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News Raipur :: पीएचई विभाग के कार्यपालन यंत्री भोयेर चस्पा किये गए समय पर मिलने से मना कर देते हैं , शिष्टाचार की कमी:

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लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, खण्ड रायपुर, छग के कार्यपालन यंत्री मिलने हेतु चस्पा किये / लिखे हुए समय मे लोगों से मिलने हेतु मना कर देते हैं। ईई बीएन भोयेर ने अपने कार्यालय के दरवाजे पर बाकायदा मिलने का समय शाम 4 से 5 लिखकर रखे हैं लेकिन उनकी इतनी क्या ऐसी व्यस्तता रहती है जो केवल ठेकेदार और विभागीय कर्मचारियों से ही मिलते हैं।


ऐसी घटना केवल आज ही नहीं अपितु अनेक बार घटित हुई हैं। ऐसे बीएन भोयेर जैसे अधिकारियों को शिष्टाचार का प्रशिक्षण देना अनिवार्य है जिससे कि वे पब्लिक डीलिंग भी कर पाए। केवल ठेकेदारों से ही मिलोगे ऐसा शायद ही कहीं लिखा हो, विभागीय अधिकारी तो मिलेंगे ही लेकिन किसी कार्य वश कोई यदि उनसे मिलना चाहे तो क्या वे सिरे से मना कर देंगे ? क्या यही उनका शिष्टटाचार या व्यायवहा है अन्य के प्रति ? 

सूत्रों से जो जानकारी प्राप्त हुई है , जो उनसे मिलते हैं या जो उनके संपर्क में है वो बातें उनके विरोध में है जो उन्हें ठीक करना होगा। उनके ऊपर अधीक्षण यंत्री हैं जिनके खिलाफ़ किसी भी तरह का आरोप नहीं हैं कि उनका व्यवहार खराब है, शिष्टाचार नहीं जानते है व आदि। जब कोई पत्रकार किसी विभागीय कारण से मिलने पहुंचे तो क्या आप सम्मान भी नहीं करेंगे ? सीधे आगंतुक का विजिटिंग कार्ड वापस करते हुए अपने भृत्य से कहलवा देंगे कि नहीं मिलूंगा जबकि आप खाली बैठे हो। यदि आज नहीं मिल रहे हो तो किसी और दिन का समय दे देते। किस बात का इतना घमंड है बीएन भोयेर को वो तो वे ही जानते होंगे।


लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, खण्ड रायपुर, छग के कार्यपालन यंत्री मिलने हेतु चस्पा किये / लिखे हुए समय मे लोगों से मिलने हेतु मना कर देते हैं। ईई बीएन भोयेर ने अपने कार्यालय के दरवाजे पर बाकायदा मिलने का समय शाम 4 से 5 लिखकर रखे हैं लेकिन उनकी इतनी क्या ऐसी व्यस्तता रहती है जो केवल ठेकेदार और विभागीय कर्मचारियों से ही मिलते हैं।


ऐसी घटना केवल आज ही नहीं अपितु अनेक बार घटित हुई हैं। ऐसे बीएन भोयेर जैसे अधिकारियों को शिष्टाचार का प्रशिक्षण देना अनिवार्य है जिससे कि वे पब्लिक डीलिंग भी कर पाए। केवल ठेकेदारों से ही मिलोगे ऐसा शायद ही कहीं लिखा हो, विभागीय अधिकारी तो मिलेंगे ही लेकिन किसी कार्य वश कोई यदि उनसे मिलना चाहे तो क्या वे सिरे से मना कर देंगे ? क्या यही उनका शिष्टटाचार या व्यायवहा है अन्य के प्रति ? 

सूत्रों से जो जानकारी प्राप्त हुई है , जो उनसे मिलते हैं या जो उनके संपर्क में है वो बातें उनके विरोध में है जो उन्हें ठीक करना होगा। उनके ऊपर अधीक्षण यंत्री हैं जिनके खिलाफ़ किसी भी तरह का आरोप नहीं हैं कि उनका व्यवहार खराब है, शिष्टाचार नहीं जानते है व आदि। जब कोई पत्रकार किसी विभागीय कारण से मिलने पहुंचे तो क्या आप सम्मान भी नहीं करेंगे ? सीधे आगंतुक का विजिटिंग कार्ड वापस करते हुए अपने भृत्य से कहलवा देंगे कि नहीं मिलूंगा जबकि आप खाली बैठे हो। यदि आज नहीं मिल रहे हो तो किसी और दिन का समय दे देते। किस बात का इतना घमंड है बीएन भोयेर को वो तो वे ही जानते होंगे।


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