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Raipur (खबरीलाल न्यूज़) :: जिला अस्पताल में मुफ्त डायलिसिस से सत्यवती को राहत, परिवार पर कम हुआ आर्थिक बोझ :

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रायपुर, 13 अप्रैल 2026/ अभनपुर निवासी सत्यवती भी अपने अन्य दोस्तों की तरह पढ़ाई और करियर बनाने के लिए संघर्ष कर रही थी, तभी जिंदगी ने उनके सामने एक बड़ी चुनौती रख दी। कॉलेज में प्रथम वर्ष की इस छात्रा को किडनी से जुड़ी गंभीर समस्या ने घेर लिया और इलाज के लिए डॉक्टरों ने हफ्ते में 2-3 बार डायलिसिस कराने की सलाह दी।

इलाज की शुरुआत अभनपुर के एक निजी अस्पताल से हुई पर वहां हर हफ्ते 2-3 बार डायलिसिस कराने में  करीबन 35 हजार रुपये का खर्च आता था, जो लंबे समय तक वहन करना सत्यवती एवं उनके परिवार के लिए संभव नहीं था।इसी बीच सत्या‍वती को जिला अस्पताल रायपुर में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम के तहत मुफ्त इलाज की जानकारी मिली। अब वह नियमित रूप से जिला अस्पताल, पंडरी में डायलिसिस करा रहीं हैं, वो भी बिना कोई शुल्क दिए।

सत्यवती बताती हैं कि पहले हर दिन चिंता बनी रहती थी कि इलाज कैसे होगा, पैसे कहां से आएंगे। अब कम से कम यह चिंता खत्म हो गई है। इलाज समय पर हो रहा है, जिससे उसकी तबीयत भी सुधर रही है। परिवार के लिए भी यह बड़ी राहत है। सत्यवती के साथ आये उनके भाई कहते हैं कि पहले हर हफ्ते पैसे की व्यवस्था करना सबसे बड़ा तनाव था। अब जिला अस्पताल में मुफ्त सुविधा मिलने से घर की स्थिति संभल पाई है।

जिला अस्पताल में चल रही यह सेवा ऐसे कई मरीजों के लिए सहारा बन रही है, जो महंगे इलाज का खर्च उठाने में असमर्थ हैं। डायलिसिस केंद्र की संचालिका ने बताया कि जिला अस्पताल के दूसरे फ्लोर पर स्थित इस केंद्र में डायलिसिस के लिए 11 मशीनें उपलब्ध हैं और दिन में 30 से अधिक सेशन डायलिसिस किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि औसतन हर महीने ज़िला अस्पताल में 80 से ज्यादा मरीज निशुल्क डायलिसिस करवाकर इस सुविधा का लाभ ले रहे हैं। सत्यवती और अन्य किडनी मरीजों के लिए यह योजना सिर्फ इलाज नहीं, बल्कि बिना आर्थिक बोझ के सामान्य जीवन की ओर लौटने की उम्मीद भी है।


रायपुर, 13 अप्रैल 2026/ अभनपुर निवासी सत्यवती भी अपने अन्य दोस्तों की तरह पढ़ाई और करियर बनाने के लिए संघर्ष कर रही थी, तभी जिंदगी ने उनके सामने एक बड़ी चुनौती रख दी। कॉलेज में प्रथम वर्ष की इस छात्रा को किडनी से जुड़ी गंभीर समस्या ने घेर लिया और इलाज के लिए डॉक्टरों ने हफ्ते में 2-3 बार डायलिसिस कराने की सलाह दी।

इलाज की शुरुआत अभनपुर के एक निजी अस्पताल से हुई पर वहां हर हफ्ते 2-3 बार डायलिसिस कराने में  करीबन 35 हजार रुपये का खर्च आता था, जो लंबे समय तक वहन करना सत्यवती एवं उनके परिवार के लिए संभव नहीं था।इसी बीच सत्या‍वती को जिला अस्पताल रायपुर में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम के तहत मुफ्त इलाज की जानकारी मिली। अब वह नियमित रूप से जिला अस्पताल, पंडरी में डायलिसिस करा रहीं हैं, वो भी बिना कोई शुल्क दिए।

सत्यवती बताती हैं कि पहले हर दिन चिंता बनी रहती थी कि इलाज कैसे होगा, पैसे कहां से आएंगे। अब कम से कम यह चिंता खत्म हो गई है। इलाज समय पर हो रहा है, जिससे उसकी तबीयत भी सुधर रही है। परिवार के लिए भी यह बड़ी राहत है। सत्यवती के साथ आये उनके भाई कहते हैं कि पहले हर हफ्ते पैसे की व्यवस्था करना सबसे बड़ा तनाव था। अब जिला अस्पताल में मुफ्त सुविधा मिलने से घर की स्थिति संभल पाई है।

जिला अस्पताल में चल रही यह सेवा ऐसे कई मरीजों के लिए सहारा बन रही है, जो महंगे इलाज का खर्च उठाने में असमर्थ हैं। डायलिसिस केंद्र की संचालिका ने बताया कि जिला अस्पताल के दूसरे फ्लोर पर स्थित इस केंद्र में डायलिसिस के लिए 11 मशीनें उपलब्ध हैं और दिन में 30 से अधिक सेशन डायलिसिस किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि औसतन हर महीने ज़िला अस्पताल में 80 से ज्यादा मरीज निशुल्क डायलिसिस करवाकर इस सुविधा का लाभ ले रहे हैं। सत्यवती और अन्य किडनी मरीजों के लिए यह योजना सिर्फ इलाज नहीं, बल्कि बिना आर्थिक बोझ के सामान्य जीवन की ओर लौटने की उम्मीद भी है।


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