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Raipur (खबरीलाल न्यूज़) :: 80 हजार रुपए के डिंब समूह पर 70 हजार रुपए की सब्सिडी, 10 रेशम पालकों को मिला सीधा लाभ :

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khabrilalरायपुर, 1 अक्टूबर 2026। बीजापुर जिले के मिन्कापल्ली क्षेत्र में तसर रेशम उत्पादन ग्रामीण परिवारों के लिए स्वरोजगार और अतिरिक्त आय का जरिया बन रहा है। तसर रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए क्षेत्र के 10 रेशम पालकों को कुल 5 हजार स्वस्थ डिंब समूह वितरित किए गए हैं। शासन की सब्सिडी से हितग्राहियों को कम लागत में गुणवत्तापूर्ण कोसा उत्पादन का अवसर मिला है।

तसर रेशम उत्पादन के लिए ये स्वस्थ डिंब समूह बीएसएमटीसी वरम्, आंध्र प्रदेश से प्राप्त किए गए हैं। इनका कुल मूल्य लगभग 80 हजार रुपए है, जिसमें शासन द्वारा 70 हजार रुपए की सब्सिडी प्रदान की गई है। हितग्राहियों को इसके लिए केवल 10 हजार रुपए का अंशदान ही देना पड़ा। इस सहायता से रेशम पालकों पर आर्थिक भार कम होने के साथ गुणवत्तापूर्ण उत्पादन के लिए आवश्यक डिंब समूह की उपलब्धता भी सुनिश्चित हुई है।

स्वस्थ डिंब समूह मिलने से तसर रेशम पालकों को बेहतर गुणवत्ता का कोसा उत्पादन करने में मदद मिलेगी, जिससे उनकी आमदनी बढ़ने की उम्मीद है। योजना से लाभान्वित श्री कामेश्वर ने बताया कि शासन की सब्सिडी से रेशम पालन के लिए आवश्यक सामग्री प्राप्त करना आसान हुआ है। इससे बेहतर उत्पादन के साथ परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने का अवसर मिलेगा। मिन्कापल्ली क्षेत्र में तसर रेशम उत्पादन को मिल रहा प्रोत्साहन ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार और अतिरिक्त आय के अवसर उपलब्ध कराकर उनकी आजीविका को मजबूती दे रहा है।



khabrilalरायपुर, 1 अक्टूबर 2026। बीजापुर जिले के मिन्कापल्ली क्षेत्र में तसर रेशम उत्पादन ग्रामीण परिवारों के लिए स्वरोजगार और अतिरिक्त आय का जरिया बन रहा है। तसर रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए क्षेत्र के 10 रेशम पालकों को कुल 5 हजार स्वस्थ डिंब समूह वितरित किए गए हैं। शासन की सब्सिडी से हितग्राहियों को कम लागत में गुणवत्तापूर्ण कोसा उत्पादन का अवसर मिला है।

तसर रेशम उत्पादन के लिए ये स्वस्थ डिंब समूह बीएसएमटीसी वरम्, आंध्र प्रदेश से प्राप्त किए गए हैं। इनका कुल मूल्य लगभग 80 हजार रुपए है, जिसमें शासन द्वारा 70 हजार रुपए की सब्सिडी प्रदान की गई है। हितग्राहियों को इसके लिए केवल 10 हजार रुपए का अंशदान ही देना पड़ा। इस सहायता से रेशम पालकों पर आर्थिक भार कम होने के साथ गुणवत्तापूर्ण उत्पादन के लिए आवश्यक डिंब समूह की उपलब्धता भी सुनिश्चित हुई है।

स्वस्थ डिंब समूह मिलने से तसर रेशम पालकों को बेहतर गुणवत्ता का कोसा उत्पादन करने में मदद मिलेगी, जिससे उनकी आमदनी बढ़ने की उम्मीद है। योजना से लाभान्वित श्री कामेश्वर ने बताया कि शासन की सब्सिडी से रेशम पालन के लिए आवश्यक सामग्री प्राप्त करना आसान हुआ है। इससे बेहतर उत्पादन के साथ परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने का अवसर मिलेगा। मिन्कापल्ली क्षेत्र में तसर रेशम उत्पादन को मिल रहा प्रोत्साहन ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार और अतिरिक्त आय के अवसर उपलब्ध कराकर उनकी आजीविका को मजबूती दे रहा है।


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