रायपुर के साइंस कॉलेज ग्राउंड में नागपुर से भारत सरकार का दक्षिण-मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र और छत्तीसगढ़ संस्कृति विभाग की तरफ से आयोजित ऑक्टिव नॉर्थ-ईस्ट फेस्टिवल चल रहा है। इस फेस्टिवल नॉर्थ-ईस्ट क्षेत्र से कलाकार, हस्तशिल्पी और भोजन विशेषज्ञ छत्तीसगढ़ आए हुए हैं।
बीते दिनों इन्होंने अव्यवस्था व प्रशासन द्वारा अनदेखी की शिकायत की थी। यह मामला संज्ञान में आते ही छत्तीसगढ़ के संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने तुरंत विभाग के अधिकारियों की बैठक बुलाई। इस संबंध में समीक्षा करते हुए अधिकारियों को तत्काल इस समस्या के निराकरण और व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत स्वयं आयोजन स्थल मामले का जायजा लेने जा रहे हैं। उनका कहना है कि छत्तीसगढ़ सरकार लगातार कला व संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए नई-नई पहल कर रही है। ऐसे में अगर नॉर्थ-ईस्ट के मेहमान बुरे अनुभव लेकर जाते हैं तो प्रदेशवासियों के लिए भी अच्छा संकेत नहीं है। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति बिल्कुल नहीं होनी चाहिए। गौरतलब है कि यहां 250 लोकनर्तक और 10 के करीब हैंडलूम और व्यंजनों का स्टॉल लगाने वाले भी पहुंचे हैं।
रायपुर के साइंस कॉलेज ग्राउंड में नागपुर से भारत सरकार का दक्षिण-मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र और छत्तीसगढ़ संस्कृति विभाग की तरफ से आयोजित ऑक्टिव नॉर्थ-ईस्ट फेस्टिवल चल रहा है। इस फेस्टिवल नॉर्थ-ईस्ट क्षेत्र से कलाकार, हस्तशिल्पी और भोजन विशेषज्ञ छत्तीसगढ़ आए हुए हैं।
बीते दिनों इन्होंने अव्यवस्था व प्रशासन द्वारा अनदेखी की शिकायत की थी। यह मामला संज्ञान में आते ही छत्तीसगढ़ के संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने तुरंत विभाग के अधिकारियों की बैठक बुलाई। इस संबंध में समीक्षा करते हुए अधिकारियों को तत्काल इस समस्या के निराकरण और व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत स्वयं आयोजन स्थल मामले का जायजा लेने जा रहे हैं। उनका कहना है कि छत्तीसगढ़ सरकार लगातार कला व संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए नई-नई पहल कर रही है। ऐसे में अगर नॉर्थ-ईस्ट के मेहमान बुरे अनुभव लेकर जाते हैं तो प्रदेशवासियों के लिए भी अच्छा संकेत नहीं है। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति बिल्कुल नहीं होनी चाहिए। गौरतलब है कि यहां 250 लोकनर्तक और 10 के करीब हैंडलूम और व्यंजनों का स्टॉल लगाने वाले भी पहुंचे हैं।



Journalist खबरीलाल














