
ज-त्योहार के मौके पर उपवास में खाने के लिए या भगवान को भोग लगाने के लिए मखाने का खूब इस्तेमाल किया जाता है। ये एक ऐसा फूड आइटम है जो पोषक तत्वों से भरपूर होता है। अगर मखाना को दूध के साथ खाया जाए तो इससे सेहत को ढेरों फायदे मिल सकते है।
मखाने में कार्बोहाइड्रेट, कुछ मात्रा में प्रोटीन, फाइबर और कई मिनरल्स पाए जाते हैं, जबकि दूध प्रोटीन और कैल्शियम का अच्छा स्रोत है। दोनों को साथ लेने से एक पौष्टिक स्नैक या हल्का नाश्ता तैयार किया जा सकता है।
दूध मखाना खाने से मिलते है ढेरों फायदे
हड्डियों के लिए बड़ा फायदेमंद
दूध मखाना हड्डियों के लिए बड़ा फायदेमंद होता है। दूध कैल्शियम और प्रोटीन का प्रमुख स्रोत है, जो हड्डियों और दांतों के सामान्य स्वास्थ्य के लिए जरूरी पोषक तत्व हैं। मखाने में भी कुछ मिनरल्स पाए जाते हैं। ऐसे में दूध के साथ मखाना लेना संतुलित डाइट का हिस्सा बन सकता है। खासकर बढ़ती उम्र में कैल्शियम और प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा लेना महत्वपूर्ण माना जाता है।
पेट को लंबे समय तक भरा रखने में मदद
मखाने में फाइबर और कार्बोहाइड्रेट पाए जाते हैं, जबकि दूध में प्रोटीन होता है। प्रोटीन और फाइबर युक्त भोजन पेट को अपेक्षाकृत लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराने में मदद कर सकता है। इसलिए दूध मखाना शाम के समय लगने वाली हल्की भूख के लिए एक अच्छा स्नैक हो सकता है। हालांकि, इसमें अतिरिक्त चीनी और ज्यादा मात्रा में ड्राई फ्रूट्स डालने से कैलोरी बढ़ सकती है।
पोषण और ऊर्जा से भरपूर
मखाने में कार्बोहाइड्रेट और दूध में प्रोटीन जैसे पोषक तत्व होते हैं, जो रोजाना की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में योगदान देते हैं। सुबह के नाश्ते या शाम के स्नैक के तौर पर दूध मखाना लिया जा सकता है। इसे ज्यादा पौष्टिक बनाने के लिए बादाम या अखरोट जैसी चीजें सीमित मात्रा में जोड़ी जा सकती हैं।
दूध मखाना कैसे करें सेवन ?
किसी बर्तन में मखाने को हल्का भून लें। इसके बाद दूध गर्म करके उसमें मखाने डालें और कुछ मिनट धीमी आंच पर पकाएं। स्वाद के लिए इलायची और थोड़े मेवे डाल सकते हैं। अगर मीठा पसंद है तो चीनी की जगह थोड़ी मात्रा में खजूर या अन्य प्राकृतिक मिठास का इस्तेमाल किया जा सकता है। डायबिटीज या कैलोरी नियंत्रित करने वाले लोगों को मीठे की मात्रा पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

ज-त्योहार के मौके पर उपवास में खाने के लिए या भगवान को भोग लगाने के लिए मखाने का खूब इस्तेमाल किया जाता है। ये एक ऐसा फूड आइटम है जो पोषक तत्वों से भरपूर होता है। अगर मखाना को दूध के साथ खाया जाए तो इससे सेहत को ढेरों फायदे मिल सकते है।
मखाने में कार्बोहाइड्रेट, कुछ मात्रा में प्रोटीन, फाइबर और कई मिनरल्स पाए जाते हैं, जबकि दूध प्रोटीन और कैल्शियम का अच्छा स्रोत है। दोनों को साथ लेने से एक पौष्टिक स्नैक या हल्का नाश्ता तैयार किया जा सकता है।
दूध मखाना खाने से मिलते है ढेरों फायदे
हड्डियों के लिए बड़ा फायदेमंद
दूध मखाना हड्डियों के लिए बड़ा फायदेमंद होता है। दूध कैल्शियम और प्रोटीन का प्रमुख स्रोत है, जो हड्डियों और दांतों के सामान्य स्वास्थ्य के लिए जरूरी पोषक तत्व हैं। मखाने में भी कुछ मिनरल्स पाए जाते हैं। ऐसे में दूध के साथ मखाना लेना संतुलित डाइट का हिस्सा बन सकता है। खासकर बढ़ती उम्र में कैल्शियम और प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा लेना महत्वपूर्ण माना जाता है।
पेट को लंबे समय तक भरा रखने में मदद
मखाने में फाइबर और कार्बोहाइड्रेट पाए जाते हैं, जबकि दूध में प्रोटीन होता है। प्रोटीन और फाइबर युक्त भोजन पेट को अपेक्षाकृत लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराने में मदद कर सकता है। इसलिए दूध मखाना शाम के समय लगने वाली हल्की भूख के लिए एक अच्छा स्नैक हो सकता है। हालांकि, इसमें अतिरिक्त चीनी और ज्यादा मात्रा में ड्राई फ्रूट्स डालने से कैलोरी बढ़ सकती है।
पोषण और ऊर्जा से भरपूर
मखाने में कार्बोहाइड्रेट और दूध में प्रोटीन जैसे पोषक तत्व होते हैं, जो रोजाना की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में योगदान देते हैं। सुबह के नाश्ते या शाम के स्नैक के तौर पर दूध मखाना लिया जा सकता है। इसे ज्यादा पौष्टिक बनाने के लिए बादाम या अखरोट जैसी चीजें सीमित मात्रा में जोड़ी जा सकती हैं।
दूध मखाना कैसे करें सेवन ?
किसी बर्तन में मखाने को हल्का भून लें। इसके बाद दूध गर्म करके उसमें मखाने डालें और कुछ मिनट धीमी आंच पर पकाएं। स्वाद के लिए इलायची और थोड़े मेवे डाल सकते हैं। अगर मीठा पसंद है तो चीनी की जगह थोड़ी मात्रा में खजूर या अन्य प्राकृतिक मिठास का इस्तेमाल किया जा सकता है। डायबिटीज या कैलोरी नियंत्रित करने वाले लोगों को मीठे की मात्रा पर विशेष ध्यान देना चाहिए।


Journalist खबरीलाल















