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शराब त्रासदी की सीबीआई जांच की मांग को लेकर अन्नाद्रमुक विधायकों का अनशन:

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चेन्नई,  तमिलनाडु विधानसभा की कार्यवाही में शेष सत्र के लिए भाग लेने से निलंबित किए गए मुख्य विपक्षी दल अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (अन्ना द्रमुक) के विधायकों ने गुरुवार को कल्लुकुरिची जहरीली शराब त्रासदी की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग को लेकर एक दिवसीय उपवास शुरू किया।

गौरतलब है कि जहरीली शराब त्रासदी में 63 लोगों की जान चली गई।

विपक्ष के नेता एवं अन्नाद्रमुक महासचिव एडप्पादी के पलानीस्वामी के नेतृत्व में सभी 61 विधायकों ने एग्मोर के राजरथिनम स्टेडियम में उपवास में भाग लिया। पड़ोसी जिले के वरिष्ठ पार्टी नेताओं और पदाधिकारियों ने भी उपवास में भाग लिया।

प्रदर्शन के मद्देनजर पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। इससे पहले अन्नाद्रमुक ने वल्लुवर कोट्टम के पास उपवास करने की योजना बनाई थी, लेकिन पुलिस ने यातायात बाधाओं का हवाला देते हुए उन्हें एग्मोर स्टेडियम में इसकी अनुमति दे दी।

काली शर्ट पहने उपवास पर बैठे विधायकों ने मांग की कि इस त्रासदी की जांच सीबीआई को सौंपी जानी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने राज्य में अवैध शराब की बिक्री को नियंत्रित करने में विफल रहने के लिए मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के इस्तीफे की भी मांग की। अन्ना द्रमुक ने पहले राज्यव्यापी प्रदर्शन किया था और राज्यपाल को इस घटना की सीबीआई जांच की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा था।

अन्ना द्रमुक विधायक पिछले शुक्रवार से प्रश्नकाल को स्थगित करके इस मुद्दे पर चर्चा की मांग करते हुए विधानसभा की कार्यवाही को बाधित कर रहे थे और अध्यक्ष ने उन्हें तीन बार सदन से बाहर निकाला। इस मुद्दे पर हंगामा करने के लिए मंगलवार को उन्हें बाहर निकाले जाने और एक दिन के लिए निलंबित किए जाने के बाद बुघवार को उन्होंने फिर से कार्यवाही को बाधित किया, जिसके बाद उन्हें सदन से बाहर निकाल दिया गया और शेष सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया।

उल्लेखनीय है कि विधानसभा का सत्र 29 जून तक जारी रहेगा।


चेन्नई,  तमिलनाडु विधानसभा की कार्यवाही में शेष सत्र के लिए भाग लेने से निलंबित किए गए मुख्य विपक्षी दल अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (अन्ना द्रमुक) के विधायकों ने गुरुवार को कल्लुकुरिची जहरीली शराब त्रासदी की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग को लेकर एक दिवसीय उपवास शुरू किया।

गौरतलब है कि जहरीली शराब त्रासदी में 63 लोगों की जान चली गई।

विपक्ष के नेता एवं अन्नाद्रमुक महासचिव एडप्पादी के पलानीस्वामी के नेतृत्व में सभी 61 विधायकों ने एग्मोर के राजरथिनम स्टेडियम में उपवास में भाग लिया। पड़ोसी जिले के वरिष्ठ पार्टी नेताओं और पदाधिकारियों ने भी उपवास में भाग लिया।

प्रदर्शन के मद्देनजर पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। इससे पहले अन्नाद्रमुक ने वल्लुवर कोट्टम के पास उपवास करने की योजना बनाई थी, लेकिन पुलिस ने यातायात बाधाओं का हवाला देते हुए उन्हें एग्मोर स्टेडियम में इसकी अनुमति दे दी।

काली शर्ट पहने उपवास पर बैठे विधायकों ने मांग की कि इस त्रासदी की जांच सीबीआई को सौंपी जानी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने राज्य में अवैध शराब की बिक्री को नियंत्रित करने में विफल रहने के लिए मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के इस्तीफे की भी मांग की। अन्ना द्रमुक ने पहले राज्यव्यापी प्रदर्शन किया था और राज्यपाल को इस घटना की सीबीआई जांच की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा था।

अन्ना द्रमुक विधायक पिछले शुक्रवार से प्रश्नकाल को स्थगित करके इस मुद्दे पर चर्चा की मांग करते हुए विधानसभा की कार्यवाही को बाधित कर रहे थे और अध्यक्ष ने उन्हें तीन बार सदन से बाहर निकाला। इस मुद्दे पर हंगामा करने के लिए मंगलवार को उन्हें बाहर निकाले जाने और एक दिन के लिए निलंबित किए जाने के बाद बुघवार को उन्होंने फिर से कार्यवाही को बाधित किया, जिसके बाद उन्हें सदन से बाहर निकाल दिया गया और शेष सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया।

उल्लेखनीय है कि विधानसभा का सत्र 29 जून तक जारी रहेगा।


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