की बात करें तो ऑस्ट्रेलिया का दबदबा लगातार कायम है। ऑस्ट्रेलिया अब तक 47 गोल्ड, 21 सिल्वर और 35 ब्रॉन्ज सहित कुल 103 मेडल जीत चुका है और 100 पदकों का आंकड़ा पार करने वाला पहला देश बन गया है।
कनाडा 14 गोल्ड, 12 सिल्वर और 14 ब्रॉन्ज के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि इंग्लैंड 12 गोल्ड समेत कुल 54 पदकों के साथ तीसरे स्थान पर बना हुआ है। मेजबान स्कॉटलैंड 23 पदकों के साथ चौथे और नाइजीरिया 7 गोल्ड के साथ पांचवें स्थान पर है। दक्षिण अफ्रीका छठे और मलेशिया सातवें स्थान पर है, जबकि भारत अब 15 पदकों के साथ आठवें स्थान पर पहुंच चुका है।
पुरुषों की लंबी कूद में मुरली श्रीशंकर ने 8.09 मीटर की छलांग लगाकर सिल्वर मेडल अपने नाम किया। यह कॉमनवेल्थ गेम्स में उनका लगातार दूसरा सिल्वर है। इससे पहले उन्होंने बर्मिंघम 2022 में भी रजत पदक जीता था और अब वह कॉमनवेल्थ गेम्स में दो पदक जीतने वाले भारत के पहले पुरुष लॉन्ग जम्पर बन गए हैं।
वहीं, पैरा एथलेटिक्स में भारत ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। दिलीप महादु गावित ने पुरुषों की 100 मीटर T47 स्पर्धा में 10.71 सेकेंड का समय निकालकर गोल्ड मेडल जीता और नया गेम्स रिकॉर्ड भी बनाया। इसी स्पर्धा में भारत के मोहम्मद बासिल ने 10.83 सेकेंड के साथ सिल्वर मेडल जीतकर भारत को वन-टू फिनिश दिलाई। भारतीय दल की नजर अब अगले मुकाबलों में अपने पदकों की संख्या बढ़ाने और मेडल टैली में और ऊपर पहुंचने पर होगी।


Journalist खबरीलाल















