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news Islamabad:: पाक प्रधानमंत्री इमरान ने राष्ट्रपति को संसद भंग करने की सलाह दी, चुनाव की मांग की:

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इस्लामाबाद. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने
रविवार को कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति आरिफ अल्वी को नेशनल असेंबली (संसद)
को भंग करने की सलाह दी है और नए सिरे से चुनाव कराने की मांग की है.
राष्ट्र के नाम एक संक्षिप्त संबोधन में खान ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति
अल्वी को ‘असेंबलीजÞ’ को भंग करने की सलाह दी है.



उनकी घोषणा से कुछ मिनट पहले ही नेशनल असेंबली के डिप्टी स्पीकर कासिम
खान सूरी ने रविवार को खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को संविधान के
अनुच्छेद पांच के खिलाफ बताते हुए खारिज कर दिया. विपक्ष की ओर से अध्यक्ष
असद कैसर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश करने के बाद सूरी ने संसद के अहम
सत्र की अध्यक्षता की.

विपक्ष के सदस्य जब सदन पहुंचे तो वे अविश्वास प्रस्ताव को लेकर आश्वस्त
दिखाई दिए, लेकिन प्रस्ताव खारिज होने के बाद उन्होंने फैसले का विरोध
किया.



विपक्ष को खान को सरकार से बाहर करने के लिए 342 में से 172 सदस्यों के
समर्थन की जÞरूरत है जबकि उन्होंने दावा किया है कि उनके पास 177 सदस्यों
का समर्थन है. खान 2018 में ‘नया पाकिस्तान’ बनाने के वादे के साथ सत्ता
में आए थे और अब अपने राजनीतिक करियर के नाजुक मोड़ पर हैं क्योंकि उनकी
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी ने बहुमत खो दिया है. उनकी दो
सहयोगी पार्टियों ने भी सरकार से समर्थन वापस ले लिया और विपक्ष के खेमे से
हाथ मिला लिया है.









इस्लामाबाद. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने
रविवार को कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति आरिफ अल्वी को नेशनल असेंबली (संसद)
को भंग करने की सलाह दी है और नए सिरे से चुनाव कराने की मांग की है.
राष्ट्र के नाम एक संक्षिप्त संबोधन में खान ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति
अल्वी को ‘असेंबलीजÞ’ को भंग करने की सलाह दी है.



उनकी घोषणा से कुछ मिनट पहले ही नेशनल असेंबली के डिप्टी स्पीकर कासिम
खान सूरी ने रविवार को खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को संविधान के
अनुच्छेद पांच के खिलाफ बताते हुए खारिज कर दिया. विपक्ष की ओर से अध्यक्ष
असद कैसर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश करने के बाद सूरी ने संसद के अहम
सत्र की अध्यक्षता की.

विपक्ष के सदस्य जब सदन पहुंचे तो वे अविश्वास प्रस्ताव को लेकर आश्वस्त
दिखाई दिए, लेकिन प्रस्ताव खारिज होने के बाद उन्होंने फैसले का विरोध
किया.



विपक्ष को खान को सरकार से बाहर करने के लिए 342 में से 172 सदस्यों के
समर्थन की जÞरूरत है जबकि उन्होंने दावा किया है कि उनके पास 177 सदस्यों
का समर्थन है. खान 2018 में ‘नया पाकिस्तान’ बनाने के वादे के साथ सत्ता
में आए थे और अब अपने राजनीतिक करियर के नाजुक मोड़ पर हैं क्योंकि उनकी
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी ने बहुमत खो दिया है. उनकी दो
सहयोगी पार्टियों ने भी सरकार से समर्थन वापस ले लिया और विपक्ष के खेमे से
हाथ मिला लिया है.






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