मुंबई: भारत वैश्विक मंच पर पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद को दिए जा रहे निरंतर समर्थन को उजागर करने के उद्देश्य से एक बड़े पैमाने पर कूटनीतिक पहल की योजना बना रहा है। इस योजना के तहत भारत सरकार ने सर्वदलीय सांसदों के सात समूहों को ऑपरेशन सिंदूर पर भारत का पक्ष रखने और यूएन देशों का दौरा करने के तैयार किया है। इस समिति में शरद पवार गुट की सांसद सुप्रिया सुले को भी शामिल किया गया है।
एनसीपी-एससीपी सांसद सुप्रिया सुले ने शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेशों में जाकर ऑपरेशन सिंदूर पर भारत का पक्ष रखने के लिए सांसदों की सात समितियां गठित की हैं। सुप्रिया सुले ने कहा, “कल मुझे केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू का फोन आया, जिन्होंने मुझे इनमें से किसी एक समिति का हिस्सा बनने के लिए कहा। यह बहुत स्पष्ट है कि जब हमारे देश का सवाल होता है, तो हम सब एक साथ होते हैं और अपने देश का पक्ष रखने के लिए दूसरे देशों में जाते हैं।”
10 दिनों तक चलेगा दौरा
उन्होंने कहा कि प्रत्येक समिति में पांच सदस्य होंगे जो करीब 10 दिनों का दौरा करेंगे और पांच से आठ देशों का दौरा करेंगे। उन्होंने कहा, “समितियों के 23-24 मई को रवाना होने की संभावना है।” सुप्रिया सुले के साथ शिवसेना से एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे को भी सर्वदलीय समूह में नेतृत्व के लिए चुना गया है।
सुप्रिया सुले ने जताया आभार
सुप्रिया सुले ने कहा वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल होकर मुझे सम्मानित महसूस हो रहा है।सुप्रिया सुले ने सरकार का आभार जताते हुए कहा, “मैं विनम्रतापूर्वक इस जिम्मेदारी को स्वीकार करता हूं और माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मंत्री किरेन रिजिजू और विदेश मंत्रालय को धन्यवाद देती हूं। साथ ही मैं बारामती लोकसभा क्षेत्र के लोगों के निरंतर समर्थन के लिए उनका बहुत आभारी हूं। हमारा मिशन आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस का भारत का एकजुट और अटूट संदेश पहुंचाना है। हम एक राष्ट्र के रूप में खड़े हैं – गर्वित, मजबूत और अडिग। जय हिंद!”
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, लगभग 40 बहुदलीय सांसद सात समूह बनाकर दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों की यात्रा करेंगे। इस पहल का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद को दिए जा रहे निरंतर समर्थन के बारे में सूचित करना और भारत द्वारा हाल ही में शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर को उजागर करना है।यह दौरा 23 मई से शुरू होकर 10 दिनों तक चलने की उम्मीद है। सांसदों के समूह संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त अरब अमीरात, दक्षिण अफ्रीका और जापान सहित कई प्रमुख विश्व राजधानियों का दौरा कर सकते हैं। यह पहली बार होगा जब केंद्र कश्मीर और पाकिस्तान से उत्पन्न सीमा पार आतंकवाद पर भारत का रुख प्रस्तुत करने के लिए कई दलों के सांसदों को नियुक्त करेगा।
इस समिति में कांग्रेस से शशि थरूर, भाजपा से रविशंकर प्रसाद और बैजयंत पांडा, जेडीयू से संजय कुमार झा, डीएमके से कनिमोझी करुणानिधि, एनसीपी से सुप्रिया सुले और शिवसेना से श्रीकांत एकनाथ शिंदे को नेतृत्व की कमान सौंपी है।
मुंबई: भारत वैश्विक मंच पर पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद को दिए जा रहे निरंतर समर्थन को उजागर करने के उद्देश्य से एक बड़े पैमाने पर कूटनीतिक पहल की योजना बना रहा है। इस योजना के तहत भारत सरकार ने सर्वदलीय सांसदों के सात समूहों को ऑपरेशन सिंदूर पर भारत का पक्ष रखने और यूएन देशों का दौरा करने के तैयार किया है। इस समिति में शरद पवार गुट की सांसद सुप्रिया सुले को भी शामिल किया गया है।
एनसीपी-एससीपी सांसद सुप्रिया सुले ने शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेशों में जाकर ऑपरेशन सिंदूर पर भारत का पक्ष रखने के लिए सांसदों की सात समितियां गठित की हैं। सुप्रिया सुले ने कहा, “कल मुझे केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू का फोन आया, जिन्होंने मुझे इनमें से किसी एक समिति का हिस्सा बनने के लिए कहा। यह बहुत स्पष्ट है कि जब हमारे देश का सवाल होता है, तो हम सब एक साथ होते हैं और अपने देश का पक्ष रखने के लिए दूसरे देशों में जाते हैं।”
10 दिनों तक चलेगा दौरा
उन्होंने कहा कि प्रत्येक समिति में पांच सदस्य होंगे जो करीब 10 दिनों का दौरा करेंगे और पांच से आठ देशों का दौरा करेंगे। उन्होंने कहा, “समितियों के 23-24 मई को रवाना होने की संभावना है।” सुप्रिया सुले के साथ शिवसेना से एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे को भी सर्वदलीय समूह में नेतृत्व के लिए चुना गया है।
सुप्रिया सुले ने जताया आभार
सुप्रिया सुले ने कहा वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल होकर मुझे सम्मानित महसूस हो रहा है।सुप्रिया सुले ने सरकार का आभार जताते हुए कहा, “मैं विनम्रतापूर्वक इस जिम्मेदारी को स्वीकार करता हूं और माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मंत्री किरेन रिजिजू और विदेश मंत्रालय को धन्यवाद देती हूं। साथ ही मैं बारामती लोकसभा क्षेत्र के लोगों के निरंतर समर्थन के लिए उनका बहुत आभारी हूं। हमारा मिशन आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस का भारत का एकजुट और अटूट संदेश पहुंचाना है। हम एक राष्ट्र के रूप में खड़े हैं – गर्वित, मजबूत और अडिग। जय हिंद!”
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, लगभग 40 बहुदलीय सांसद सात समूह बनाकर दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों की यात्रा करेंगे। इस पहल का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद को दिए जा रहे निरंतर समर्थन के बारे में सूचित करना और भारत द्वारा हाल ही में शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर को उजागर करना है।यह दौरा 23 मई से शुरू होकर 10 दिनों तक चलने की उम्मीद है। सांसदों के समूह संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त अरब अमीरात, दक्षिण अफ्रीका और जापान सहित कई प्रमुख विश्व राजधानियों का दौरा कर सकते हैं। यह पहली बार होगा जब केंद्र कश्मीर और पाकिस्तान से उत्पन्न सीमा पार आतंकवाद पर भारत का रुख प्रस्तुत करने के लिए कई दलों के सांसदों को नियुक्त करेगा।
इस समिति में कांग्रेस से शशि थरूर, भाजपा से रविशंकर प्रसाद और बैजयंत पांडा, जेडीयू से संजय कुमार झा, डीएमके से कनिमोझी करुणानिधि, एनसीपी से सुप्रिया सुले और शिवसेना से श्रीकांत एकनाथ शिंदे को नेतृत्व की कमान सौंपी है।



Journalist खबरीलाल














