रायपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, रायपुर के
निदेशक प्रो. नितिन एम नागरकर ने केंद्रीय बजट-2022 में नेशनल डिजिटल हैल्थ
इकोसिस्टम को विकसित करने और नेशनल टेली मेंटल हैल्थ कार्यक्रम प्रारंभ
करने संबंधी घोषणाओं का स्वागत किया है। उन्होंने कहा है कि पोस्ट
कोविड रोगियों में कई प्रकार की मानसिक समस्याएं देखने को मिल रही हैं। इन
सभी को पुनर्वास की आवश्यकता है। ऐसे में निम्हांस और 23 अन्य टेलीमेंटल
हैल्थ सेंटर्स के साथ मिलकर इन रोगियों को सहायता प्रदान करने की योजना
सराहनीय कदम है। उन्होंने कहा कि एम्स पूर्व से ही इन रोगियों को
टेलीमेडिसिन के माध्यम से सहायता प्रदान कर रहा है। हेल्थ सेक्टर को लाभ
देने के लिए बजट में प्रविधान करने से अन्य अस्पतालों में जांच के उपकरणों
को बढ़ाया जा सकेगा।
इसी प्रकार सभी स्वास्थ्य संस्थाओं को नेशनल डिजिटल हैल्थ इकोसिस्टम के
अंतर्गत लाने से सरकार, नीति निर्धारकों और रोगियों को एक ही क्लिक पर कई
जानकारियां मिल सकेंगी। इससे देशभर में रोगियों की संख्या, उनके उपचार की
व्यवस्था और सरकार को नीतियां बनाने के लिए आवश्यक डेटा भी आसानी के साथ
उपलब्ध होगा। एम्स पूर्व में ही इस प्रकार की व्यवस्था को लागू कर चुका है।
यहां सभी जानकारियां रियल टाइम बेसिस पर उपलब्ध हैं।नागरकर ने कहा स्वास्थ्य क्षेत्र में बजट के प्रविधान से मरीजों को उपचार
में राहत मिलेगी। कोविड को दौरान जनता पर कोई टैक्स नहीं लगाया गया है,
इससे लोगों को राहत मिलेगी। इसके अलावा परिवहन में इंफ्रास्ट्रक्चर में
खर्च बढ़ाने से कई तरह के रोजगार पैदा होंगे जिससे जनता को कई तरह से लाभ
मिलेगा।
रायपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, रायपुर के
निदेशक प्रो. नितिन एम नागरकर ने केंद्रीय बजट-2022 में नेशनल डिजिटल हैल्थ
इकोसिस्टम को विकसित करने और नेशनल टेली मेंटल हैल्थ कार्यक्रम प्रारंभ
करने संबंधी घोषणाओं का स्वागत किया है। उन्होंने कहा है कि पोस्ट
कोविड रोगियों में कई प्रकार की मानसिक समस्याएं देखने को मिल रही हैं। इन
सभी को पुनर्वास की आवश्यकता है। ऐसे में निम्हांस और 23 अन्य टेलीमेंटल
हैल्थ सेंटर्स के साथ मिलकर इन रोगियों को सहायता प्रदान करने की योजना
सराहनीय कदम है। उन्होंने कहा कि एम्स पूर्व से ही इन रोगियों को
टेलीमेडिसिन के माध्यम से सहायता प्रदान कर रहा है। हेल्थ सेक्टर को लाभ
देने के लिए बजट में प्रविधान करने से अन्य अस्पतालों में जांच के उपकरणों
को बढ़ाया जा सकेगा।
इसी प्रकार सभी स्वास्थ्य संस्थाओं को नेशनल डिजिटल हैल्थ इकोसिस्टम के
अंतर्गत लाने से सरकार, नीति निर्धारकों और रोगियों को एक ही क्लिक पर कई
जानकारियां मिल सकेंगी। इससे देशभर में रोगियों की संख्या, उनके उपचार की
व्यवस्था और सरकार को नीतियां बनाने के लिए आवश्यक डेटा भी आसानी के साथ
उपलब्ध होगा। एम्स पूर्व में ही इस प्रकार की व्यवस्था को लागू कर चुका है।
यहां सभी जानकारियां रियल टाइम बेसिस पर उपलब्ध हैं।नागरकर ने कहा स्वास्थ्य क्षेत्र में बजट के प्रविधान से मरीजों को उपचार
में राहत मिलेगी। कोविड को दौरान जनता पर कोई टैक्स नहीं लगाया गया है,
इससे लोगों को राहत मिलेगी। इसके अलावा परिवहन में इंफ्रास्ट्रक्चर में
खर्च बढ़ाने से कई तरह के रोजगार पैदा होंगे जिससे जनता को कई तरह से लाभ
मिलेगा।



Journalist खबरीलाल














