रायपुर । रायपुर के साइंस कालेज
मैदान में आयोजित प्रदर्शनी में स्कूल शिक्षा विभाग की प्रदर्शनी में
स्वामी आत्मानंद स्कूल की अधोसंरचना के माडल लोगों के आकर्षण का केंद्र
रहा। प्रदेश में 171 अंग्रेजी के उत्कृष्ट स्वामी आत्मानंद विद्यालय
संचालित हैं और अब प्रदेश के सभी विकासखंडों में हिंदी के उत्कृष्ट
विद्यालय खोलने की तैयारी है। यहां बच्चों को बेहतर शिक्षा के लिए
स्मार्ट क्लास, माडर्न लेबोरेटरी, लाइब्रेरी और डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा
मिलेगी। साइंस कालेज में लगी प्रदर्शनी के विभिन्न स्टालों का अभिभावकों
ने अवलोकन किया। उन्होंने राज्य के विभिन्न जिलों से आए शिक्षकों द्वारा
किए गए नवाचारों की सराहना की। प्रत्येक स्टाल में शिक्षकों से बातचीत कर
स्टाल के संबंध में संक्षिप्त जानकारी प्राप्त की। गौरतलब है कि स्वामी
आत्मानंद स्कूलों में प्रदेश के 72 हजार बच्चों को अंग्रेजी माध्यम में
पढ़ने का अवसर मिला है।
कोरोना काल में ये नवाचार रहे चर्चित
स्कूल
शिक्षा मंत्री डा. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने बताया कि कोरोना काल में जब
स्कूल बंद हो गए थे तब प्रदेश में कई नवाचारों से बच्चों की पढ़ाई शुरू
हुई। पढ़ई तुंहर दुआर, मल्टी मीडिया, हमारे प्रकाशन, नवा जतन आंकलन, अंगना म
शिक्षा, व्यवसायिक शिक्षा, डिजिटल साक्षरता, टाय स्टाल, सिनेमा वाले
गुरूजी सहित कई नवाचारी गतिविधियों, आइटीआइ, समग्र शिक्षा, एससीईआरटी,
राज्य साक्षरता मिशन के स्टालों का भी निरीक्षण किया।शिक्षकों ने विज्ञान कालेज, अंग्रेजी का विज्ञान-ऐसा क्यों ?, अंगना म
शिक्षण, कबाड़ से जुगाड़, खिलौने द्वारा शिक्षा, सौर मंडल चलित आदि नवाचार
गतिविधियों के विस्तृत जानकारी स्कूल शिक्षा मंत्री को दी। डिजिटल साक्षरता
के अंतर्गत महिलाओं द्वारा निर्मित बड़ी, पापड़, मिर्च का प्रदर्शन किया
गया। मोबाइल और कंप्यूटर का उपयोग दैनिक जीवन में किस तरह कर रहे हैं इस
संबंध में अंगना म शिक्षा का स्टाल आकर्षण का केंद्र बना।
रायपुर । रायपुर के साइंस कालेज
मैदान में आयोजित प्रदर्शनी में स्कूल शिक्षा विभाग की प्रदर्शनी में
स्वामी आत्मानंद स्कूल की अधोसंरचना के माडल लोगों के आकर्षण का केंद्र
रहा। प्रदेश में 171 अंग्रेजी के उत्कृष्ट स्वामी आत्मानंद विद्यालय
संचालित हैं और अब प्रदेश के सभी विकासखंडों में हिंदी के उत्कृष्ट
विद्यालय खोलने की तैयारी है। यहां बच्चों को बेहतर शिक्षा के लिए
स्मार्ट क्लास, माडर्न लेबोरेटरी, लाइब्रेरी और डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा
मिलेगी। साइंस कालेज में लगी प्रदर्शनी के विभिन्न स्टालों का अभिभावकों
ने अवलोकन किया। उन्होंने राज्य के विभिन्न जिलों से आए शिक्षकों द्वारा
किए गए नवाचारों की सराहना की। प्रत्येक स्टाल में शिक्षकों से बातचीत कर
स्टाल के संबंध में संक्षिप्त जानकारी प्राप्त की। गौरतलब है कि स्वामी
आत्मानंद स्कूलों में प्रदेश के 72 हजार बच्चों को अंग्रेजी माध्यम में
पढ़ने का अवसर मिला है।
कोरोना काल में ये नवाचार रहे चर्चित
स्कूल
शिक्षा मंत्री डा. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने बताया कि कोरोना काल में जब
स्कूल बंद हो गए थे तब प्रदेश में कई नवाचारों से बच्चों की पढ़ाई शुरू
हुई। पढ़ई तुंहर दुआर, मल्टी मीडिया, हमारे प्रकाशन, नवा जतन आंकलन, अंगना म
शिक्षा, व्यवसायिक शिक्षा, डिजिटल साक्षरता, टाय स्टाल, सिनेमा वाले
गुरूजी सहित कई नवाचारी गतिविधियों, आइटीआइ, समग्र शिक्षा, एससीईआरटी,
राज्य साक्षरता मिशन के स्टालों का भी निरीक्षण किया।शिक्षकों ने विज्ञान कालेज, अंग्रेजी का विज्ञान-ऐसा क्यों ?, अंगना म
शिक्षण, कबाड़ से जुगाड़, खिलौने द्वारा शिक्षा, सौर मंडल चलित आदि नवाचार
गतिविधियों के विस्तृत जानकारी स्कूल शिक्षा मंत्री को दी। डिजिटल साक्षरता
के अंतर्गत महिलाओं द्वारा निर्मित बड़ी, पापड़, मिर्च का प्रदर्शन किया
गया। मोबाइल और कंप्यूटर का उपयोग दैनिक जीवन में किस तरह कर रहे हैं इस
संबंध में अंगना म शिक्षा का स्टाल आकर्षण का केंद्र बना।



Journalist खबरीलाल














