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News Raipur :: बृजमोहन ने प्रदेश में बदहाल कानून व्यवस्था, चाकूबाजी, हत्या, डकैती, लूट, गांजा, ड्रग्स के मामले पर लाया स्थगन प्रस्ताव:

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  1. छत्तीसगढ़ अपराध का गढ़ बन गया है।
  2. सरकार ने बनाया नशा में डूबता छत्तीसगढ़।
  3. पैसे लेकर एसपी कलेक्टर की पोस्टिंग होगी तो और क्या होगा ।
  4. किसानों को 2500 रुपया देकर उनके बच्चों को नशा में डूबा रही है सरकार।
  5. युवाओं को नशा में डुबोकर प्रदेश के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है सरकार ।

रायपुर / 10 मार्च / बृजमोहन अग्रवाल ने आज विधानसभा में कानून व्यवस्था की स्थिति, प्रदेश को नशा का हब बनाने को लेकर विधानसभा में स्थगन प्रस्ताव लाया।।         

श्री अग्रवाल ने कहा की, आज पूरे छत्तीसगढ़ में इतनी बुरी हालत है। अवैध शराब, अवैध गांजा, अवैध अफीम, अवैध नारकोटिक्स, अवैध ड्रग्स और उसके ऊपर में कोई कार्यवाही नहीं होती है। अभी हमें थोड़ा इसके ऊपर विचार करने की जरूरत है कि अवैध कार्मों के कारण आज पूरे छत्तीसगढ़ का वातावरण बिगड़ रहा है, छत्तीसगढ़ की पीढ़ियां बर्बाद हो रही है, छत्तीसगढ़ के नौजवानों का भविष्य बर्बाद हो रहा है और इसके ऊपर पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती है। यहां पर वरिष्ठ अधिकारी बैठे हैं, माननीय गृहमंत्री जी बैठे हैं। मैं कहता हूं कि जितने मॉल हैं, जितने बाजार हैं, जितने साप्ताहिक बाजार हैं, जितने ड्रग पैडलर हैं। क्या आपने कभी चेक करवाया है कि वहां पर किस प्रकार से पुड़िया बिकती है?


 अवैध काम छत्तीसगढ़ की पहचान बन गया है। अभी माननीय मुख्यमंत्री जी जवाब दे रहे थे कि गांजा कहां-कहां से आता है। माननीय मोहम्मद अकबर जी ने मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर प्रदेश के चारों कोनों में फिर से बैरियर लगा दिये। बैरियर से कैसे पार होकर यहां पर गांजा आता है? वहां बैरियर से कैसे पार होकर शराब आती है? स्पष्ट है कि जो लोग पैसा दे देते हैं उनकी शराब नहीं पकड़ी जाती, उनका गांजा नहीं पकड़ा जाता और जो लोग पैसा नहीं देते उनका शराब और गांजा पकड़ा जाता है। माननीय मंत्री जी इसके ऊपर ध्यान देने की जरूरत है। छत्तीसगढ़ कॉरिडोर बन रहा है। इन अपराधों के पीछे सबसे बड़ा कारण यह है कि जब एक नौजवान शराब पी लेता है, अफीम खा लेता है, गांजा पी लेता है, व लोशन खा लेता है उसके बाद में उसको होश नहीं रहता है कि वह क्या कर रहा है? मैं देखता हूं कि जब हमारी गाड़ी चौराहों पर रुकती है तो छोटे-छोटे बच्चे पैसा मांगने आते हैं, बाद में मालूम पड़ता है कि वे पैसे का क्या करेंगे तो नशे का लोशन खायेंगे।  


आखिर छत्तीसगढ़ क्यों ऐसा बन रहा है?..  आखिर छत्तीसगढ़ ऐसा क्यों बन रहा है? छत्तीसगढ़ में कभी ऐसा नहीं होता था। हम छत्तीसगढ़ के किसानों को 2500 रुपये दे रहे हैं, पर वह 2500 रूपये में किसानों के बच्चे नशेड़ी बन जायेंगे, गंजेड़ी बन जायेंगे, अगर ये ड्रग्स लेने लगेंगे तो इस 2500 रुपये का क्या फायदा है? हम पूरी पीढियों को बिगाड़ रहे हैं। आज अपराध क्यों हो रहे हैं?               

श्री अग्रवाल ने कहा कि आप किसानों को 4000 रूपये दीजिए, पर उसके बदले में आन दो, आन दो, तुमको जो अवैध काम करना है, करो। हमारा जेब भरना चाहिए, इसको बंद कर दो। अगर इसे बंद कर दोगे, अगर ठेके में पोस्टिंग बंद हो जायेगी तो अधिकारी भी ईमानदारी से काम करेगा। अधिकारी भी अपराधियों को पकड़ेगा। जब उसकी पोस्टिंग 01 करोड़, 02 करोड़, 05 करोड़ में होगी तो 01 करोड़ अपना पैसा वसूली के लिए अवैध कार्मों को वह नहीं रोक पायेगा। मैं समाचार पत्रों में पढ़ता हूं। बड़ी शाबासी जुए के अड्डे को पकड़ा। कॉल गर्ल्स के अड्डे को पकड़ा। हुक्का बार को बंद कराया। जरा बताओ तो भैया, कितने नक्सलियों को मारा? क्यो, महाराष्ट्र के बॉर्डर पर मरते हैं? क्यों मध्यप्रदेश के बॉर्डर पर मरते हैं? क्यों आंध्रा के बार्डर पर मरते हैं? किसी बड़े नक्सली को हम छत्तीसगढ़ में क्यों नहीं मार पाते? हमने पुलिस का मोराल गिरा दिया है। पुलिस की पोस्टिंग अगर बस्तर में होती है तो सजा के रूप में होती है। अगर योग्य अधिकारियों को महत्व मिलेगा तो यह नहीं होगा। कानून व्यवस्था के पीछे सबसे बड़ा कारण है। अभी माननीय मंत्री जी ने जवाब दिया है।

पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में देश में पहला राज्य अगर कोई है, यह मैं नहीं बोल रहा हूं छत्तीसगढ़ विश्लेषण राष्ट्रीय क्राइम ब्यूरो 2020 का है। हमारे सुरक्षा कर्मचारी सबसे ज्यादा मारे जा रहे हैं। पुलिस वाले अवैध रेत को रोकने जाते हैं तो उनके ऊपर में हमला हो जाता है। डिप्टी कलेक्टर रोकने जाता है तो उनके ऊपर हमला हो जाता है। हम लोग मध्यप्रदेश में भी रहे हैं, जहां 300 से भी ज्यादा विधायक हैं। शासन प्रशासन की धमक होती है। धमक। पुलिस के जूतों की चमक होती है। आज तो मैं रायपुर में ही देखता हूं। कहीं पर 50 लोग, कहीं पर 100 लोग, कहीं पर 200 लोग कहीं पर भी ठेला लगाकर रास्ता रोक दिया जाता है। किसी पुलिस वाले की हिम्मत नहीं है। चलो हटो यहां से क्यों खड़े हो? किसी की हिम्मत नहीं है। हिम्मत कहां है जो बेचारे आम लोग मरीन ड्राइव में घूमने जाते हैं, पुलिस उन्हें भगाने के लिए जाती है। चलो बंद करो, बंद करो, बंद करो। ऐसे स्थान तो आपके लिए सुरक्षित हैं। आप तेलीबांधा तालाब कोबरात 2 बजे तक खुले रहने दीजिए। शहर के लोगों का मनोरंजन होगा। खाने के लिए मिलेगा। जो अपराधी हैं, वे गलत काम नहीं कर पायेंगे।


   श्री अग्रवाल ने कहा कि अब प्रदेश में पुलिस सुरक्षित नहीं है आत्महत्या में पूरे देश में पहले नंबर पर है। सुभाष स्टेडियम के पास में कैसे रास्ता बंद कर धंधा हो रहा है? क्या कभी आपने जाकर देखा है? कभी आपके पुलिस वालों ने रोका है? 4-5 मोहल्ले हैं। जिन मोहल्लों में गाड़ियों से निकल नहीं सकते है। मैं उन एरियों में जाता हूं। क्या हो गया पुलिस को? क्या हो गया है प्रशासन को? क्या हो गया है कानून व्यवस्था को? आज अपराधियों को संरक्षण मिलेगा तो छत्तीसगढ़ सुरक्षित नहीं रहेगा। छत्तीसगढ़ शांति का टापू नहीं रहेगा। हम 2500 रुपये दे दें, 4000 रुपये दे दें। अगर लोग भयभीत रहेंगे तो तरक्की नहीं होगी। आज छत्तीसगढ़ में आपने 158 एम.ओ.यू. किये हैं। छत्तीसगढ़ में कोई बाहर का व्यक्ति आकर आज इन्वेस्टमेंट नहीं करना चाहता..।           

श्री अग्रवाल ने कहा कि जिस दिन छत्तीसगढ़ राज्य बना था उस दिन पूरा देश और पूरा विश्व छत्तीसगढ़ में आकर यहां प्लांट लगाने को तैयार था कि हम यहां प्लांट लगाएंगे, हम यहां इन्वेस्टमेंट करेंगे। आज कोई आने को तैयार नहीं है 158 एम.ओ.यू. में से प्रदेश के बाहर के 2 लोग हैं। कोई बाहर से यहां नहीं आना चाहता क्योंकि छत्तीसगढ़ में कानून व्यवस्था की स्थिति, छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की स्थिति, छत्तीसगढ़ में चाकूबाजी की स्थति, छत्तीसगढ़ में बलात्कार की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं, विधायक सुरक्षित नहीं हैं।


श्री अग्रवाल कहा कि किशोरों द्वारा किये जा रहे अपराध में पहला स्थान, पूरे भारतवर्ष में, शर्मनाक और यह उल्लेखनीय है कि उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड और बिहार में यह दर 2 प्रतिशत से भी कम है और छत्तीसगढ़ में 21.4 है। नशे का बाजार है, हमारे किशोर अपराध कर रहे हैं। अनुसूचित जनजाति के नाबालिग बच्चों के साथ बलात्कार में दूसरा स्थान है, बुजुर्गों के विरुद्ध अपराध में दूसरा स्थान है, बच्चों के विरुद्ध अपराध में तीसरा स्थान है, हत्या के मामले में तीसरा स्थान है, बच्चों से बलात्कार (अनुसूचित जाति के नाबालिग बच्चों में पांचवा स्थान है, बलात्कार के मामले में छठवां स्थान है, अपहरण के मामले में सातवां स्थान है, अनुसूचित जनजाति के विरुद्ध अत्याचार के मामले में सातवां स्थान है, अनुसूचित जनजाति वर्ग में हत्या के मामले में सातवां स्थान है, गुमशुदगी (सभी आयु वर्ग) के मामले में नवां स्थान है ।

