छत्तीसगढ़ के आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि, मैं राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में अब तक शामिल नहीं हो पाया हूं। इसका मुझे दुख है। लेकिन, अब मैं 30 जनवरी को कश्मीर जाऊंगा, और वहां राहुल गांधी के पैर छूकर उनसे माफी मांगूंगा। उनका आशीर्वाद लूंगा। इसके अलावा राहुल गांधी प्रधानमंत्री बन जाए इसलिए वैष्णोदेवी के मंदिर जाकर मन्नत भी मांगूंगा।
दरअसल, कवासी लखमा शनिवार को जगदलपुर दौरे पर थे। यहां उन्होंने मीडिया से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि, राहुल गांधी ने महंगाई, बेरोजगारी और नफरत के खिलाफ कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर तक भारत जोड़ो यात्रा शुरू की। राहुल गांधी दुनिया के पहले ऐसे नेता हैं जो सिर्फ एक टी-शर्ट और पेंट फहनकर ठंड में कई हजार किमी की पैदल यात्रा निकाले हैं। कवासी लखमा ने कहा कि, मेरा बेटा इस यात्रा में शामिल होने गया था। लेकिन, मैं नहीं जा पाया। इसलिए अब 30 जनवरी को मैं कश्मीर जाकर राहुल गांधी से मुलाकात करूंगा। उनके पैर छूकर माफी मांगूंगा।
राहुल गांधी देश का नेतृत्व करें। वे आने वाले चुनाव में प्रधानमंत्री बने इसके लिए वैष्णोदेवी के दरबार जाकर मन्नत मांगूंगा। बयानों से पहले भी सुर्खियों में रहे हैं कवासी लखमा पहले भी अपने बयानों से सुर्खियों में रहे हैं। कुछ दिन पहले वे बस्तर में धर्मांतरण के मुद्दे पर भाजपा नेताओं पर जमकर बरसे थे। कोंडागांव जिले में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि, कांग्रेस सरकार के इन 4 सालों के कार्यकाल में एक भी आदिवासी ईसाई नहीं बना है। ये बीज भाजपा के कार्यकाल में बोया हुआ है। 15 सालों तक प्रदेश में भाजपा की सरकार थी। तब पूरे छत्तीसगढ़ में जमकर धर्मांतरण हुआ है। उन्होंने पूर्व मंत्री और भाजपा के नेता केदार कश्यप पर भी कई आरोप लगाए थे।
छत्तीसगढ़ के आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि, मैं राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में अब तक शामिल नहीं हो पाया हूं। इसका मुझे दुख है। लेकिन, अब मैं 30 जनवरी को कश्मीर जाऊंगा, और वहां राहुल गांधी के पैर छूकर उनसे माफी मांगूंगा। उनका आशीर्वाद लूंगा। इसके अलावा राहुल गांधी प्रधानमंत्री बन जाए इसलिए वैष्णोदेवी के मंदिर जाकर मन्नत भी मांगूंगा।
दरअसल, कवासी लखमा शनिवार को जगदलपुर दौरे पर थे। यहां उन्होंने मीडिया से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि, राहुल गांधी ने महंगाई, बेरोजगारी और नफरत के खिलाफ कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर तक भारत जोड़ो यात्रा शुरू की। राहुल गांधी दुनिया के पहले ऐसे नेता हैं जो सिर्फ एक टी-शर्ट और पेंट फहनकर ठंड में कई हजार किमी की पैदल यात्रा निकाले हैं। कवासी लखमा ने कहा कि, मेरा बेटा इस यात्रा में शामिल होने गया था। लेकिन, मैं नहीं जा पाया। इसलिए अब 30 जनवरी को मैं कश्मीर जाकर राहुल गांधी से मुलाकात करूंगा। उनके पैर छूकर माफी मांगूंगा।
राहुल गांधी देश का नेतृत्व करें। वे आने वाले चुनाव में प्रधानमंत्री बने इसके लिए वैष्णोदेवी के दरबार जाकर मन्नत मांगूंगा। बयानों से पहले भी सुर्खियों में रहे हैं कवासी लखमा पहले भी अपने बयानों से सुर्खियों में रहे हैं। कुछ दिन पहले वे बस्तर में धर्मांतरण के मुद्दे पर भाजपा नेताओं पर जमकर बरसे थे। कोंडागांव जिले में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि, कांग्रेस सरकार के इन 4 सालों के कार्यकाल में एक भी आदिवासी ईसाई नहीं बना है। ये बीज भाजपा के कार्यकाल में बोया हुआ है। 15 सालों तक प्रदेश में भाजपा की सरकार थी। तब पूरे छत्तीसगढ़ में जमकर धर्मांतरण हुआ है। उन्होंने पूर्व मंत्री और भाजपा के नेता केदार कश्यप पर भी कई आरोप लगाए थे।



Journalist खबरीलाल














