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Raipur (खबरीलाल न्यूज़) :: जूनियर डाक्टर्स के वेतन और अनुबंध राशि कम करने की मांग पर हुई चर्चा, मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के चर्चा कर संतुष्ट दिखे चिकित्सक:

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khabrilalरायपुर, 28 सितंबर 2026/ जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन, छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने आज स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल से मुलाकात कर अपनी मांगों के संबंध में चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने अनुबंधित सेवा की अवधि, चिकित्सकों के मानदेय, अनुबंध राशि, उच्च अध्ययन के लिए अनापत्ति पत्र और सुपर-स्पेशियलिटी विशेषज्ञों के लिए अलग कैडर के गठन से जुड़े विषय मंत्री के समक्ष रखे।

एसोसिएशन ने मांग की कि अनुबंधित पीजी चिकित्सा अधिकारियों का वेतन पीजी के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को मिलने वाले स्टाइपेंड से अधिक होना चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने एमबीबीएस के लिए वर्तमान में निर्धारित अनुबंध राशि कम करने का आग्रह भी किया। इसके साथ ही अनुबंधित सेवा की अवधि दो वर्ष से घटाकर एक वर्ष करने तथा उच्च अध्ययन के लिए अनापत्ति पत्र की प्रक्रिया सरल बनाने की मांग रखी गई।

स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना। उन्होंने कहा कि पीजी चिकित्सा अधिकारियों के वेतन और अनुबंध राशि सहित सभी मांगों पर शासन स्तर पर विचार किया जाएगा। जो मांगें उचित और नियमों के अनुरूप पाई जाएंगी, उन पर आवश्यक निर्णय लिया जाएगा।

श्री जायसवाल ने चिकित्सकों से कहा, “चिकित्सा सेवा मानवता की सबसे बड़ी सेवाओं में से एक है। आप सभी पूरी लगन से अध्ययन करें और बेहतर चिकित्सक बनकर प्रदेश के लोगों की सेवा करें। मरीजों का उपचार और उनकी देखभाल हमारी पहली जिम्मेदारी है। आप अपना कार्य निरंतर जारी रखें, ताकि उपचार के लिए आने वाले किसी भी मरीज को परेशानी न हो। सरकार चिकित्सकों और चिकित्सा विद्यार्थियों के हितों के प्रति संवेदनशील है।” स्वास्थ्य मंत्री के साथ हुई चर्चा से प्रतिनिधियों ने संतोष व्यक्त किया। उन्होंने अपनी मांगों पर सकारात्मक समाधान निकलने की उम्मीद जताई है।



khabrilalरायपुर, 28 सितंबर 2026/ जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन, छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने आज स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल से मुलाकात कर अपनी मांगों के संबंध में चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने अनुबंधित सेवा की अवधि, चिकित्सकों के मानदेय, अनुबंध राशि, उच्च अध्ययन के लिए अनापत्ति पत्र और सुपर-स्पेशियलिटी विशेषज्ञों के लिए अलग कैडर के गठन से जुड़े विषय मंत्री के समक्ष रखे।

एसोसिएशन ने मांग की कि अनुबंधित पीजी चिकित्सा अधिकारियों का वेतन पीजी के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को मिलने वाले स्टाइपेंड से अधिक होना चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने एमबीबीएस के लिए वर्तमान में निर्धारित अनुबंध राशि कम करने का आग्रह भी किया। इसके साथ ही अनुबंधित सेवा की अवधि दो वर्ष से घटाकर एक वर्ष करने तथा उच्च अध्ययन के लिए अनापत्ति पत्र की प्रक्रिया सरल बनाने की मांग रखी गई।

स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना। उन्होंने कहा कि पीजी चिकित्सा अधिकारियों के वेतन और अनुबंध राशि सहित सभी मांगों पर शासन स्तर पर विचार किया जाएगा। जो मांगें उचित और नियमों के अनुरूप पाई जाएंगी, उन पर आवश्यक निर्णय लिया जाएगा।

श्री जायसवाल ने चिकित्सकों से कहा, “चिकित्सा सेवा मानवता की सबसे बड़ी सेवाओं में से एक है। आप सभी पूरी लगन से अध्ययन करें और बेहतर चिकित्सक बनकर प्रदेश के लोगों की सेवा करें। मरीजों का उपचार और उनकी देखभाल हमारी पहली जिम्मेदारी है। आप अपना कार्य निरंतर जारी रखें, ताकि उपचार के लिए आने वाले किसी भी मरीज को परेशानी न हो। सरकार चिकित्सकों और चिकित्सा विद्यार्थियों के हितों के प्रति संवेदनशील है।” स्वास्थ्य मंत्री के साथ हुई चर्चा से प्रतिनिधियों ने संतोष व्यक्त किया। उन्होंने अपनी मांगों पर सकारात्मक समाधान निकलने की उम्मीद जताई है।


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