यह मेरे आंकड़े नहीं हैं, यह क्राइम ब्यूरो के आंकड़े हैं।  हमारा छत्तीसगढ़ गुमशुदा की प्राप्ति (सभी आयु वर्ग के लोगों) में 23वें स्थान पर है। उत्तर प्रदेश हमसे बड़ा है, मध्यप्रदेश हमसे बड़ा है, बिहार हमसे बड़ा है, आंध्रप्रदेश हमसे बड़ा है, तमिलनाडु हमसे बड़ा है, पंजाब हमसे बड़ा है, आज हम अपराध के मामले में दूसरे, तीसरे, चौथे, पांचवें सातवें स्थान पर आ रहे हैं ।छत्तीसगढ़ में ऐसा कोई अपराध नहीं बचा है, जो अब छत्तीसगढ़ में नहीं होता हो, हत्या, बलात्कार, अनुसूचित जाति, जनजाति के साथ अन्याय, अत्याचार ।


श्री अग्रवाल ने कहा कि अब यहां पर ड्रग्स मिलने लगी है, आज यहां पर चाकूबाजी होने लगी है, आज यहां पर आई.टी. के अपराध होने लगे हैं। मैं तो सबसे ज्यादा चिंतित हूं कि रायपुर शहर जो छत्तीसगढ़ की राजधानी है, जहां पूरे मंत्री रहते हैं, जहां पूरे विधायक रहते हैं, हमने देखा है, पुलिस गश्त रात को होती थी। शाम को बाजार में थानेदार घूमते थे, लेकिन आज कहीं पर भी ऐसा नहीं होता। लोग मेरे बारे में जानते हैं मैं रात को दो-दो, तीन-तीन बजे तक शादियां अटैंड करता हूं, कार्यक्रमों में जाते हैं, मुझे कहीं भी पुलिस गश्त करती हुई नहीं दिखती है। कहीं चौक चौराहों पर अगर नवजवान लड़के खड़े हैं, उनको भगाती हुई नहीं दिखती है।

श्री अग्रवाल ने कहा कि मैं तो कहूंगा कि राजधानी को कम से कम सुरक्षित करिये। दिल्ली में हमें सुरक्षा या पायलट नहीं मिलता। परंतु अन्य राज्यों में मिलता है, राजधानियों को सुरक्षित रखा जाता है। यह माना जाता है कि राजधानी पूरी तरह सुरक्षित है। ... परंतु अब छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर भी अपराधियों का गढ़ बन गया है। अवैध काम करने वालों का गढ़ बन गया है, अवैध धंधे करने वालों का गढ़ बन गया है, यह अपराध का गढ़ बन गया है और छत्तीसगढ़ की कानून व्यवस्था की स्थिति यह है। मैं आपको बताऊ कि मैंने एस.पी. को कहा है, कलेक्टर को कहा है, हम जब गाड़ी से गुजरते हैं तो 200 की स्पीड से मोटर साईकिल हमारी गाड़ियों केसामने से ऐसे लहराते हुए निकलती है। उनको कोई रोकने वाला नहीं है। दिन के समय पर आपके कैमरे क्या कर रहे हैं? क्या कर रहे हैं आपके कैमरे? आजकल हम लालबत्ती पर रुकते हैं, हमारे सामने ही 10-20 गाड़ियों को पा करके हुए चली जातीहै। यह हिम्मत क्यों हो रही है? आपके कैमरे कहां चले गये?


श्री अग्रवाल ने कहा कि सौ करोड़ से ज्यादा पैसे कैमरों को लगाने में खर्च किया गया है। माननीय गृहमंत्री जी ..बाइकर्स हैं, ये कौन है? यह अपराधी हैं। यह लोगों को डराते हैं, लोगों को धमकाते हैं। यह रायपुर की स्थिति हो रही है। आखिर इतनी हिम्मत क्यों हो रही है? यह प्रशासन-प्रशासन की धमक, पुलिस के वजूद की कमजोरी और लेन-देन के आधार पर नियुक्तियों के कारण छत्तीसगढ़ जो कि शांति का गढ़ था, अपराध का गढ़ बन गया है ।


छत्तीसगढ़ राज्य जिसकी पहचान पूरे देश में शांति के टापू के रूप में होती थी. पिछले 3 वर्ष में अपराध के गढ़ के रूप में परिवर्तित हो चुकी है। देश और दुनिया में घटित होने वाला कोई भी ऐसा अपराध नहीं है जो छत्तीसगढ़ में घटित न होता हो। सरकार की जिम्मेदारी होती है कि वह प्रदेश में कानून का राज स्थापित करें व नागरिकों को अमन चैन से रहने की व्यवस्था करें, किन्तु दुर्भाग्य से पिछले 3 वर्षों में सभी प्रकार के अपराधियों को शासन में बैठे लोगों का संरक्षण प्राप्त हो रहा है, जिसके चलते अपराधियों के हौसले बुलंद है। महिलाओं के दुष्कर्म के मामले में छत्तीसगढ़ ने प्रथम स्थान प्राप्त कर लिया है, जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण दिनांक 08.02.2022 को जिला महासमुंद अंतर्गत ग्राम भुरका के नाबालिक छात्रा से अनाचार कर ब्लैकमेल किया गया।


