- विधायकों ने मंत्री के जवाब से असंतुष्ट होकर किया सदन का बहिर्गमन ।
- अनेक प्रश्नों का जवाब नही दे पाये शिक्षा मंत्री
- बृजमोहन ने हिंदी मीडियम स्कूल बंद करने व भारी भ्रष्टाचार का आरोप लगाया
रायपुर / 8 मार्च / भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने आज विधानसभा में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूलों के नाम पर हिंदी मीडियम की स्कूलों को बंद करने , वहां पर शिक्षकों को हटाए जाने व अंग्रेजी माध्यम स्कूलों के नाम पर भारी भ्रष्टाचार का मामला विधानसभा में उठाया। स्कूल शिक्षा मंत्री पूरे मामले में जवाब नहीं दे पाए और यही कहते रहे कि एक भी हिंदी मीडियम स्कूल बंद नहीं किया जाएगा। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट होकर सदस्यों ने सदन का बहिर्गमन किया ।
श्री अग्रवाल ने ध्यानाकर्षण के तहत मामला उठाते हुए कहा कि शिक्षा में उपलब्ध अधिकतम संसाधन स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ठ अग्रंेजी विद्यालय को सौंपकर सरकार का हिन्दी माध्यम स्कूलों के लाख बच्चो के साथ अन्याया व अत्याचार कर रही है।
हिन्दी के स्कूलों को षड्यंत्र पूर्वक बंद किया जा रहा है। सरकार ने प्रदेश मंें चल रहे सैकड़ों हिन्दी माध्यम स्कूलों जिसमें लाखो की संख्या में छात्र अध्ययनरत् थे, इन्ही स्कूलों मे अग्रेंजी माध्यम स्कूल प्रारंभ किया है, अनेकोनेक मदो की राशि इन स्कूलांे में खर्च कर भ्रष्टाचार किया गया है। विभागीय बजट में इन स्कूलों के लिए शिक्षक एवं अन्य स्टॉफ के लिए नियमित स्वीकृति नही दी गई है, हिन्दी माध्यम स्कूल जो अनेकोनेक महापुरूषों/स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व प्रेरणादायी लोगो के नाम पर जो स्कूल थे उसे रातोरात बदल दिया गया।
इन सभी महापुरूषों के नाम के अस्तिव को ही समाप्त करने का षड्यंत्र किया गया। हिन्दी विद्यालय में अध्यापन के लिए व कार्यालयीन कार्यो में लगे स्टॉफ को एक -एक कर वहा से हटाया जा रहा है, जिसमें हिन्दी माध्यम के बच्चो की बढ़ाई प्रभावित हो, बच्चें मजबूरी में स्कूल छोड़ दे।
अग्रेंजी माध्यम स्कूलों में संविदा भर्ती के नाम पर भ्रष्टाचार का तांडव मचाया गया है बिलासपुर संभाग में तो संविदा भर्ती न कर पैसा ले लेकर सूदूर क्षेत्रों में पदस्त शिक्षकों को पूरे प्रदेश से संलग्न/प्रतिनियुक्ति पर लाया गया है जिससे जिन हिन्दी स्कूल को बंद किया जा रहा है वहाँ पर 5-5 कि.मी. दूर कोई हिन्दी मीडियम की स्कूल नही है, आखिर इन क्षेत्रों मे बालिका शिक्षा का क्या होगा। आखिर क्या कारण कि स्कूलों को सरकार द्वारा चलाने के बजाय सोसायटी गठित कर चलवाई जा रही है। आखिर इसमें नियुक्ति स्टॉफ को नियमित वेतन की क्या व्यवस्था की गई है। प्रदेश के लाखों छात्रों के मन में भारी भय है आशंका व्याप्त है कि यह सरकार उनके हिन्दी मीडियम स्कूलों को बंद कर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।
श्री अग्रवाल के ध्यानाकर्षण पर आज सदन में गरमा गरम चर्चा हुई । श्री अग्रवाल ने आरोप लगाया कि सरकार संविधान के अनुच्छेद 345 के तहत विधानसभा में पारित संकल्प के खिलाफ जाकर काम कर रहे हैं देश की राजभाषा हिंदी और छत्तीसगढ़ की मातृभाषा छत्तीसगढ़ी के खिलाफ जाकर प्रदेश में प्राथमिक स्कूल के बच्चों को अंग्रेजी की शिक्षा दे रहे जा रही है ।
श्री अग्रवाल ने कहा कि सरकार नई शिक्षा नीति के खिलाफ जाकर , हमारे संविधान में अनुच्छेद 350 , 351 और विधानसभा का संकल्प है उसके बाद भी अपने यह परिवर्तन क्यो किया?
