दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है. दक्षिण भारत से आगे बढ़ने के बाद महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के आसपास ठहर गया है, तो वहीं पूर्वोत्तर राज्यों को कवर करने के बाद मानसून बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में रुक गया है. मानसूनी गतिविधियां कमजोर होने से मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत 16 राज्यों में बारिश का इंतजार बढ़ गया है.
छत्तीसगढ़ वालों को करना होगा मानसून का इंतजार - मौसम विभाग के अनुसार, 13 जून 2026 तक केरलम, कर्नाटक, गोवा, तमिलनाडू, महाराष्ट्र, आंध प्रदेश, तेलंगाना, मणिपुर, त्रिपुरा, नगालैंड, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, असम, मेघालय, सिक्किम, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और ओडिशा तक मानसून पहुंच चुका है. वहीं छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, लद्दाख, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश,जम्मू खस्वीर,पंजाब, हरियाणा, दिल्ली के लोगों को अभी थोड़ा और इंतेजार करना होगा.
बता दें कि मानसून की रफ्तार फिलहाल छत्तीसगढ़ की दहलीज पर आकर अटक गया है. इधर, मौसम विभाग ने बताया कि 15 जून 2026 को दक्षिण-पश्चिम मॉनसून आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के बचे हुए हिस्सों- तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ गया है.
दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है. दक्षिण भारत से आगे बढ़ने के बाद महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के आसपास ठहर गया है, तो वहीं पूर्वोत्तर राज्यों को कवर करने के बाद मानसून बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में रुक गया है. मानसूनी गतिविधियां कमजोर होने से मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत 16 राज्यों में बारिश का इंतजार बढ़ गया है.
छत्तीसगढ़ वालों को करना होगा मानसून का इंतजार - मौसम विभाग के अनुसार, 13 जून 2026 तक केरलम, कर्नाटक, गोवा, तमिलनाडू, महाराष्ट्र, आंध प्रदेश, तेलंगाना, मणिपुर, त्रिपुरा, नगालैंड, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, असम, मेघालय, सिक्किम, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और ओडिशा तक मानसून पहुंच चुका है. वहीं छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, लद्दाख, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश,जम्मू खस्वीर,पंजाब, हरियाणा, दिल्ली के लोगों को अभी थोड़ा और इंतेजार करना होगा.
बता दें कि मानसून की रफ्तार फिलहाल छत्तीसगढ़ की दहलीज पर आकर अटक गया है. इधर, मौसम विभाग ने बताया कि 15 जून 2026 को दक्षिण-पश्चिम मॉनसून आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के बचे हुए हिस्सों- तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ गया है.



Journalist खबरीलाल