 दिनांक 17.02.2022 को जिला बेमेतरा के एक सरकारी स्कूल शिक्षिका के साथ सामूहिक दुष्कर्म तथा अप्राकृतिक कृत्य किया गया। दिनांक 14.01.2022 को जिला रायगढ़ के भूकदेवपुर थाना क्षेत्र के ग्राम चारभाठा में एक महिला के साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या कर दी गयी, दिनांक 25.12.2021 को जिला कवर्धा के कुन्डा थाना क्षेत्रांतर्गत एक महिला को दो साल तक बंधक बना कर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया, दिनांक 30.10.2021 को रायपुर शहर के सीटी कोतवाली थाना अंतर्गत कालीबाड़ी इलाके में नौकरी दिलाने का झांसा देकर महिला से दुष्कर्म किया गया, दिनांक 24.10.2021 को बबलौदा बाजार जिले के धरसीवां थाना क्षेत्रांतर्गत एक युवती से सामूहिक दुराचार किया गया।


 दिनांक 22.10.2021 को जिला रायपुर के खमतराई थाना अंतर्गत एक सोलह वर्षीय नाबालिक लड़की से कार सिखाने के बहाने से दुष्कर्म किया गया, दिनांक 19.10.2021 को जिला दुर्ग के जेवरा-सिरसा चौकी क्षेत्रांतर्गत ग्राम कचांदुर के भाठा मैदान में घासीदास नगर जामुल निवासी एक महिला से दुष्कर्म किया गया। दिनांक 18.10.2021 को जिला दुर्ग के मोहन नगर थाना अंतर्गत आदित्य नगर में नर्सिंग की पढ़ाई कर रही छात्रा को बधक बना कर उसके साथ दुष्कर्म किया गया, दिनांक 15.10.2021 को जिला जांजगीर चांपा के अकलतरा थाना अंतर्गत बंद पड़े सौसी आई में महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म कर पीड़िता की हत्या कर दी गयी। 


 26.09.2021 को जिला जशपुर के राजीव गांधी शिक्षा मिशन द्वारा संचालित समर्थ दिव्यांग केन्द्र में दिव्यांग बच्चियों के साथ मारपीट, छेड़छाड़ और एक नाबालिक छात्रा के साथ अनाचार किया गया। दिनांक 23.09.2021 को जिला रायपुर के खम्हारडीह थाना अंतर्गत चौदह वर्षीय नाबालिक से दुष्कर्म किया गया। दिनांक 30.08.2021 को जिला बलौदा बाजार के सरसीवा थाना अंतर्गत अपने रिश्तेदार के यहां ठहरी एक महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। दिनांक 05.01.2022 को रायपुर सुन्दर नगर मोड़ पर हत्या की वारदात हुई, 13.01.2022 को बिलासपुर में कांग्रेसी नेता के घर में लूट की घटना हुई। 03.01.2022 को नकाबपोशों ने कोरबा में लूट की घटना को अंजाम दिया। 10 जनवरी में टेमरी नांदघाट में बुजुर्ग की हत्या की गयी। कोण्डागांव में 09 जनवरी को हत्या की घटना घटी। ऐसी सैकड़ों हत्याएं प्रदेश में हुई हैं, सरकार अपराधियों पर कार्यवाही करने के बजाए इसका विरोध करने वाले राजनैतिक कार्यकर्त्ताओं को प्रताड़ित करने में लगी हुई है।


03 अक्टूबर 2021 को कवर्धा में असामाजिक तत्वों द्वारा भगवा ध्वज को उतार कर फेंका गया तथा उसे लात से मार कर उस पर थूकने की घटना हुई, परन्तु अपराधियों पर कार्यवाही करने के बजाए भारतीय जनता पार्टी के चुने हुए जनप्रतिनिधियों, सांसद, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक, पार्टी के प्रदेश मंत्री, पार्टी के युवा मोर्चा के पदाधिकारियों पर गैर जमानती अपराध दर्ज कर कुछ को जेल में डाल दिया गया। कुछ लोगों को फरार बताकर उनकी सम्पत्ति कुर्क करने की सरकार ने कार्यवाही प्रारंभ कर दी है, जबकि जिनको फरार बताया जा रहा है उनमें से बहुत से लोगों को शासन द्वारा सुरक्षा प्रदान की गयी है तथा उनका नियमित कार्यक्रम पुलिस विभाग को भेजा जाता है, पर राजनैतिक द्वेष वश व एक वर्ग विशेष को प्रसन्न करने के लिए यह कार्यवाही की जा रही है। कवर्धा, जगदलपुर, रायपुर, बिलासपुर, बलौदाबाजार, रायगढ़, राजनांदगांव आदि स्थानों पर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकत्ताओं पर सरकार झूठे प्रकरण दर्ज कर उनको प्रताड़ित करने में लगी हुई है। अतः इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर सदन की कार्यवाही रोककर चर्चा कराई जाए।


