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Raipur (खबरीलाल न्यूज़) :: छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक गौरव सिरपुर को यूनेस्को विश्व धरोहर में शामिल कराने सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने की पुरजोर पैरवी:

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khabrilalसांसद बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से की मुलाकात। अंतरराष्ट्रीय बौद्ध व पुरातात्विक केंद्र सिरपुर के समग्र विकास एवं सुरक्षा पर हुई विस्तृत चर्चा। प्रदेश के अन्य प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों के कायाकल्प के लिए केंद्र सरकार से मांगा सहयोग। केंद्रीय मंत्री श्री शेखावत को छत्तीसगढ़ स्वदेशी मेले में मुख्य अतिथि के रूप में दिया निमंत्रण।

नई दिल्ली / रायपुर 12 अगस्त। रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से भेंट की। इस बैठक के दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक, पौराणिक और ऐतिहासिक धरोहरों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पटल पर नई पहचान दिलाने के लिए कई अहम मुद्दों पर विस्तृत बातचीत की।

सिरपुर को यूनेस्को की सूची में दिलाने पर विशेष जोर - मुलाकात में छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में स्थित ऐतिहासिक व पुरातात्विक नगरी सिरपुर को 'यूनेस्को विश्व धरोहर' (UNESCO World Heritage Site) के रूप में मान्यता दिलाने की रही। सांसद श्री अग्रवाल ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि महानदी के तट पर बसा सिरपुर केवल राज्य की धरोहर नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बौद्ध, हिंदू और जैन धर्मों की साझी संस्कृति तथा समरसता का अनुपम केंद्र है।

उन्होंने आग्रह किया कि सिरपुर के 5वीं से 8वीं शताब्दी के पुरातात्विक अवशेषों, प्रसिद्ध लक्ष्मण मंदिर और बौद्ध विहारों के समुचित संरक्षण के साथ-साथ इसे यूनेस्को की अंतिम सूची तक पहुंचाने के लिए केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय की ओर से त्वरित व विशेष पहल की जाए। सांसद बृजमोहन का कहना है कि, "सिरपुर में छिपी विश्वस्तरीय पुरातात्विक और धार्मिक महत्ता को यदि उचित मंच और ढांचागत सुविधाएं मिलें, तो यह भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनेगा।"

राज्य के अन्य पर्यटन व धार्मिक स्थलों के विकास पर चर्चा - सांसद अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में स्थित अन्य पौराणिक, ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा, सौंदर्यीकरण और यात्री सुविधाओं के विस्तार पर भी केंद्रीय मंत्री से चर्चा की। उन्होंने कहा कि राज्य में इको-टूरिज्म, धार्मिक पर्यटन और पुरातात्विक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन और प्रसाद (PRASHAD) जैसी योजनाओं के तहत राज्य के प्रमुख स्थलों को जोड़कर एकीकृत विकास करने की आवश्यकता है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हों।

बस्तर के समग्र विकास और 'चित्रकोट' को वैश्विक पहचान दिलाने की मांग - चर्चा के दौरान सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बस्तर क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर उभारे जाने का मुद्दा प्रमुखता से रखा। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना के तहत 'भोरमदेव कॉरिडोर' के विकास के लिए 140 करोड़ रुपये की विशाल राशि स्वीकृत की गई है, जो राज्य के पर्यटन विकास के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इसी तर्ज पर बस्तर को भी एकीकृत पर्यटन क्षेत्र (Integrated Tourism Circuit) के रूप में विकसित करने के लिए केंद्र से विशेष वित्तीय सहयोग की आवश्यकता है।

सांसद अग्रवाल ने जानकारी दी कि राज्य सरकार द्वारा 'एक राज्य, एक वैश्विक पर्यटन केंद्र' (One State, One Global Destination) योजना के अंतर्गत विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात का नाम केंद्र को भेजा गया है। उन्होंने कहा कि बस्तर का 75 दिनों तक चलने वाला ऐतिहासिक बस्तर दशहरा, यहाँ की समृद्ध आदिवासी संस्कृति, पारंपरिक हस्तशिल्प और माटी कला दुनिया भर में अद्वितीय हैं। यदि चित्रकोट और आसपास के क्षेत्रों को विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर से सुसज्जित किया जाए, तो बस्तर भारत का सबसे बड़ा सांस्कृतिक और प्राकृतिक टूरिज्म हब बनकर उभर सकता है।

