
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने विकसित भारत-रोजगार और आजिविका मिशन गारंटी (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 (वीबी-जी राम-जी) के तहत संशोधित मजदूरी दर को अधिसूचित कर दिया है। यह नया कानून 1 जुलाई 2026 से लागू हो रहा है। नई ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत सरकार ने औसत मजदूरी को बढ़ाकर 327.4 रुपये प्रतिदिन कर दिया है, जो इससे पहले मनरेगा के तहत 298.8 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से तय था। संशोधित दर में औसतन 28.6 रुपये प्रतितिन की बढ़ोतरी हुई है।
125 दिनों के रोजगार की गारंटी
ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी में कहा गया है कि नया नियम पात्र ग्रामीण परिवारों को 125 दिन तक की मजदूरी आधारित रोजगार की कानूनी गारंटी देता है, जबकि इससे पहले यह सीमा केवल 100 दिनों की थी। नए संशोधन के तहत 21 राज्यों और प्रशासनिक इकाइयों में मजदूरी को बढ़ाकर 300 रुपये की नई अंतरिम आधार दर तक पहुंचाया गया है। उत्तर प्रदेश, बिहार, बंगाल, झारखंड और असम जैसे राज्यों में मजदूरी दर 15 से 25 फीसदी तक बढ़ जाएगी। अरुणाचल प्रदेश और नगालैंड में सबसे अधिक करीब 24.5 फीसदी की वृद्धि हुई है।
‘विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन गारंटी (ग्रामीण) अधिनियम के तहत संशोधित मजदूरी दरों पर सरकार ने कहा कि ऐसा स्ट्रक्चर बनाया गया है कि जिन राज्यों में पहले मजदूरी दर कम था, उन्हें अब अधिक लाभ मिलेगा। इसके साथ ही पहले से अधिक मजदूरी वाले राज्यों में भी बढ़ोतरी होगी।
किस राज्य में कितनी मजदूरी दर?
- हरियाणा- 409 रुपये
- गोवा- 406 रुपये
- केरल- 401 रुपये
- सिक्कम- 450 रुपये
संशोधन के पीछे सरकार का मकसद
नए कानून को लेकर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि केंद्र सरकार का असली मकसद है कि ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाला कोई भी पात्र मजूदर काम से वंचित न रह जाए। उन्होंने आगे कहा कि ‘वीबी-जी राम-जी एक्ट का लागू होना समृद्ध गांवों के माध्यम से विकसित भारत के निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि केंद्र और राज्य सराकरें मिलकर इस एक्ट को जमीनी स्तर पर लागू करने की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने विकसित भारत-रोजगार और आजिविका मिशन गारंटी (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 (वीबी-जी राम-जी) के तहत संशोधित मजदूरी दर को अधिसूचित कर दिया है। यह नया कानून 1 जुलाई 2026 से लागू हो रहा है। नई ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत सरकार ने औसत मजदूरी को बढ़ाकर 327.4 रुपये प्रतिदिन कर दिया है, जो इससे पहले मनरेगा के तहत 298.8 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से तय था। संशोधित दर में औसतन 28.6 रुपये प्रतितिन की बढ़ोतरी हुई है।
125 दिनों के रोजगार की गारंटी
ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी में कहा गया है कि नया नियम पात्र ग्रामीण परिवारों को 125 दिन तक की मजदूरी आधारित रोजगार की कानूनी गारंटी देता है, जबकि इससे पहले यह सीमा केवल 100 दिनों की थी। नए संशोधन के तहत 21 राज्यों और प्रशासनिक इकाइयों में मजदूरी को बढ़ाकर 300 रुपये की नई अंतरिम आधार दर तक पहुंचाया गया है। उत्तर प्रदेश, बिहार, बंगाल, झारखंड और असम जैसे राज्यों में मजदूरी दर 15 से 25 फीसदी तक बढ़ जाएगी। अरुणाचल प्रदेश और नगालैंड में सबसे अधिक करीब 24.5 फीसदी की वृद्धि हुई है।
‘विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन गारंटी (ग्रामीण) अधिनियम के तहत संशोधित मजदूरी दरों पर सरकार ने कहा कि ऐसा स्ट्रक्चर बनाया गया है कि जिन राज्यों में पहले मजदूरी दर कम था, उन्हें अब अधिक लाभ मिलेगा। इसके साथ ही पहले से अधिक मजदूरी वाले राज्यों में भी बढ़ोतरी होगी।
किस राज्य में कितनी मजदूरी दर?
- हरियाणा- 409 रुपये
- गोवा- 406 रुपये
- केरल- 401 रुपये
- सिक्कम- 450 रुपये
संशोधन के पीछे सरकार का मकसद
नए कानून को लेकर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि केंद्र सरकार का असली मकसद है कि ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाला कोई भी पात्र मजूदर काम से वंचित न रह जाए। उन्होंने आगे कहा कि ‘वीबी-जी राम-जी एक्ट का लागू होना समृद्ध गांवों के माध्यम से विकसित भारत के निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि केंद्र और राज्य सराकरें मिलकर इस एक्ट को जमीनी स्तर पर लागू करने की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।


Journalist खबरीलाल















