रायपुर । कोरोना संक्रमण और
लाकडाउन के दौरान जहां एक ओर लोग अपने घरों में थे, वहीं लोगों को असुविधा न
हो, इसके लिए नगर निगम के कर्मचारियों-अधिकारियों ने अपने परिवार की चिंता
छोड़कर काम करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी।
शहर की स्वच्छता का जिम्मा संभालते हुए बेहतर काम किया
रायपुर
नगर निगम की सहायक स्वास्थ्य अधिकारी डा.तृप्ति पाणिग्रही इनमें से एक
हैं। उन्होंने शहर की स्वच्छता का जिम्मा संभालते हुए बेहतर काम किया। वे
रोज अपनी छोटी बच्ची को साथ लेकर ड्यूटी करने जाती थीं। उनका कहना है कि
स्वास्थ्य विभाग एक ऐसा विभाग है, जो सीधा जनता से जुड़ा हुआ है। चाहे
साफ-सफाई की व्यवस्था हो या कोरोना से बचने लोगों को मास्क लगाने प्रेरित
करने के साथ दिन-रात कोरोना मरीजों का ख्याल भी रखा। इस दौरान कोरोना
संक्रमित भी हो गई थीं, लेकिन बहुत जल्दी ठीक होकर डयूटी पर लौटीं।
नौकरी और परिवार दोनों प्राथमिकता
उन्होंने कहा-
परिवार और नौकरी दोनों ही मेरी प्राथमिकता और जिम्मेदारी है। मेरी बेटी
छोटी है, लेकिन एक अधिकारी होने के नाते मैं बहाना नहीं बना सकती। मैं उन
महिलाओं में से हूं, जो कुछ करके दिखाना चाहती हूं। मेरा काम प्रभावित न हो
और बच्ची को मां की कमी महसूस न हो, यह दोनों जवाबदारी निभानी है, इसलिए
अपनी बेटी को फील्ड पर लेकर अब भी जाती हूं।
पुराने अनुभव से मिला लाभ
डा.पाणिग्रही ने बताया
कि पीएससी क्वालिफाइड करके यहां तक पहुंची। पहले नगर निगम में प्लेसमेंट
में काम करती थी। शुरू से ही उच्च अधिकारियों को देखती थी तो मेरे अंदर भी
यह भावना रहती थी कि मुझे भी अधिकारी बनना है, कुछ करना है। शुरुआत में
चुनौती का सामना भी किया, लेकिन पुराने अनुभव से लाभ मिला। साल 2018 से
निगम में काम करती आ रही हूं। 2019 से निगम के जोन एक से पांच तक स्वास्थ्य
अधिकारी के रूप में काम करते हुए सफाई व्यवस्था बेहतर बनाने की पूरी कोशिश
कर रही हूं।
रायपुर । कोरोना संक्रमण और
लाकडाउन के दौरान जहां एक ओर लोग अपने घरों में थे, वहीं लोगों को असुविधा न
हो, इसके लिए नगर निगम के कर्मचारियों-अधिकारियों ने अपने परिवार की चिंता
छोड़कर काम करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी।
शहर की स्वच्छता का जिम्मा संभालते हुए बेहतर काम किया
रायपुर
नगर निगम की सहायक स्वास्थ्य अधिकारी डा.तृप्ति पाणिग्रही इनमें से एक
हैं। उन्होंने शहर की स्वच्छता का जिम्मा संभालते हुए बेहतर काम किया। वे
रोज अपनी छोटी बच्ची को साथ लेकर ड्यूटी करने जाती थीं। उनका कहना है कि
स्वास्थ्य विभाग एक ऐसा विभाग है, जो सीधा जनता से जुड़ा हुआ है। चाहे
साफ-सफाई की व्यवस्था हो या कोरोना से बचने लोगों को मास्क लगाने प्रेरित
करने के साथ दिन-रात कोरोना मरीजों का ख्याल भी रखा। इस दौरान कोरोना
संक्रमित भी हो गई थीं, लेकिन बहुत जल्दी ठीक होकर डयूटी पर लौटीं।
नौकरी और परिवार दोनों प्राथमिकता
उन्होंने कहा-
परिवार और नौकरी दोनों ही मेरी प्राथमिकता और जिम्मेदारी है। मेरी बेटी
छोटी है, लेकिन एक अधिकारी होने के नाते मैं बहाना नहीं बना सकती। मैं उन
महिलाओं में से हूं, जो कुछ करके दिखाना चाहती हूं। मेरा काम प्रभावित न हो
और बच्ची को मां की कमी महसूस न हो, यह दोनों जवाबदारी निभानी है, इसलिए
अपनी बेटी को फील्ड पर लेकर अब भी जाती हूं।
पुराने अनुभव से मिला लाभ
डा.पाणिग्रही ने बताया
कि पीएससी क्वालिफाइड करके यहां तक पहुंची। पहले नगर निगम में प्लेसमेंट
में काम करती थी। शुरू से ही उच्च अधिकारियों को देखती थी तो मेरे अंदर भी
यह भावना रहती थी कि मुझे भी अधिकारी बनना है, कुछ करना है। शुरुआत में
चुनौती का सामना भी किया, लेकिन पुराने अनुभव से लाभ मिला। साल 2018 से
निगम में काम करती आ रही हूं। 2019 से निगम के जोन एक से पांच तक स्वास्थ्य
अधिकारी के रूप में काम करते हुए सफाई व्यवस्था बेहतर बनाने की पूरी कोशिश
कर रही हूं।



Journalist खबरीलाल