  1. छत्तीसगढ़ अपराध का गढ़ बन गया है।
  2. सरकार ने बनाया नशा में डूबता छत्तीसगढ़।
  3. पैसे लेकर एसपी कलेक्टर की पोस्टिंग होगी तो और क्या होगा ।
  4. किसानों को 2500 रुपया देकर उनके बच्चों को नशा में डूबा रही है सरकार।
  5. युवाओं को नशा में डुबोकर प्रदेश के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है सरकार ।

रायपुर / 10 मार्च / बृजमोहन अग्रवाल ने आज विधानसभा में कानून व्यवस्था की स्थिति, प्रदेश को नशा का हब बनाने को लेकर विधानसभा में स्थगन प्रस्ताव लाया।।         

श्री अग्रवाल ने कहा की, आज पूरे छत्तीसगढ़ में इतनी बुरी हालत है। अवैध शराब, अवैध गांजा, अवैध अफीम, अवैध नारकोटिक्स, अवैध ड्रग्स और उसके ऊपर में कोई कार्यवाही नहीं होती है। अभी हमें थोड़ा इसके ऊपर विचार करने की जरूरत है कि अवैध कार्मों के कारण आज पूरे छत्तीसगढ़ का वातावरण बिगड़ रहा है, छत्तीसगढ़ की पीढ़ियां बर्बाद हो रही है, छत्तीसगढ़ के नौजवानों का भविष्य बर्बाद हो रहा है और इसके ऊपर पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती है। यहां पर वरिष्ठ अधिकारी बैठे हैं, माननीय गृहमंत्री जी बैठे हैं। मैं कहता हूं कि जितने मॉल हैं, जितने बाजार हैं, जितने साप्ताहिक बाजार हैं, जितने ड्रग पैडलर हैं। क्या आपने कभी चेक करवाया है कि वहां पर किस प्रकार से पुड़िया बिकती है?


 अवैध काम छत्तीसगढ़ की पहचान बन गया है। अभी माननीय मुख्यमंत्री जी जवाब दे रहे थे कि गांजा कहां-कहां से आता है। माननीय मोहम्मद अकबर जी ने मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर प्रदेश के चारों कोनों में फिर से बैरियर लगा दिये। बैरियर से कैसे पार होकर यहां पर गांजा आता है? वहां बैरियर से कैसे पार होकर शराब आती है? स्पष्ट है कि जो लोग पैसा दे देते हैं उनकी शराब नहीं पकड़ी जाती, उनका गांजा नहीं पकड़ा जाता और जो लोग पैसा नहीं देते उनका शराब और गांजा पकड़ा जाता है। माननीय मंत्री जी इसके ऊपर ध्यान देने की जरूरत है। छत्तीसगढ़ कॉरिडोर बन रहा है। इन अपराधों के पीछे सबसे बड़ा कारण यह है कि जब एक नौजवान शराब पी लेता है, अफीम खा लेता है, गांजा पी लेता है, व लोशन खा लेता है उसके बाद में उसको होश नहीं रहता है कि वह क्या कर रहा है? मैं देखता हूं कि जब हमारी गाड़ी चौराहों पर रुकती है तो छोटे-छोटे बच्चे पैसा मांगने आते हैं, बाद में मालूम पड़ता है कि वे पैसे का क्या करेंगे तो नशे का लोशन खायेंगे।  


आखिर छत्तीसगढ़ क्यों ऐसा बन रहा है?..  आखिर छत्तीसगढ़ ऐसा क्यों बन रहा है? छत्तीसगढ़ में कभी ऐसा नहीं होता था। हम छत्तीसगढ़ के किसानों को 2500 रुपये दे रहे हैं, पर वह 2500 रूपये में किसानों के बच्चे नशेड़ी बन जायेंगे, गंजेड़ी बन जायेंगे, अगर ये ड्रग्स लेने लगेंगे तो इस 2500 रुपये का क्या फायदा है? हम पूरी पीढियों को बिगाड़ रहे हैं। आज अपराध क्यों हो रहे हैं?               

श्री अग्रवाल ने कहा कि आप किसानों को 4000 रूपये दीजिए, पर उसके बदले में आन दो, आन दो, तुमको जो अवैध काम करना है, करो। हमारा जेब भरना चाहिए, इसको बंद कर दो। अगर इसे बंद कर दोगे, अगर ठेके में पोस्टिंग बंद हो जायेगी तो अधिकारी भी ईमानदारी से काम करेगा। अधिकारी भी अपराधियों को पकड़ेगा। जब उसकी पोस्टिंग 01 करोड़, 02 करोड़, 05 करोड़ में होगी तो 01 करोड़ अपना पैसा वसूली के लिए अवैध कार्मों को वह नहीं रोक पायेगा। मैं समाचार पत्रों में पढ़ता हूं। बड़ी शाबासी जुए के अड्डे को पकड़ा। कॉल गर्ल्स के अड्डे को पकड़ा। हुक्का बार को बंद कराया। जरा बताओ तो भैया, कितने नक्सलियों को मारा? क्यो, महाराष्ट्र के बॉर्डर पर मरते हैं? क्यों मध्यप्रदेश के बॉर्डर पर मरते हैं? क्यों आंध्रा के बार्डर पर मरते हैं? किसी बड़े नक्सली को हम छत्तीसगढ़ में क्यों नहीं मार पाते? हमने पुलिस का मोराल गिरा दिया है। पुलिस की पोस्टिंग अगर बस्तर में होती है तो सजा के रूप में होती है। अगर योग्य अधिकारियों को महत्व मिलेगा तो यह नहीं होगा। कानून व्यवस्था के पीछे सबसे बड़ा कारण है। अभी माननीय मंत्री जी ने जवाब दिया है।

पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में देश में पहला राज्य अगर कोई है, यह मैं नहीं बोल रहा हूं छत्तीसगढ़ विश्लेषण राष्ट्रीय क्राइम ब्यूरो 2020 का है। हमारे सुरक्षा कर्मचारी सबसे ज्यादा मारे जा रहे हैं। पुलिस वाले अवैध रेत को रोकने जाते हैं तो उनके ऊपर में हमला हो जाता है। डिप्टी कलेक्टर रोकने जाता है तो उनके ऊपर हमला हो जाता है। हम लोग मध्यप्रदेश में भी रहे हैं, जहां 300 से भी ज्यादा विधायक हैं। शासन प्रशासन की धमक होती है। धमक। पुलिस के जूतों की चमक होती है। आज तो मैं रायपुर में ही देखता हूं। कहीं पर 50 लोग, कहीं पर 100 लोग, कहीं पर 200 लोग कहीं पर भी ठेला लगाकर रास्ता रोक दिया जाता है। किसी पुलिस वाले की हिम्मत नहीं है। चलो हटो यहां से क्यों खड़े हो? किसी की हिम्मत नहीं है। हिम्मत कहां है जो बेचारे आम लोग मरीन ड्राइव में घूमने जाते हैं, पुलिस उन्हें भगाने के लिए जाती है। चलो बंद करो, बंद करो, बंद करो। ऐसे स्थान तो आपके लिए सुरक्षित हैं। आप तेलीबांधा तालाब कोबरात 2 बजे तक खुले रहने दीजिए। शहर के लोगों का मनोरंजन होगा। खाने के लिए मिलेगा। जो अपराधी हैं, वे गलत काम नहीं कर पायेंगे।


   श्री अग्रवाल ने कहा कि अब प्रदेश में पुलिस सुरक्षित नहीं है आत्महत्या में पूरे देश में पहले नंबर पर है। सुभाष स्टेडियम के पास में कैसे रास्ता बंद कर धंधा हो रहा है? क्या कभी आपने जाकर देखा है? कभी आपके पुलिस वालों ने रोका है? 4-5 मोहल्ले हैं। जिन मोहल्लों में गाड़ियों से निकल नहीं सकते है। मैं उन एरियों में जाता हूं। क्या हो गया पुलिस को? क्या हो गया है प्रशासन को? क्या हो गया है कानून व्यवस्था को? आज अपराधियों को संरक्षण मिलेगा तो छत्तीसगढ़ सुरक्षित नहीं रहेगा। छत्तीसगढ़ शांति का टापू नहीं रहेगा। हम 2500 रुपये दे दें, 4000 रुपये दे दें। अगर लोग भयभीत रहेंगे तो तरक्की नहीं होगी। आज छत्तीसगढ़ में आपने 158 एम.ओ.यू. किये हैं। छत्तीसगढ़ में कोई बाहर का व्यक्ति आकर आज इन्वेस्टमेंट नहीं करना चाहता..।           

श्री अग्रवाल ने कहा कि जिस दिन छत्तीसगढ़ राज्य बना था उस दिन पूरा देश और पूरा विश्व छत्तीसगढ़ में आकर यहां प्लांट लगाने को तैयार था कि हम यहां प्लांट लगाएंगे, हम यहां इन्वेस्टमेंट करेंगे। आज कोई आने को तैयार नहीं है 158 एम.ओ.यू. में से प्रदेश के बाहर के 2 लोग हैं। कोई बाहर से यहां नहीं आना चाहता क्योंकि छत्तीसगढ़ में कानून व्यवस्था की स्थिति, छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की स्थिति, छत्तीसगढ़ में चाकूबाजी की स्थति, छत्तीसगढ़ में बलात्कार की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं, विधायक सुरक्षित नहीं हैं।


श्री अग्रवाल कहा कि किशोरों द्वारा किये जा रहे अपराध में पहला स्थान, पूरे भारतवर्ष में, शर्मनाक और यह उल्लेखनीय है कि उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड और बिहार में यह दर 2 प्रतिशत से भी कम है और छत्तीसगढ़ में 21.4 है। नशे का बाजार है, हमारे किशोर अपराध कर रहे हैं। अनुसूचित जनजाति के नाबालिग बच्चों के साथ बलात्कार में दूसरा स्थान है, बुजुर्गों के विरुद्ध अपराध में दूसरा स्थान है, बच्चों के विरुद्ध अपराध में तीसरा स्थान है, हत्या के मामले में तीसरा स्थान है, बच्चों से बलात्कार (अनुसूचित जाति के नाबालिग बच्चों में पांचवा स्थान है, बलात्कार के मामले में छठवां स्थान है, अपहरण के मामले में सातवां स्थान है, अनुसूचित जनजाति के विरुद्ध अत्याचार के मामले में सातवां स्थान है, अनुसूचित जनजाति वर्ग में हत्या के मामले में सातवां स्थान है, गुमशुदगी (सभी आयु वर्ग) के मामले में नवां स्थान है ।

