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Raipur (खबरीलाल न्यूज़) :: हीट वेव से निपटने जिला प्रशासन सतर्क, कलेक्टर डॉ गौरव के मार्गदर्शन में बना हीट स्ट्रोक रूम, विशेष बाथटब :

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रायपुर, 2 मार्च 2026। शहर में संभावित हीट वेव की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने हीट स्ट्रोक ने निपटने की तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में ज़िला चिकित्सालय, पंडरी में विशेष व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं, ताकि आपात स्थिति में मरीजों को तुरंत और प्रभावी उपचार मिल सके।अस्पताल परिसर में विशेष रूप से “हीट स्ट्रोक रूम” स्थापित किया गया है, जहां अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की गई है। मरीजों के शरीर का तापमान तेजी से कम करने के लिए दो विशेष बाथटब लगाए गए हैं, जिनमें ठंडे पानी और बर्फ की सहायता से इमर्शन कूलिंग की जा सकेगी। इसके साथ ही बर्फ की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आइस मेकिंग मशीन भी स्थापित की गई है, ताकि गंभीर स्थिति में मरीजों को तत्काल ठंडा उपचार दिया जा सके। चिकित्सा स्टाफ को भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए समय-समय पर पानी पीते रहें, ढीले और हल्के रंग के कपड़े पहनें तथा तेज और सीधी धूप से बचें। विशेष रूप से दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से परहेज करने की सलाह दी गई है। बंद कार में किसी व्यक्ति या जीव को न छोड़ें और नंगे पैर गर्म सतह पर चलने से बचें।चिकित्सकों के अनुसार हीट स्ट्रोक के लक्षणों में त्वचा का गर्म, लाल और सूखा हो जाना, जी मचलना और उल्टी होना, शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक पहुंच जाना, सांस का फूलना और तेज धड़कन, घबराहट, सिर चकराना तथा बेहोशी शामिल हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करना चाहिए। आपात स्थिति में कंट्रोल रूम नंबर 0771-3519250 पर भी संपर्क किया जा सकता है।


रायपुर, 2 मार्च 2026। शहर में संभावित हीट वेव की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने हीट स्ट्रोक ने निपटने की तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में ज़िला चिकित्सालय, पंडरी में विशेष व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं, ताकि आपात स्थिति में मरीजों को तुरंत और प्रभावी उपचार मिल सके।अस्पताल परिसर में विशेष रूप से “हीट स्ट्रोक रूम” स्थापित किया गया है, जहां अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की गई है। मरीजों के शरीर का तापमान तेजी से कम करने के लिए दो विशेष बाथटब लगाए गए हैं, जिनमें ठंडे पानी और बर्फ की सहायता से इमर्शन कूलिंग की जा सकेगी। इसके साथ ही बर्फ की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आइस मेकिंग मशीन भी स्थापित की गई है, ताकि गंभीर स्थिति में मरीजों को तत्काल ठंडा उपचार दिया जा सके। चिकित्सा स्टाफ को भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए समय-समय पर पानी पीते रहें, ढीले और हल्के रंग के कपड़े पहनें तथा तेज और सीधी धूप से बचें। विशेष रूप से दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से परहेज करने की सलाह दी गई है। बंद कार में किसी व्यक्ति या जीव को न छोड़ें और नंगे पैर गर्म सतह पर चलने से बचें।चिकित्सकों के अनुसार हीट स्ट्रोक के लक्षणों में त्वचा का गर्म, लाल और सूखा हो जाना, जी मचलना और उल्टी होना, शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक पहुंच जाना, सांस का फूलना और तेज धड़कन, घबराहट, सिर चकराना तथा बेहोशी शामिल हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करना चाहिए। आपात स्थिति में कंट्रोल रूम नंबर 0771-3519250 पर भी संपर्क किया जा सकता है।


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