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news Ambikapur:: बंधक बनाया था अजगर के जोड़े को ,ग्रामीण रस्सी बांध घसीट रहे थे,सत्यम ने बचाई जान:

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 अंबिकापुर। अजगर की जोड़ी को रस्सी से बांध कर घसीटने का बड़ा मामला सामने
आया है।इसकी जानकारी मिलने पर स्नैक मैन सत्यम द्विवेदी मौके पर पहुंचा और
दोनो अजगर की जान बचाई।घायल अजगरों का इलाज कराया जा रहा है।कलेक्टर संजीव
झा ने इसे गंभीरता से लिया है।मौके पर कलेक्टर भी पहुंचे और वन अधिकारियों
को दोनो अजगरों का बेहतर इलाज कराने कहा है।कलेक्टर ने स्नैक मैन की जमकर
प्रशंसा की है।बता दें,सत्यम ने अब तक हजारों सांपों के रेस्क्यू किया है और जांच बचाई है।कई सांपों का इलाज करा जंगल मे सुरक्षित छोड़ा है।


बताया
जा रहा है कि ट्रांसपोर्ट नगर के समीप लगे गांव में अज्ञात लोगों ने
मेटिंग करते दो नर और मादा अजगर के गले में रस्सी बांध कर बंधक बना कर रखा
था।इसकी जानकारी गांव से ही किसी ने सत्यम को दी। सत्यम मौके पर पहुंच दोनो
अजगर को रस्सी से छुड़ाया। लोगो को वन्य जीव अधिनियम 1973 के अनुसार किसी
वन्य जीव के साथ क्रूरता करने पर मिलने वाली सजा , इसे मारने पर तीन से सात
साल की सजा और कम से कम 25 हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान है,इसको लेकर
गांव के लोगों को जागरूक किया। सत्यम ने पूरी घटना की जानकारी कलेक्टर
संजीव झा को दी। कलेक्टर ने डीएफओ पंकज कमल से बात कर संजय पार्क में
स्वस्थ्य होने तक दोनों अजगरों को रखने की व्यवस्था कराई है।


रेस्क्यू किए गए एक मादा अजगर गर्भवती है। सत्यम ने घायल अवस्था मे
रेस्क्यू किए गए अजगरों को पशुचिकित्सालय ले जा कर डॉ पीएल सोरी से उपचार
करवाया। दोनो अजगर संजय पार्क में रखवा दिया गया है।इससे पहले भी सत्यम ने
घायल जीवो जिनमें बाज, नाग, और मॉनिटर लिजार्ड का सुरक्षित रेस्क्यू किया
है। वर्तमान में पशुओं हेतु मां महामाया पशु पुनर्वास केंद्र का संचालन कर
रहे है।यहां संभाग का हर घायल, अनाथ, विकलांग, बेजुबानों को रख इलाज किया
जा रहा है। सत्यम जिला पशु क्रूरता अधिनियम निवारण समिति के सदस्य भी
हैं।पिछले दिनों इन्होंने धारदार हथियार से घायल सांप का पहली बार
अंबिकापुर में आपरेशन कराया था और जान बचाई थी। 



 अंबिकापुर। अजगर की जोड़ी को रस्सी से बांध कर घसीटने का बड़ा मामला सामने
आया है।इसकी जानकारी मिलने पर स्नैक मैन सत्यम द्विवेदी मौके पर पहुंचा और
दोनो अजगर की जान बचाई।घायल अजगरों का इलाज कराया जा रहा है।कलेक्टर संजीव
झा ने इसे गंभीरता से लिया है।मौके पर कलेक्टर भी पहुंचे और वन अधिकारियों
को दोनो अजगरों का बेहतर इलाज कराने कहा है।कलेक्टर ने स्नैक मैन की जमकर
प्रशंसा की है।बता दें,सत्यम ने अब तक हजारों सांपों के रेस्क्यू किया है और जांच बचाई है।कई सांपों का इलाज करा जंगल मे सुरक्षित छोड़ा है।


बताया
जा रहा है कि ट्रांसपोर्ट नगर के समीप लगे गांव में अज्ञात लोगों ने
मेटिंग करते दो नर और मादा अजगर के गले में रस्सी बांध कर बंधक बना कर रखा
था।इसकी जानकारी गांव से ही किसी ने सत्यम को दी। सत्यम मौके पर पहुंच दोनो
अजगर को रस्सी से छुड़ाया। लोगो को वन्य जीव अधिनियम 1973 के अनुसार किसी
वन्य जीव के साथ क्रूरता करने पर मिलने वाली सजा , इसे मारने पर तीन से सात
साल की सजा और कम से कम 25 हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान है,इसको लेकर
गांव के लोगों को जागरूक किया। सत्यम ने पूरी घटना की जानकारी कलेक्टर
संजीव झा को दी। कलेक्टर ने डीएफओ पंकज कमल से बात कर संजय पार्क में
स्वस्थ्य होने तक दोनों अजगरों को रखने की व्यवस्था कराई है।


रेस्क्यू किए गए एक मादा अजगर गर्भवती है। सत्यम ने घायल अवस्था मे
रेस्क्यू किए गए अजगरों को पशुचिकित्सालय ले जा कर डॉ पीएल सोरी से उपचार
करवाया। दोनो अजगर संजय पार्क में रखवा दिया गया है।इससे पहले भी सत्यम ने
घायल जीवो जिनमें बाज, नाग, और मॉनिटर लिजार्ड का सुरक्षित रेस्क्यू किया
है। वर्तमान में पशुओं हेतु मां महामाया पशु पुनर्वास केंद्र का संचालन कर
रहे है।यहां संभाग का हर घायल, अनाथ, विकलांग, बेजुबानों को रख इलाज किया
जा रहा है। सत्यम जिला पशु क्रूरता अधिनियम निवारण समिति के सदस्य भी
हैं।पिछले दिनों इन्होंने धारदार हथियार से घायल सांप का पहली बार
अंबिकापुर में आपरेशन कराया था और जान बचाई थी। 



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