पलक्कड़(केरल). केरल के पलक्कड़ जिले के मलमपुझा में एक
पहाड़ी पर चट्टानों के बीच करीब दो दिन से फंसे युवक को सेना के बचाव दलों
ने बचा लिया है। सेना के जवानों ने बाबू नामक युवक को पहाड़ी से सुरक्षित
निकालने से पहले भोजन और पानी मुहैया कराया।
टेलीविजन चैनल पर प्रसारित तस्वीरों में दिख रहा है कि सेना के जवान
युवक की पहाड़ी से उतरने में मदद कर रहे हैं। सेना के इन विशेष दलों को इस
तरह के बचाव कार्यों में विशेषज्ञता प्राप्त है और वे मंगलवार रात को
बेंगलुरु से यहां पहुंचे थे।
तस्वीरों में दिख रहा है कि युवक को एक बचाव कर्मी ने खुद से बांध रखा था
और उसे आराम देने के लिए बीच-बीच में रुक कर बचाव दल धीरे-धीरे उतर रहा था।
युवक को बुधवार पूर्वाह्न 10 बजकर आठ मिनट पर सेना के जवानों ने
सुरक्षित निकाला और इसके साथ ही वृहद स्तर पर चले बचाव अभियान का समापन
हुआ। यह राज्य में अपने तरह का पहला बचाव अभियान था, जिसमें स्थानीय निकाय,
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, तटरक्षक शामिल थे और वायुसेना को तैयार रखा गया
था।
उल्लेखनीय है कि बाबू सोमवार से ही पहाड़ी पर चट्टानों के बीच फंसा था।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, युवक ने अपने दो साथियों के साथ सोमवार को चेराड
पहाड़ी की चढ़ाई करने की योजना बनाई, लेकिन उसके दोनों साथी आधे रास्ते से
ही वापस आ गए। इसके बावजूद बाबू ने चढ़ाई करना जारी रखा और वहां पहुंचने पर
उसका पैर फिसल गया और वह चट्टानों के बीच फंस गया।
पलक्कड़(केरल). केरल के पलक्कड़ जिले के मलमपुझा में एक
पहाड़ी पर चट्टानों के बीच करीब दो दिन से फंसे युवक को सेना के बचाव दलों
ने बचा लिया है। सेना के जवानों ने बाबू नामक युवक को पहाड़ी से सुरक्षित
निकालने से पहले भोजन और पानी मुहैया कराया।
टेलीविजन चैनल पर प्रसारित तस्वीरों में दिख रहा है कि सेना के जवान
युवक की पहाड़ी से उतरने में मदद कर रहे हैं। सेना के इन विशेष दलों को इस
तरह के बचाव कार्यों में विशेषज्ञता प्राप्त है और वे मंगलवार रात को
बेंगलुरु से यहां पहुंचे थे।
तस्वीरों में दिख रहा है कि युवक को एक बचाव कर्मी ने खुद से बांध रखा था
और उसे आराम देने के लिए बीच-बीच में रुक कर बचाव दल धीरे-धीरे उतर रहा था।
युवक को बुधवार पूर्वाह्न 10 बजकर आठ मिनट पर सेना के जवानों ने
सुरक्षित निकाला और इसके साथ ही वृहद स्तर पर चले बचाव अभियान का समापन
हुआ। यह राज्य में अपने तरह का पहला बचाव अभियान था, जिसमें स्थानीय निकाय,
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, तटरक्षक शामिल थे और वायुसेना को तैयार रखा गया
था।
उल्लेखनीय है कि बाबू सोमवार से ही पहाड़ी पर चट्टानों के बीच फंसा था।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, युवक ने अपने दो साथियों के साथ सोमवार को चेराड
पहाड़ी की चढ़ाई करने की योजना बनाई, लेकिन उसके दोनों साथी आधे रास्ते से
ही वापस आ गए। इसके बावजूद बाबू ने चढ़ाई करना जारी रखा और वहां पहुंचने पर
उसका पैर फिसल गया और वह चट्टानों के बीच फंस गया।



Journalist खबरीलाल