यह मेरे आंकड़े नहीं हैं, यह क्राइम ब्यूरो के आंकड़े हैं।  हमारा छत्तीसगढ़ गुमशुदा की प्राप्ति (सभी आयु वर्ग के लोगों) में 23वें स्थान पर है। उत्तर प्रदेश हमसे बड़ा है, मध्यप्रदेश हमसे बड़ा है, बिहार हमसे बड़ा है, आंध्रप्रदेश हमसे बड़ा है, तमिलनाडु हमसे बड़ा है, पंजाब हमसे बड़ा है, आज हम अपराध के मामले में दूसरे, तीसरे, चौथे, पांचवें सातवें स्थान पर आ रहे हैं ।छत्तीसगढ़ में ऐसा कोई अपराध नहीं बचा है, जो अब छत्तीसगढ़ में नहीं होता हो, हत्या, बलात्कार, अनुसूचित जाति, जनजाति के साथ अन्याय, अत्याचार ।


श्री अग्रवाल ने कहा कि अब यहां पर ड्रग्स मिलने लगी है, आज यहां पर चाकूबाजी होने लगी है, आज यहां पर आई.टी. के अपराध होने लगे हैं। मैं तो सबसे ज्यादा चिंतित हूं कि रायपुर शहर जो छत्तीसगढ़ की राजधानी है, जहां पूरे मंत्री रहते हैं, जहां पूरे विधायक रहते हैं, हमने देखा है, पुलिस गश्त रात को होती थी। शाम को बाजार में थानेदार घूमते थे, लेकिन आज कहीं पर भी ऐसा नहीं होता। लोग मेरे बारे में जानते हैं मैं रात को दो-दो, तीन-तीन बजे तक शादियां अटैंड करता हूं, कार्यक्रमों में जाते हैं, मुझे कहीं भी पुलिस गश्त करती हुई नहीं दिखती है। कहीं चौक चौराहों पर अगर नवजवान लड़के खड़े हैं, उनको भगाती हुई नहीं दिखती है।

श्री अग्रवाल ने कहा कि मैं तो कहूंगा कि राजधानी को कम से कम सुरक्षित करिये। दिल्ली में हमें सुरक्षा या पायलट नहीं मिलता। परंतु अन्य राज्यों में मिलता है, राजधानियों को सुरक्षित रखा जाता है। यह माना जाता है कि राजधानी पूरी तरह सुरक्षित है। ... परंतु अब छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर भी अपराधियों का गढ़ बन गया है। अवैध काम करने वालों का गढ़ बन गया है, अवैध धंधे करने वालों का गढ़ बन गया है, यह अपराध का गढ़ बन गया है और छत्तीसगढ़ की कानून व्यवस्था की स्थिति यह है। मैं आपको बताऊ कि मैंने एस.पी. को कहा है, कलेक्टर को कहा है, हम जब गाड़ी से गुजरते हैं तो 200 की स्पीड से मोटर साईकिल हमारी गाड़ियों केसामने से ऐसे लहराते हुए निकलती है। उनको कोई रोकने वाला नहीं है। दिन के समय पर आपके कैमरे क्या कर रहे हैं? क्या कर रहे हैं आपके कैमरे? आजकल हम लालबत्ती पर रुकते हैं, हमारे सामने ही 10-20 गाड़ियों को पा करके हुए चली जातीहै। यह हिम्मत क्यों हो रही है? आपके कैमरे कहां चले गये?


श्री अग्रवाल ने कहा कि सौ करोड़ से ज्यादा पैसे कैमरों को लगाने में खर्च किया गया है। माननीय गृहमंत्री जी ..बाइकर्स हैं, ये कौन है? यह अपराधी हैं। यह लोगों को डराते हैं, लोगों को धमकाते हैं। यह रायपुर की स्थिति हो रही है। आखिर इतनी हिम्मत क्यों हो रही है? यह प्रशासन-प्रशासन की धमक, पुलिस के वजूद की कमजोरी और लेन-देन के आधार पर नियुक्तियों के कारण छत्तीसगढ़ जो कि शांति का गढ़ था, अपराध का गढ़ बन गया है ।


छत्तीसगढ़ राज्य जिसकी पहचान पूरे देश में शांति के टापू के रूप में होती थी. पिछले 3 वर्ष में अपराध के गढ़ के रूप में परिवर्तित हो चुकी है। देश और दुनिया में घटित होने वाला कोई भी ऐसा अपराध नहीं है जो छत्तीसगढ़ में घटित न होता हो। सरकार की जिम्मेदारी होती है कि वह प्रदेश में कानून का राज स्थापित करें व नागरिकों को अमन चैन से रहने की व्यवस्था करें, किन्तु दुर्भाग्य से पिछले 3 वर्षों में सभी प्रकार के अपराधियों को शासन में बैठे लोगों का संरक्षण प्राप्त हो रहा है, जिसके चलते अपराधियों के हौसले बुलंद है। महिलाओं के दुष्कर्म के मामले में छत्तीसगढ़ ने प्रथम स्थान प्राप्त कर लिया है, जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण दिनांक 08.02.2022 को जिला महासमुंद अंतर्गत ग्राम भुरका के नाबालिक छात्रा से अनाचार कर ब्लैकमेल किया गया।


