नयी दिल्ली. सरकार ने बुधवार को कहा कि निजी क्षेत्र
की नौकरियों में गैर-कार्यकारी स्तर पर स्थानीय युवाओं को आरक्षण मुहैया
कराने के लिए कानून लाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। सरकार से सवाल किया गया था, ‘‘क्या सरकार निजी क्षेत्र की नौकरियों में
कार्यकारी स्तर पर स्थानीय युवाओं को आरक्षण प्रदान करने के लिए कोई मॉडल
कानून लाएगी?’’इसके जवाब में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने कहा,
‘‘ सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है।’’
इसके साथ ही सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री ए नारायणस्वामी
ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक सवालों के जवाब में कहा कि निजी
क्षेत्र में समाज के विभिन्न वर्गों के लिए आरक्षण के संबंध में संविधान
में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने कहा कि सिर्फ कानून बना कर ही निजी
क्षेत्र में आरक्षण के प्रावधान किए जा सकते हैं। मंत्री ने कहा कि इसके
लिए विभिन्न संबंधित पक्षों के साथ व्यापक विचारविमर्श किए जाने की जरूरत
है।
नयी दिल्ली. सरकार ने बुधवार को कहा कि निजी क्षेत्र
की नौकरियों में गैर-कार्यकारी स्तर पर स्थानीय युवाओं को आरक्षण मुहैया
कराने के लिए कानून लाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। सरकार से सवाल किया गया था, ‘‘क्या सरकार निजी क्षेत्र की नौकरियों में
कार्यकारी स्तर पर स्थानीय युवाओं को आरक्षण प्रदान करने के लिए कोई मॉडल
कानून लाएगी?’’इसके जवाब में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने कहा,
‘‘ सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है।’’
इसके साथ ही सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री ए नारायणस्वामी
ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक सवालों के जवाब में कहा कि निजी
क्षेत्र में समाज के विभिन्न वर्गों के लिए आरक्षण के संबंध में संविधान
में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने कहा कि सिर्फ कानून बना कर ही निजी
क्षेत्र में आरक्षण के प्रावधान किए जा सकते हैं। मंत्री ने कहा कि इसके
लिए विभिन्न संबंधित पक्षों के साथ व्यापक विचारविमर्श किए जाने की जरूरत
है।



Journalist खबरीलाल














