मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है और यह पूरा क्षेत्र 'बदलापुर' बन चुका है. अमेरिका ने ईरान पर होर्मुज के पास उसके अपाची हेलीकॉप्टर को गिराने का आरोप लगाकर हमला कर दिया है. जवाब में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने भी दावा किया है कि उसने बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े पर ड्रोन से हमला किया है. ईरान के सरकारी मीडिया ने खबर दी है कि ईरान के सिरिक और मिनाब शहरों और केशम द्वीप पर धमाकों की आवाज सुनी गई है. बाद में बताया गया कि केशम द्वीप, बंदर अब्बास और जास्क काउंटी में भी धमाके हो रहे हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की ओर से दिया गया यह जवाब "बहुत मजबूत और बहुत जबरदस्त" है. उन्होंने ABC से फोन पर बात करते हुए कहा, “मुझे लगता है कि जवाब देना बहुत जरूरी है. उन्होंने एक हेलिकॉप्टर को मार गिराया, और हम अभी उसका जवाब दे रहे हैं.”
अमेरिका की डिजिटल न्यूज वेबसाइट “एक्सियोस” ने रिपोर्ट किया कि अमेरिकी सेनाओं ने होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास ईरान की कई एयर डिफेंस सिस्टम और रडार सिस्टम पर हमला किया है. इन हमलों के बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने जवाबी कार्रवाई की धमकी दी. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म “एक्स” पर लिखा, “युद्ध के मैदान में हार के बावजूद, अमेरिका ने हमारी दृढ़ता को परखने का फैसला किया है. हमारी शक्तिशाली सशस्त्र सेनाएं किसी भी हमले या धमकी का जवाब दिए बिना नहीं छोड़ेंगी. अगर सुरक्षित रहना चाहते हैं तो हमारे क्षेत्र को छोड़ दो.”
अमेरिका का हेलीकॉप्टर गिरा और फिर ट्रंप की धमकी
अमेरिकी हमले उस समय हुए जब ट्रंप ने कुछ ही घंटे पहले कहा था कि मिडिल ईस्ट की जंग को खत्म करने की बातचीत अपने अंतिम चरण में है. हालांकि उन्होंने ऐसा दावा पिछले 64 दिन में कम से कम 38 बार किया है. लेकिन सोमवार को अमेरिकी सेना के अपाचे हेलीकॉप्टर को गिराए जाने के बाद, ट्रंप ने मंगलवार को दावा किया कि "ईरान ने ही इस हेलीकॉप्टर को मार गिराया है. इसमें दो पायलट शामिल थे, दोनों सुरक्षित हैं और उन्हें कोई चोट नहीं आई है. फिर भी, यूनाइटेड स्टेट्स को इस हमले का जवाब देना ही होगा."
मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है और यह पूरा क्षेत्र 'बदलापुर' बन चुका है. अमेरिका ने ईरान पर होर्मुज के पास उसके अपाची हेलीकॉप्टर को गिराने का आरोप लगाकर हमला कर दिया है. जवाब में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने भी दावा किया है कि उसने बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े पर ड्रोन से हमला किया है. ईरान के सरकारी मीडिया ने खबर दी है कि ईरान के सिरिक और मिनाब शहरों और केशम द्वीप पर धमाकों की आवाज सुनी गई है. बाद में बताया गया कि केशम द्वीप, बंदर अब्बास और जास्क काउंटी में भी धमाके हो रहे हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की ओर से दिया गया यह जवाब "बहुत मजबूत और बहुत जबरदस्त" है. उन्होंने ABC से फोन पर बात करते हुए कहा, “मुझे लगता है कि जवाब देना बहुत जरूरी है. उन्होंने एक हेलिकॉप्टर को मार गिराया, और हम अभी उसका जवाब दे रहे हैं.”
अमेरिका की डिजिटल न्यूज वेबसाइट “एक्सियोस” ने रिपोर्ट किया कि अमेरिकी सेनाओं ने होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास ईरान की कई एयर डिफेंस सिस्टम और रडार सिस्टम पर हमला किया है. इन हमलों के बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने जवाबी कार्रवाई की धमकी दी. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म “एक्स” पर लिखा, “युद्ध के मैदान में हार के बावजूद, अमेरिका ने हमारी दृढ़ता को परखने का फैसला किया है. हमारी शक्तिशाली सशस्त्र सेनाएं किसी भी हमले या धमकी का जवाब दिए बिना नहीं छोड़ेंगी. अगर सुरक्षित रहना चाहते हैं तो हमारे क्षेत्र को छोड़ दो.”
अमेरिका का हेलीकॉप्टर गिरा और फिर ट्रंप की धमकी
अमेरिकी हमले उस समय हुए जब ट्रंप ने कुछ ही घंटे पहले कहा था कि मिडिल ईस्ट की जंग को खत्म करने की बातचीत अपने अंतिम चरण में है. हालांकि उन्होंने ऐसा दावा पिछले 64 दिन में कम से कम 38 बार किया है. लेकिन सोमवार को अमेरिकी सेना के अपाचे हेलीकॉप्टर को गिराए जाने के बाद, ट्रंप ने मंगलवार को दावा किया कि "ईरान ने ही इस हेलीकॉप्टर को मार गिराया है. इसमें दो पायलट शामिल थे, दोनों सुरक्षित हैं और उन्हें कोई चोट नहीं आई है. फिर भी, यूनाइटेड स्टेट्स को इस हमले का जवाब देना ही होगा."



Journalist खबरीलाल














