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Raipur (खबरीलाल न्यूज़) :: डिस्टलरी संचालकों द्वारा नई व्यवस्था के लिए समय मांगे जाने के कारण देशी शराब की सप्लाई प्रभावित हो रही है :

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रायपुर,17 अप्रैल। प्रदेश सरकार के प्लास्टिक बोतलों में शराब बिक्री के फैसले के बाद भी जमीनी स्तर पर व्यवस्था पूरी तरह लागू नहीं हो सकी है। डिस्टलरी संचालकों द्वारा नई व्यवस्था के लिए समय मांगे जाने के कारण देशी शराब की सप्लाई प्रभावित हो रही है। ज्यादातर जिलों के आबकारी दुकानों से देशी शराब उपलब्ध नहीं है। आबकारी विभाग के दबाव के बीच कई जिलों में देशी शराब की आपूर्ति लगभग ठप हो गई है। डिस्टलरी मालिकों ने प्लास्टिक बोतलों में सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए 31 मई तक की मोहलत मांगी है।

आबकारी सचिव पी.एस. एल्मा ने बताया कि सरकार ने 1 अप्रैल से कांच की जगह प्लास्टिक बोतलों में शराब बिक्री का निर्णय लागू किया था, लेकिन निर्माताओं ने अतिरिक्त समय की मांग की है। इस पर अंतिम निर्णय मंत्री स्तर पर लिया जाएगा। उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ जिलों में देशी शराब की उपलब्धता प्रभावित हुई है। हालांकि रायपुर में बॉटलिंग प्लांट शुरू हो चुका है और धीरे-धीरे आपूर्ति सामान्य हो रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राजस्व पर इस स्थिति का कोई खास असर नहीं पड़ा है।सूत्रों के अनुसार डिस्टलरी संचालक कांच की बोतलों में ही आपूर्ति जारी रखने के पक्ष में थे, लेकिन सरकार इसके लिए सहमत नहीं हुई।


रायपुर,17 अप्रैल। प्रदेश सरकार के प्लास्टिक बोतलों में शराब बिक्री के फैसले के बाद भी जमीनी स्तर पर व्यवस्था पूरी तरह लागू नहीं हो सकी है। डिस्टलरी संचालकों द्वारा नई व्यवस्था के लिए समय मांगे जाने के कारण देशी शराब की सप्लाई प्रभावित हो रही है। ज्यादातर जिलों के आबकारी दुकानों से देशी शराब उपलब्ध नहीं है। आबकारी विभाग के दबाव के बीच कई जिलों में देशी शराब की आपूर्ति लगभग ठप हो गई है। डिस्टलरी मालिकों ने प्लास्टिक बोतलों में सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए 31 मई तक की मोहलत मांगी है।

आबकारी सचिव पी.एस. एल्मा ने बताया कि सरकार ने 1 अप्रैल से कांच की जगह प्लास्टिक बोतलों में शराब बिक्री का निर्णय लागू किया था, लेकिन निर्माताओं ने अतिरिक्त समय की मांग की है। इस पर अंतिम निर्णय मंत्री स्तर पर लिया जाएगा। उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ जिलों में देशी शराब की उपलब्धता प्रभावित हुई है। हालांकि रायपुर में बॉटलिंग प्लांट शुरू हो चुका है और धीरे-धीरे आपूर्ति सामान्य हो रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राजस्व पर इस स्थिति का कोई खास असर नहीं पड़ा है।सूत्रों के अनुसार डिस्टलरी संचालक कांच की बोतलों में ही आपूर्ति जारी रखने के पक्ष में थे, लेकिन सरकार इसके लिए सहमत नहीं हुई।


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