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शवों के साथ शारीरिक संबंध क्यों बनाते हैं अघोरी:

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शिव और शव के उपासक: अघोरी खुद को पूरी तरह से शिव
में लीन करना चाहते हैं. शिव के पांच रूपों में से एक रूप 'अघोर' है. शिव
की उपासना करने के लिए ये अघोरी शव पर बैठकर साधना करते हैं. 'शव से शिव की
प्राप्ति' का यह रास्ता अघोर पंथ की निशानी है. ये अघोरी 3 तरह की साधनाएं
करते हैं, शव साधना, जिसमें शव को मांस और मदिरा का भोग लगाया जाता है.
शिव साधना, जिसमें शव पर एक पैर पर खड़े होकर शिव की साधना की जाती है और
श्मशान साधना, जहां हवन किया जाता है.


शिव और शव के उपासक: अघोरी खुद को पूरी तरह से शिव
में लीन करना चाहते हैं. शिव के पांच रूपों में से एक रूप 'अघोर' है. शिव
की उपासना करने के लिए ये अघोरी शव पर बैठकर साधना करते हैं. 'शव से शिव की
प्राप्ति' का यह रास्ता अघोर पंथ की निशानी है. ये अघोरी 3 तरह की साधनाएं
करते हैं, शव साधना, जिसमें शव को मांस और मदिरा का भोग लगाया जाता है.
शिव साधना, जिसमें शव पर एक पैर पर खड़े होकर शिव की साधना की जाती है और
श्मशान साधना, जहां हवन किया जाता है.


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