श्री अग्रवाल ने कहा कि स्वामी आत्मानंद पूरे छत्तीसगढ़ के लिए ,पूरे देश के लिए बहुत सम्माननीय पर उनके नाम पर अन्य महापुरुष , मनीषी ,स्वत्रंत्रता संग्राम सेनानी , शिक्षाविद ,दानदाताओ के नाम को क्यो विलोपित कराया जा रहा है भ्रष्टाचार किया जा रहा है। बीपी पुजारी, रामदयाल तिवारी शहीद स्मारक , नगर माता बिन्नी बाई , रानी अरुंधति देवी , श्रृंगी ऋषि , सरदार वल्लभभाई पटेल , राजा नटवर सिंह , सहित अनेक महापुरुषों के नाम पर जो स्कूल संचालित है उनका क्या होगा अब इन स्कूलों से महापुरुषों के नाम मिटा दिया जाएगा।
श्री अग्रवाल ने कहा कि जिन 171 हिंदी मीडियम स्कूलों में अंग्रेजी मीडियम स्कूल खोला गया है । 171 स्कूलों में 71 हजार से ज्यादा बच्चे स्कूलों में थे ,इन बच्चों का क्या होगा ।मेरे विधानसभा में शासकीय उत्तर माध्यमिक विद्यालय भाटा गांव में 1200 बच्चे अध्ययनरत हैं इनका क्या होगा वहाँ के 23 शिक्षकों का क्या होगा जिसको आपने हटा दिया है । अभी इन बच्चों को कौन पढ़ाएगा ।
श्री अग्रवाल ने कहा कि किसी कलेक्टर को दूसरे जिले से हिंदी मीडियम स्कूलों के शिक्षकों को डेपुटेशन पर बुलाने का क्या अधिकार है। मेरे पास आदेश की कॉपी है । छत्तीसगढ़ में कौन से नियम ,कानून चल रहा है। शिक्षकों का परिविक अवधि खत्म नहीं हुआ है उन्हें डेपुटेशन दे दी गई ।
6 महीने पहले पोस्टिंग हुआ है पूरे प्रतिनियुक्ति दे दी गई। और तो और ट्रायबल जिलों से बिलासपुर लाने का कलेक्टर का आर्डर है। क्या कलेक्टर को अधिकार है कि जशपुर से ,चांपा से, रायगढ़ से कोरियर से मुंगेली से ,बलौदा बाजार से, रायगढ़ से, गरियाबंद से, बस्तर से ,कोंडागांव से, कांकेर से बस्तर से जो टीचर अपने जिला में आना चाहते हैं वह मोटी रकम देकर अपने गृह जिले पहुंच गए । पूरे क्षेत्र के बच्चों का भविष्य का सवाल है क्या अनुसूचित क्षेत्रों से बिना अवजीदर के किसी शिक्षक को बुलाने का अधिकार है। एक कलेक्टर को दूसरे जिले के शिक्षकों को प्रतिनियुक्ति पर बुलाने का अधिकार है ।बिलासपुर में 100 से अधिक शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति पर 10 करोड से अधिक रुपए वसूले गए। बिलासपुर में संविदा भर्ती क्यो नही की सभी शिक्षकों का डेपुटेशन क्यों किया।
अग्रवाल ने कहा कि आर डी तिवारी स्कूल रायपुर , बीपी पुजारी स्कूल रायपुर, शहीद स्मारक रायपुर , के हिंदी माध्यम के स्कूलों को बंद कर दिया गया है । क्या इसको फिर प्रारंभ करेंगे । बिन्नी बाई उ मा विद्यालय भाठागांव के सभी शिक्षकों का ट्रांसफर कर दिया गयाहै क्या उनको वापस लाया जाएगा ।मेरा प्रश्न है और आप जवाब दें ।
ध्यान आकर्षण में विधायक केशव चंद्रा ,प्रमोद शर्मा ने भी भाग लिया मंत्री के जवाब से असंतुष्ट भाजपा विधायकों ने सदन से बहिर्गमन किया ।
- विधायकों ने मंत्री के जवाब से असंतुष्ट होकर किया सदन का बहिर्गमन ।
- अनेक प्रश्नों का जवाब नही दे पाये शिक्षा मंत्री
- बृजमोहन ने हिंदी मीडियम स्कूल बंद करने व भारी भ्रष्टाचार का आरोप लगाया