 दिनांक 17.02.2022 को जिला बेमेतरा के एक सरकारी स्कूल शिक्षिका के साथ सामूहिक दुष्कर्म तथा अप्राकृतिक कृत्य किया गया। दिनांक 14.01.2022 को जिला रायगढ़ के भूकदेवपुर थाना क्षेत्र के ग्राम चारभाठा में एक महिला के साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या कर दी गयी, दिनांक 25.12.2021 को जिला कवर्धा के कुन्डा थाना क्षेत्रांतर्गत एक महिला को दो साल तक बंधक बना कर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया, दिनांक 30.10.2021 को रायपुर शहर के सीटी कोतवाली थाना अंतर्गत कालीबाड़ी इलाके में नौकरी दिलाने का झांसा देकर महिला से दुष्कर्म किया गया, दिनांक 24.10.2021 को बबलौदा बाजार जिले के धरसीवां थाना क्षेत्रांतर्गत एक युवती से सामूहिक दुराचार किया गया।


 दिनांक 22.10.2021 को जिला रायपुर के खमतराई थाना अंतर्गत एक सोलह वर्षीय नाबालिक लड़की से कार सिखाने के बहाने से दुष्कर्म किया गया, दिनांक 19.10.2021 को जिला दुर्ग के जेवरा-सिरसा चौकी क्षेत्रांतर्गत ग्राम कचांदुर के भाठा मैदान में घासीदास नगर जामुल निवासी एक महिला से दुष्कर्म किया गया। दिनांक 18.10.2021 को जिला दुर्ग के मोहन नगर थाना अंतर्गत आदित्य नगर में नर्सिंग की पढ़ाई कर रही छात्रा को बधक बना कर उसके साथ दुष्कर्म किया गया, दिनांक 15.10.2021 को जिला जांजगीर चांपा के अकलतरा थाना अंतर्गत बंद पड़े सौसी आई में महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म कर पीड़िता की हत्या कर दी गयी। 


 26.09.2021 को जिला जशपुर के राजीव गांधी शिक्षा मिशन द्वारा संचालित समर्थ दिव्यांग केन्द्र में दिव्यांग बच्चियों के साथ मारपीट, छेड़छाड़ और एक नाबालिक छात्रा के साथ अनाचार किया गया। दिनांक 23.09.2021 को जिला रायपुर के खम्हारडीह थाना अंतर्गत चौदह वर्षीय नाबालिक से दुष्कर्म किया गया। दिनांक 30.08.2021 को जिला बलौदा बाजार के सरसीवा थाना अंतर्गत अपने रिश्तेदार के यहां ठहरी एक महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। दिनांक 05.01.2022 को रायपुर सुन्दर नगर मोड़ पर हत्या की वारदात हुई, 13.01.2022 को बिलासपुर में कांग्रेसी नेता के घर में लूट की घटना हुई। 03.01.2022 को नकाबपोशों ने कोरबा में लूट की घटना को अंजाम दिया। 10 जनवरी में टेमरी नांदघाट में बुजुर्ग की हत्या की गयी। कोण्डागांव में 09 जनवरी को हत्या की घटना घटी। ऐसी सैकड़ों हत्याएं प्रदेश में हुई हैं, सरकार अपराधियों पर कार्यवाही करने के बजाए इसका विरोध करने वाले राजनैतिक कार्यकर्त्ताओं को प्रताड़ित करने में लगी हुई है।


03 अक्टूबर 2021 को कवर्धा में असामाजिक तत्वों द्वारा भगवा ध्वज को उतार कर फेंका गया तथा उसे लात से मार कर उस पर थूकने की घटना हुई, परन्तु अपराधियों पर कार्यवाही करने के बजाए भारतीय जनता पार्टी के चुने हुए जनप्रतिनिधियों, सांसद, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक, पार्टी के प्रदेश मंत्री, पार्टी के युवा मोर्चा के पदाधिकारियों पर गैर जमानती अपराध दर्ज कर कुछ को जेल में डाल दिया गया। कुछ लोगों को फरार बताकर उनकी सम्पत्ति कुर्क करने की सरकार ने कार्यवाही प्रारंभ कर दी है, जबकि जिनको फरार बताया जा रहा है उनमें से बहुत से लोगों को शासन द्वारा सुरक्षा प्रदान की गयी है तथा उनका नियमित कार्यक्रम पुलिस विभाग को भेजा जाता है, पर राजनैतिक द्वेष वश व एक वर्ग विशेष को प्रसन्न करने के लिए यह कार्यवाही की जा रही है। कवर्धा, जगदलपुर, रायपुर, बिलासपुर, बलौदाबाजार, रायगढ़, राजनांदगांव आदि स्थानों पर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकत्ताओं पर सरकार झूठे प्रकरण दर्ज कर उनको प्रताड़ित करने में लगी हुई है। अतः इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर सदन की कार्यवाही रोककर चर्चा कराई जाए।


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