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घटोन गांव में पहली बार पशु चिकित्सा शिविर, 260 पशुओं का टीकाकरण और कृत्रिम गर्भाधान की शुरुआत:

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रायपुर, सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड के दूरस्थ पहाड़ी गांव घटोन में पहली बार पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। लंबे समय से सड़क सुविधा से वंचित इस गांव तक हाल ही में जिला प्रशासन द्वारा 5 किलोमीटर सड़क का निर्माण कराए जाने के बाद पहली बार चिकित्सा टीम पहुंच सकी। कलेक्टर श्री विलास भोसकर के निर्देश पर आयोजित इस शिविर में 260 पशुओं को खुरपका और चेचक रोग से बचाव के टीके लगाए गए, वहीं 25 बीमार पशुओं का इलाज किया गया। इसके साथ ही बकरियों में कृत्रिम गर्भाधान की भी शुरुआत की गई।
ग्रामीणों की मांग पर मिली सुविधा
गौरतलब है कि घटोन गांव के अधिकतर लोग बकरी पालन से अपनी आजीविका चलाते हैं। ग्रामीण बकरियों को अपनी आर्थिक मजबूती का आधार यानी “एटीएम” मानते हैं। हाल ही में आयोजित ग्राम चौपाल में ग्रामीणों ने पशु चिकित्सा सुविधाओं की मांग की थी, जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने इस शिविर का आयोजन किया। कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि उन्नत नस्ल की बकरियों के माध्यम से ग्रामीणों की आय बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
विशेषज्ञों की टीम ने दी सेवाएं
शिविर में लखनपुर के पशु चिकित्सक डॉ. सफदर और डॉ. नेहा सिंह ने पशुओं की जांच और उपचार किया। अंबिकापुर से उपसंचालक पशु चिकित्सा डॉ. आरपी शुक्ला और डॉ. सीके मिश्रा भी शिविर में मौजूद रहे। उन्होंने ग्रामीणों को पशु स्वास्थ्य और नियमित टीकाकरण के महत्व की जानकारी दी।
इस पहल से घटोन के ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। सड़क निर्माण और चिकित्सा शिविर जैसी योजनाओं से अब गांव में विकास की नई किरण दिखाई देने लगी है।


रायपुर, सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड के दूरस्थ पहाड़ी गांव घटोन में पहली बार पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। लंबे समय से सड़क सुविधा से वंचित इस गांव तक हाल ही में जिला प्रशासन द्वारा 5 किलोमीटर सड़क का निर्माण कराए जाने के बाद पहली बार चिकित्सा टीम पहुंच सकी। कलेक्टर श्री विलास भोसकर के निर्देश पर आयोजित इस शिविर में 260 पशुओं को खुरपका और चेचक रोग से बचाव के टीके लगाए गए, वहीं 25 बीमार पशुओं का इलाज किया गया। इसके साथ ही बकरियों में कृत्रिम गर्भाधान की भी शुरुआत की गई।
ग्रामीणों की मांग पर मिली सुविधा
गौरतलब है कि घटोन गांव के अधिकतर लोग बकरी पालन से अपनी आजीविका चलाते हैं। ग्रामीण बकरियों को अपनी आर्थिक मजबूती का आधार यानी “एटीएम” मानते हैं। हाल ही में आयोजित ग्राम चौपाल में ग्रामीणों ने पशु चिकित्सा सुविधाओं की मांग की थी, जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने इस शिविर का आयोजन किया। कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि उन्नत नस्ल की बकरियों के माध्यम से ग्रामीणों की आय बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
विशेषज्ञों की टीम ने दी सेवाएं
शिविर में लखनपुर के पशु चिकित्सक डॉ. सफदर और डॉ. नेहा सिंह ने पशुओं की जांच और उपचार किया। अंबिकापुर से उपसंचालक पशु चिकित्सा डॉ. आरपी शुक्ला और डॉ. सीके मिश्रा भी शिविर में मौजूद रहे। उन्होंने ग्रामीणों को पशु स्वास्थ्य और नियमित टीकाकरण के महत्व की जानकारी दी।
इस पहल से घटोन के ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। सड़क निर्माण और चिकित्सा शिविर जैसी योजनाओं से अब गांव में विकास की नई किरण दिखाई देने लगी है।


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