रायपुर / 8 मार्च / भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने आज विधानसभा में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूलों के नाम पर हिंदी मीडियम की स्कूलों को बंद करने , वहां पर शिक्षकों को हटाए जाने व अंग्रेजी माध्यम स्कूलों के नाम पर भारी भ्रष्टाचार का मामला विधानसभा में उठाया। स्कूल शिक्षा मंत्री पूरे मामले में जवाब नहीं दे पाए और यही कहते रहे कि एक भी हिंदी मीडियम स्कूल बंद नहीं किया जाएगा। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट होकर सदस्यों ने सदन का बहिर्गमन किया ।
श्री अग्रवाल ने ध्यानाकर्षण के तहत मामला उठाते हुए कहा कि शिक्षा में उपलब्ध अधिकतम संसाधन स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ठ अग्रंेजी विद्यालय को सौंपकर सरकार का हिन्दी माध्यम स्कूलों के लाख बच्चो के साथ अन्याया व अत्याचार कर रही है।
हिन्दी के स्कूलों को षड्यंत्र पूर्वक बंद किया जा रहा है। सरकार ने प्रदेश मंें चल रहे सैकड़ों हिन्दी माध्यम स्कूलों जिसमें लाखो की संख्या में छात्र अध्ययनरत् थे, इन्ही स्कूलों मे अग्रेंजी माध्यम स्कूल प्रारंभ किया है, अनेकोनेक मदो की राशि इन स्कूलांे में खर्च कर भ्रष्टाचार किया गया है। विभागीय बजट में इन स्कूलों के लिए शिक्षक एवं अन्य स्टॉफ के लिए नियमित स्वीकृति नही दी गई है, हिन्दी माध्यम स्कूल जो अनेकोनेक महापुरूषों/स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व प्रेरणादायी लोगो के नाम पर जो स्कूल थे उसे रातोरात बदल दिया गया।
इन सभी महापुरूषों के नाम के अस्तिव को ही समाप्त करने का षड्यंत्र किया गया। हिन्दी विद्यालय में अध्यापन के लिए व कार्यालयीन कार्यो में लगे स्टॉफ को एक -एक कर वहा से हटाया जा रहा है, जिसमें हिन्दी माध्यम के बच्चो की बढ़ाई प्रभावित हो, बच्चें मजबूरी में स्कूल छोड़ दे।
अग्रेंजी माध्यम स्कूलों में संविदा भर्ती के नाम पर भ्रष्टाचार का तांडव मचाया गया है बिलासपुर संभाग में तो संविदा भर्ती न कर पैसा ले लेकर सूदूर क्षेत्रों में पदस्त शिक्षकों को पूरे प्रदेश से संलग्न/प्रतिनियुक्ति पर लाया गया है जिससे जिन हिन्दी स्कूल को बंद किया जा रहा है वहाँ पर 5-5 कि.मी. दूर कोई हिन्दी मीडियम की स्कूल नही है, आखिर इन क्षेत्रों मे बालिका शिक्षा का क्या होगा। आखिर क्या कारण कि स्कूलों को सरकार द्वारा चलाने के बजाय सोसायटी गठित कर चलवाई जा रही है। आखिर इसमें नियुक्ति स्टॉफ को नियमित वेतन की क्या व्यवस्था की गई है। प्रदेश के लाखों छात्रों के मन में भारी भय है आशंका व्याप्त है कि यह सरकार उनके हिन्दी मीडियम स्कूलों को बंद कर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।
श्री अग्रवाल के ध्यानाकर्षण पर आज सदन में गरमा गरम चर्चा हुई । श्री अग्रवाल ने आरोप लगाया कि सरकार संविधान के अनुच्छेद 345 के तहत विधानसभा में पारित संकल्प के खिलाफ जाकर काम कर रहे हैं देश की राजभाषा हिंदी और छत्तीसगढ़ की मातृभाषा छत्तीसगढ़ी के खिलाफ जाकर प्रदेश में प्राथमिक स्कूल के बच्चों को अंग्रेजी की शिक्षा दे रहे जा रही है ।
श्री अग्रवाल ने कहा कि सरकार नई शिक्षा नीति के खिलाफ जाकर , हमारे संविधान में अनुच्छेद 350 , 351 और विधानसभा का संकल्प है उसके बाद भी अपने यह परिवर्तन क्यो किया?
