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बलौदाबाजार हिंसा मामले में 27 लोगों को मिली जमानत:

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बिलासपुर । बलौदाबाजार हिंसा मामले में हाईकोर्ट ने सतनामी
समाज के 27 लोगों की जमानत मंजूरी कर ली है। ये सभी हिंसा और आगजनी के
मामले में जेल में बंद थे। वहीं इसी बीच भिलाई विधायक देवेन्द्र यादव को
सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है। देवेन्द्र यादव आज शाम 5 बजे तक रिहा हो
सकते हैं।

बलौदाबाजार में 10 जून 2024 को कलेक्ट्रेट परिसर में
जमकर हिंसा और आगजनी की घटना हुई थी। जिसमें उपद्रवियों ने कलेक्टर और एसपी
कार्यालय को आग के हवाले कर दिया था। वहीं इस हिंसा मामले में पुलिस ने
कुल 187 लोगों को गिरफ्तार किया है। हाईकोर्ट ने मामलों की सुनवाई करते हुए
27 और लोगों की जमानत याचिका मंजूर कर ली है।

उल्लेखनीय
है कि इस घटना ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया था। यह पूरे देश की पहली
ऐसी घटना है जिसमें उपद्रवियों के द्वारा कलेक्टर और एस पी कार्यालय को
जला दिया गया था। हिंसा में उपद्रवियों ने 12.5 करोड़ की शासकीय एवं निजी
संपत्ति को नुकसान पहुंचाया था। गिरौदपुरी धाम स्थित महकोनी ग्राम के
अमरगुफा की घटना के बाद उपजे विवाद के बाद उग्र भीड़ ने 10 जून को
बलौदाबाजार शहर और जिला संयुक्त कार्यालय में तोड़फोड़ और आगजनी की थी।
जिला प्रशासन के मुख्य कार्यालय- एसपी और कलेक्टर के कार्यालय तक को
उपद्रवियों ने आग के हवाले कर दिया था। इस आगजनी में दो दमकल की गाड़िया
सहित 200 से अधिक वाहन को आग के हवाले कर दिया गया था। वहीं 25 से ज्यादा
पुलिस कर्मी घायल हुए थे। इस घटना में 12.53 करोड़ रुपये की संपत्ति के
नुकसान का आंकलन किया गया है।

बिलासपुर । बलौदाबाजार हिंसा मामले में हाईकोर्ट ने सतनामी
समाज के 27 लोगों की जमानत मंजूरी कर ली है। ये सभी हिंसा और आगजनी के
मामले में जेल में बंद थे। वहीं इसी बीच भिलाई विधायक देवेन्द्र यादव को
सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है। देवेन्द्र यादव आज शाम 5 बजे तक रिहा हो
सकते हैं।

बलौदाबाजार में 10 जून 2024 को कलेक्ट्रेट परिसर में
जमकर हिंसा और आगजनी की घटना हुई थी। जिसमें उपद्रवियों ने कलेक्टर और एसपी
कार्यालय को आग के हवाले कर दिया था। वहीं इस हिंसा मामले में पुलिस ने
कुल 187 लोगों को गिरफ्तार किया है। हाईकोर्ट ने मामलों की सुनवाई करते हुए
27 और लोगों की जमानत याचिका मंजूर कर ली है।

उल्लेखनीय
है कि इस घटना ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया था। यह पूरे देश की पहली
ऐसी घटना है जिसमें उपद्रवियों के द्वारा कलेक्टर और एस पी कार्यालय को
जला दिया गया था। हिंसा में उपद्रवियों ने 12.5 करोड़ की शासकीय एवं निजी
संपत्ति को नुकसान पहुंचाया था। गिरौदपुरी धाम स्थित महकोनी ग्राम के
अमरगुफा की घटना के बाद उपजे विवाद के बाद उग्र भीड़ ने 10 जून को
बलौदाबाजार शहर और जिला संयुक्त कार्यालय में तोड़फोड़ और आगजनी की थी।
जिला प्रशासन के मुख्य कार्यालय- एसपी और कलेक्टर के कार्यालय तक को
उपद्रवियों ने आग के हवाले कर दिया था। इस आगजनी में दो दमकल की गाड़िया
सहित 200 से अधिक वाहन को आग के हवाले कर दिया गया था। वहीं 25 से ज्यादा
पुलिस कर्मी घायल हुए थे। इस घटना में 12.53 करोड़ रुपये की संपत्ति के
नुकसान का आंकलन किया गया है।

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