स्वदेशी मेले का निमंत्रण - बैठक के समापन पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में आयोजित होने वाले 'स्वदेशी मेले' में सम्मिलित होने का भावभीना निमंत्रण भी सौंपा। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को मेले के उद्देश्यों और स्थानीय हस्तशिल्प, कुटीर उद्योग तथा आत्मनिर्भर भारत के संकल्प में इसके योगदान के बारे में जानकारी दी। केंद्रीय मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सांसद बृजमोहन अग्रवाल द्वारा उठाए गए सभी विषयों को गंभीरता से सुना और सिरपुर को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने सहित छत्तीसगढ़ के पर्यटन विकास के लिए हर संभव केंद्रीय सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।



khabrilalसांसद बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से की मुलाकात। अंतरराष्ट्रीय बौद्ध व पुरातात्विक केंद्र सिरपुर के समग्र विकास एवं सुरक्षा पर हुई विस्तृत चर्चा। प्रदेश के अन्य प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों के कायाकल्प के लिए केंद्र सरकार से मांगा सहयोग। केंद्रीय मंत्री श्री शेखावत को छत्तीसगढ़ स्वदेशी मेले में मुख्य अतिथि के रूप में दिया निमंत्रण।

नई दिल्ली / रायपुर 12 अगस्त। रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से भेंट की। इस बैठक के दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक, पौराणिक और ऐतिहासिक धरोहरों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पटल पर नई पहचान दिलाने के लिए कई अहम मुद्दों पर विस्तृत बातचीत की।

सिरपुर को यूनेस्को की सूची में दिलाने पर विशेष जोर - मुलाकात में छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में स्थित ऐतिहासिक व पुरातात्विक नगरी सिरपुर को 'यूनेस्को विश्व धरोहर' (UNESCO World Heritage Site) के रूप में मान्यता दिलाने की रही। सांसद श्री अग्रवाल ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि महानदी के तट पर बसा सिरपुर केवल राज्य की धरोहर नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बौद्ध, हिंदू और जैन धर्मों की साझी संस्कृति तथा समरसता का अनुपम केंद्र है।

उन्होंने आग्रह किया कि सिरपुर के 5वीं से 8वीं शताब्दी के पुरातात्विक अवशेषों, प्रसिद्ध लक्ष्मण मंदिर और बौद्ध विहारों के समुचित संरक्षण के साथ-साथ इसे यूनेस्को की अंतिम सूची तक पहुंचाने के लिए केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय की ओर से त्वरित व विशेष पहल की जाए। सांसद बृजमोहन का कहना है कि, "सिरपुर में छिपी विश्वस्तरीय पुरातात्विक और धार्मिक महत्ता को यदि उचित मंच और ढांचागत सुविधाएं मिलें, तो यह भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनेगा।"

राज्य के अन्य पर्यटन व धार्मिक स्थलों के विकास पर चर्चा - सांसद अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में स्थित अन्य पौराणिक, ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा, सौंदर्यीकरण और यात्री सुविधाओं के विस्तार पर भी केंद्रीय मंत्री से चर्चा की। उन्होंने कहा कि राज्य में इको-टूरिज्म, धार्मिक पर्यटन और पुरातात्विक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन और प्रसाद (PRASHAD) जैसी योजनाओं के तहत राज्य के प्रमुख स्थलों को जोड़कर एकीकृत विकास करने की आवश्यकता है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हों।

बस्तर के समग्र विकास और 'चित्रकोट' को वैश्विक पहचान दिलाने की मांग - चर्चा के दौरान सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बस्तर क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर उभारे जाने का मुद्दा प्रमुखता से रखा। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना के तहत 'भोरमदेव कॉरिडोर' के विकास के लिए 140 करोड़ रुपये की विशाल राशि स्वीकृत की गई है, जो राज्य के पर्यटन विकास के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इसी तर्ज पर बस्तर को भी एकीकृत पर्यटन क्षेत्र (Integrated Tourism Circuit) के रूप में विकसित करने के लिए केंद्र से विशेष वित्तीय सहयोग की आवश्यकता है।

सांसद अग्रवाल ने जानकारी दी कि राज्य सरकार द्वारा 'एक राज्य, एक वैश्विक पर्यटन केंद्र' (One State, One Global Destination) योजना के अंतर्गत विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात का नाम केंद्र को भेजा गया है। उन्होंने कहा कि बस्तर का 75 दिनों तक चलने वाला ऐतिहासिक बस्तर दशहरा, यहाँ की समृद्ध आदिवासी संस्कृति, पारंपरिक हस्तशिल्प और माटी कला दुनिया भर में अद्वितीय हैं। यदि चित्रकोट और आसपास के क्षेत्रों को विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर से सुसज्जित किया जाए, तो बस्तर भारत का सबसे बड़ा सांस्कृतिक और प्राकृतिक टूरिज्म हब बनकर उभर सकता है।

स्वदेशी मेले का निमंत्रण - बैठक के समापन पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में आयोजित होने वाले 'स्वदेशी मेले' में सम्मिलित होने का भावभीना निमंत्रण भी सौंपा। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को मेले के उद्देश्यों और स्थानीय हस्तशिल्प, कुटीर उद्योग तथा आत्मनिर्भर भारत के संकल्प में इसके योगदान के बारे में जानकारी दी। केंद्रीय मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सांसद बृजमोहन अग्रवाल द्वारा उठाए गए सभी विषयों को गंभीरता से सुना और सिरपुर को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने सहित छत्तीसगढ़ के पर्यटन विकास के लिए हर संभव केंद्रीय सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।


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