श्री अग्रवाल ने कहा कि स्वामी आत्मानंद पूरे छत्तीसगढ़ के लिए ,पूरे देश के लिए बहुत सम्माननीय पर उनके नाम पर अन्य महापुरुष , मनीषी ,स्वत्रंत्रता संग्राम सेनानी , शिक्षाविद ,दानदाताओ के नाम को क्यो विलोपित कराया जा रहा है भ्रष्टाचार किया जा रहा है। बीपी पुजारी, रामदयाल तिवारी शहीद स्मारक , नगर माता बिन्नी बाई , रानी अरुंधति देवी , श्रृंगी ऋषि , सरदार वल्लभभाई पटेल , राजा नटवर सिंह , सहित अनेक महापुरुषों के नाम पर जो स्कूल संचालित है उनका क्या होगा अब इन स्कूलों से महापुरुषों के नाम मिटा दिया जाएगा।
श्री अग्रवाल ने कहा कि जिन 171 हिंदी मीडियम स्कूलों में अंग्रेजी मीडियम स्कूल खोला गया है । 171 स्कूलों में 71 हजार से ज्यादा बच्चे स्कूलों में थे ,इन बच्चों का क्या होगा ।मेरे विधानसभा में शासकीय उत्तर माध्यमिक विद्यालय भाटा गांव में 1200 बच्चे अध्ययनरत हैं इनका क्या होगा वहाँ के 23 शिक्षकों का क्या होगा जिसको आपने हटा दिया है । अभी इन बच्चों को कौन पढ़ाएगा ।
श्री अग्रवाल ने कहा कि किसी कलेक्टर को दूसरे जिले से हिंदी मीडियम स्कूलों के शिक्षकों को डेपुटेशन पर बुलाने का क्या अधिकार है। मेरे पास आदेश की कॉपी है । छत्तीसगढ़ में कौन से नियम ,कानून चल रहा है। शिक्षकों का परिविक अवधि खत्म नहीं हुआ है उन्हें डेपुटेशन दे दी गई ।
6 महीने पहले पोस्टिंग हुआ है पूरे प्रतिनियुक्ति दे दी गई। और तो और ट्रायबल जिलों से बिलासपुर लाने का कलेक्टर का आर्डर है। क्या कलेक्टर को अधिकार है कि जशपुर से ,चांपा से, रायगढ़ से कोरियर से मुंगेली से ,बलौदा बाजार से, रायगढ़ से, गरियाबंद से, बस्तर से ,कोंडागांव से, कांकेर से बस्तर से जो टीचर अपने जिला में आना चाहते हैं वह मोटी रकम देकर अपने गृह जिले पहुंच गए । पूरे क्षेत्र के बच्चों का भविष्य का सवाल है क्या अनुसूचित क्षेत्रों से बिना अवजीदर के किसी शिक्षक को बुलाने का अधिकार है। एक कलेक्टर को दूसरे जिले के शिक्षकों को प्रतिनियुक्ति पर बुलाने का अधिकार है ।बिलासपुर में 100 से अधिक शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति पर 10 करोड से अधिक रुपए वसूले गए। बिलासपुर में संविदा भर्ती क्यो नही की सभी शिक्षकों का डेपुटेशन क्यों किया।
अग्रवाल ने कहा कि आर डी तिवारी स्कूल रायपुर , बीपी पुजारी स्कूल रायपुर, शहीद स्मारक रायपुर , के हिंदी माध्यम के स्कूलों को बंद कर दिया गया है । क्या इसको फिर प्रारंभ करेंगे । बिन्नी बाई उ मा विद्यालय भाठागांव के सभी शिक्षकों का ट्रांसफर कर दिया गयाहै क्या उनको वापस लाया जाएगा ।मेरा प्रश्न है और आप जवाब दें ।
ध्यान आकर्षण में विधायक केशव चंद्रा ,प्रमोद शर्मा ने भी भाग लिया मंत्री के जवाब से असंतुष्ट भाजपा विधायकों ने सदन से बहिर्गमन किया ।



Journalist खबरीलाल














