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जरुरतमंदों के लिए मंगाया था श्रवण यंत्र, सप्लायर कंपनी ने डिब्बे में भेज दिया बैटरी:

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  बलरामपुर. जिले के समाज कल्याण विभाग को मानव कृत्रिम
अंग सप्लायर कंपनी ने लाखों रुपए का चूना लगाया है. विभाग ने जरुरतमंदों के
लिए श्रवण यंत्र मंगाया था, लेकिन कंपनी ने डिब्बे में श्रवण यंत्र के
बदले बैटरी ही भेज दिया है. उपसंचालक समाज कल्याण विभाग ने इसकी लिखित
शिकायत थाना कोतवाली बलरामपुर में की है. जानकारी के अनुसार समाज कल्याण विभाग ने समाज के निर्धन व निराश्रितों को
समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से श्रवण यंत्र की खरीदी किया था,
ताकि जिले में ऐसे लोग जो जरूरतमंद हैं, जिन्हें कान से कम सुनाई देता हो
उन्हें दिया जा सके. इसके लिए विधिवत समाज कल्याण विभाग ने कानपुर के
कृत्रिम अंग सप्लायर अल्मीको नामक कंपनी को श्रवण यंत्र क्रय करने के लिए
आर्डर दिया था, लेकिन जब यह आर्डर विभाग के पास पहुंचा तो डिब्बे में श्रवण
यंत्र नहीं था, केवल बैटरी ही डिब्बे में मिला.

दरअसल विभाग ने उत्तरप्रदेश के कानपुर स्थित मानव कृत्रिम अंग सप्लायर
अल्मीको नामक कंपनी को कुल 200 श्रवण यंत्र के लिए ऑर्डर किया था. आर्डर
करने के बाद जब सामग्री जिले के समाज कल्याण विभाग के पास पहुंचा तो विभाग
ने डिब्बा खोला तो केवल 136 नग श्रवण यंत्र ही मिला. बाकी डिब्बे में केवल
बैटरी था. हालांकि आनन-फानन में उपसंचालक समाज कल्याण विभाग ने इसकी लिखित
शिकायत थाना कोतवाली बलरामपुर में दी गई है, लेकिन गौर करने वाली बात यह है
कि ऐसे कंपनी जो शासकीय विभागों को पलीता लगाते हैं उन पर कानूनी
कार्यवाही की मांग विभाग क्यों नहीं करता, ताकि जरूरतमंदों को समय रहते
कृत्रिम अंग शासन-प्रशासन के विभिन्न योजनाओं के तहत दिया जा सके.


इस मामले में उपसंचालक समाज कल्याण विभाग चंद्रमा यादव ने कहा कि 200
श्रवण यंत्र की आर्डर की गई थी, जिसमें केवल 136 डिब्बे में ही श्रवण यंत्र
मिला है. इसके बाद हमने खुद सप्लायर कंपनी से बात की तो उन्होंने कहा कि
लिखित में एफआईआर दर्ज कराएं और इसकी कॉपी हमें भेजें. इंश्योरेंस क्लेम
करने के बाद शेष बचे यंत्रों की सप्लाई की पूर्ति की जाएगी.


  बलरामपुर. जिले के समाज कल्याण विभाग को मानव कृत्रिम
अंग सप्लायर कंपनी ने लाखों रुपए का चूना लगाया है. विभाग ने जरुरतमंदों के
लिए श्रवण यंत्र मंगाया था, लेकिन कंपनी ने डिब्बे में श्रवण यंत्र के
बदले बैटरी ही भेज दिया है. उपसंचालक समाज कल्याण विभाग ने इसकी लिखित
शिकायत थाना कोतवाली बलरामपुर में की है. जानकारी के अनुसार समाज कल्याण विभाग ने समाज के निर्धन व निराश्रितों को
समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से श्रवण यंत्र की खरीदी किया था,
ताकि जिले में ऐसे लोग जो जरूरतमंद हैं, जिन्हें कान से कम सुनाई देता हो
उन्हें दिया जा सके. इसके लिए विधिवत समाज कल्याण विभाग ने कानपुर के
कृत्रिम अंग सप्लायर अल्मीको नामक कंपनी को श्रवण यंत्र क्रय करने के लिए
आर्डर दिया था, लेकिन जब यह आर्डर विभाग के पास पहुंचा तो डिब्बे में श्रवण
यंत्र नहीं था, केवल बैटरी ही डिब्बे में मिला.

दरअसल विभाग ने उत्तरप्रदेश के कानपुर स्थित मानव कृत्रिम अंग सप्लायर
अल्मीको नामक कंपनी को कुल 200 श्रवण यंत्र के लिए ऑर्डर किया था. आर्डर
करने के बाद जब सामग्री जिले के समाज कल्याण विभाग के पास पहुंचा तो विभाग
ने डिब्बा खोला तो केवल 136 नग श्रवण यंत्र ही मिला. बाकी डिब्बे में केवल
बैटरी था. हालांकि आनन-फानन में उपसंचालक समाज कल्याण विभाग ने इसकी लिखित
शिकायत थाना कोतवाली बलरामपुर में दी गई है, लेकिन गौर करने वाली बात यह है
कि ऐसे कंपनी जो शासकीय विभागों को पलीता लगाते हैं उन पर कानूनी
कार्यवाही की मांग विभाग क्यों नहीं करता, ताकि जरूरतमंदों को समय रहते
कृत्रिम अंग शासन-प्रशासन के विभिन्न योजनाओं के तहत दिया जा सके.


इस मामले में उपसंचालक समाज कल्याण विभाग चंद्रमा यादव ने कहा कि 200
श्रवण यंत्र की आर्डर की गई थी, जिसमें केवल 136 डिब्बे में ही श्रवण यंत्र
मिला है. इसके बाद हमने खुद सप्लायर कंपनी से बात की तो उन्होंने कहा कि
लिखित में एफआईआर दर्ज कराएं और इसकी कॉपी हमें भेजें. इंश्योरेंस क्लेम
करने के बाद शेष बचे यंत्रों की सप्लाई की पूर्ति की जाएगी.


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