रायपुर: छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद अब तक सर्वाधिक धान खरीदी चालू खरीफ सीजन में हुई है। राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का पिछला रिकार्ड भी टूट गया है। 16 जनवरी 2023 तक 98.92 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है। जबकि पिछले वर्ष 2021-22 में 98 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई थी। धान खरीदी का यह आकड़ा और भी बढ़ेगा। धान खरीदी 31 जनवरी 2023 तक चलेगी।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने राज्य के किसानों को इस नई उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि किसान हितैषी फैसलों और न्याय योजनाओं से किसानों की जेब में सीधा पैसा आया, इससे किसानों की समृद्धि के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है। राज्य सरकार ने चालू खरीफ सीजन में 110 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा है। धान खरीदी केन्द्रों में दिख रही किसानों की चहल-पहल और धान की आवक से यह अनुमान है कि यह लक्ष्य भी आसानी से प्राप्त हो जाएगा।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में 1 नवम्बर से शुरू हुई धान खरीदी का महाभियान निरंतर जारी है। राज्य के 22.32 लाख किसानों ने धान विक्रय किया है। धान के एवज में इन किसानों को 20,375 करोड़ रूपए का भुगतान बैंक लिंकिंग व्यवस्था के तहत किया गया है। पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी धान खरीदी के साथ-साथ कस्टम मिलिंग के लिए निरंतर धान का उठाव जारी है। अब तक कुल धान खरीदी 98.92 लाख मीट्रिक टन धान में से 84.62 लाख मीट्रिक टन धान के उठाव के लिए डीओ जारी किया गया है, जिसके विरूद्ध मिलर्स द्वारा 75 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान का उठाव कर लिया गया है।
गौरतबल है कि राज्य सरकार की किसान हितैषी फैसलों से इन चार वर्षों में लगातार किसानों की पंजीयन में वृद्धि हुई है। इस वर्ष 24.96 लाख किसानों ने पंजीयन कराया है, इनमें 2.30 लाख नए किसान हैं। राज्य सरकार द्वारा इस सीजन में 110 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का अनुमान लगाया गया है। किसानों को धान विक्रय में सहुलियत हो इस लिहाज से राज्य में 2617 धान उपार्जन केन्द्र बनाए गए हैं।
खाद्यविभागकेअधिकारियोंनेबतायाकि 16 जनवरीको 30 हजार 461 किसानोंसे 1.24 लाखमीट्रिकटनधानकीखरीदीकीगईहै।ऑनलाइनप्राप्तटोकनकेजरिएकिसानोंसे 09 हजारटनधानकीखरीदीहुईहै।अधिकारियोंनेबतायाकिइसखरीफसीजनमेंसामान्यधान 2040 रूपएप्रतिक्विंटलतथाग्रेड-एधान 2060 रूपएप्रतिक्विंटलकीदरसेखरीदाजारहाहै।इसीतरहराज्यमेंधानखरीदीकीव्यवस्थापरकड़ीनिगरानीरखीजारहीहै।सीमावर्तीराज्योंसेधानकेअवैधपरिवहनकोरोकनेकेलिएचेकपोस्टपरमालवाहकोंकीचेकिंगकीजारहीहै।
रायपुर: छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद अब तक सर्वाधिक धान खरीदी चालू खरीफ सीजन में हुई है। राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का पिछला रिकार्ड भी टूट गया है। 16 जनवरी 2023 तक 98.92 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है। जबकि पिछले वर्ष 2021-22 में 98 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई थी। धान खरीदी का यह आकड़ा और भी बढ़ेगा। धान खरीदी 31 जनवरी 2023 तक चलेगी।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने राज्य के किसानों को इस नई उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि किसान हितैषी फैसलों और न्याय योजनाओं से किसानों की जेब में सीधा पैसा आया, इससे किसानों की समृद्धि के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है। राज्य सरकार ने चालू खरीफ सीजन में 110 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा है। धान खरीदी केन्द्रों में दिख रही किसानों की चहल-पहल और धान की आवक से यह अनुमान है कि यह लक्ष्य भी आसानी से प्राप्त हो जाएगा।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में 1 नवम्बर से शुरू हुई धान खरीदी का महाभियान निरंतर जारी है। राज्य के 22.32 लाख किसानों ने धान विक्रय किया है। धान के एवज में इन किसानों को 20,375 करोड़ रूपए का भुगतान बैंक लिंकिंग व्यवस्था के तहत किया गया है। पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी धान खरीदी के साथ-साथ कस्टम मिलिंग के लिए निरंतर धान का उठाव जारी है। अब तक कुल धान खरीदी 98.92 लाख मीट्रिक टन धान में से 84.62 लाख मीट्रिक टन धान के उठाव के लिए डीओ जारी किया गया है, जिसके विरूद्ध मिलर्स द्वारा 75 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान का उठाव कर लिया गया है।
गौरतबल है कि राज्य सरकार की किसान हितैषी फैसलों से इन चार वर्षों में लगातार किसानों की पंजीयन में वृद्धि हुई है। इस वर्ष 24.96 लाख किसानों ने पंजीयन कराया है, इनमें 2.30 लाख नए किसान हैं। राज्य सरकार द्वारा इस सीजन में 110 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का अनुमान लगाया गया है। किसानों को धान विक्रय में सहुलियत हो इस लिहाज से राज्य में 2617 धान उपार्जन केन्द्र बनाए गए हैं।
खाद्यविभागकेअधिकारियोंनेबतायाकि 16 जनवरीको 30 हजार 461 किसानोंसे 1.24 लाखमीट्रिकटनधानकीखरीदीकीगईहै।ऑनलाइनप्राप्तटोकनकेजरिएकिसानोंसे 09 हजारटनधानकीखरीदीहुईहै।अधिकारियोंनेबतायाकिइसखरीफसीजनमेंसामान्यधान 2040 रूपएप्रतिक्विंटलतथाग्रेड-एधान 2060 रूपएप्रतिक्विंटलकीदरसेखरीदाजारहाहै।इसीतरहराज्यमेंधानखरीदीकीव्यवस्थापरकड़ीनिगरानीरखीजारहीहै।सीमावर्तीराज्योंसेधानकेअवैधपरिवहनकोरोकनेकेलिएचेकपोस्टपरमालवाहकोंकीचेकिंगकीजारहीहै।



Journalist खबरीलाल














