ब्लड प्रेशर नॉर्मल आते ही लोग मान लेते हैं कि उनका हार्ट पूरी तरह से सुरक्षित है. लेकिन ऐसा जरूरी नहीं होता है. ब्लड प्रेशर नॉर्मल होने पर भी हार्ट डिजीज का खतरा रहता है. जी हां, अगर आपका ब्लड प्रेशर नॉर्मल आ रहा है, तो ये समझने की भूल बिल्कुल भी न करें कि आपको हार्ट अटैक नहीं आ सकता है. कार्डियोलॉजिस्ट बताते हैं कि नॉर्मल बीपी होने के बावजूद हार्ट अटैक आ सकता है, क्योंकि इसका कनेक्शन सिर्फ ब्लड प्रेशर से नहीं बल्कि हार्ट की आर्टरी में बनने वाली ब्लॉकेज और कई अन्य रिस्क कारणों से भी होता है.
यशोदा हॉस्पिटल्स के कंसल्टेंट कार्डियोलॉजिस्ट, इलेक्ट्रोफिजियोलॉजिस्ट एंड डिवाइस स्पेशलिस्ट डॉ. चंद्र मौली एस. मंत्रावाड़ी का कहना है कि ब्लड प्रेशर की एक नॉर्मल रीडिंग ये साबित नहीं करती कि हार्ट की आर्टरी पूरी तरह से हेल्दी हैं. हार्ट अटैक का सबसे आम कारण कोरोनरी आर्टरी में जमा कोलेस्ट्रॉल की प्लाक का फटना और वहां खून का थक्का बन जाना है. ये थक्का हार्ट तक जाने वाले ब्लड फ्लो को अचानक रोक सकता है, जिससे हार्ट अटैक हो सकता है.
डॉक्टर बताते हैं कि कुछ अन्य कारण भी हार्ट अटैक का रिस्क बढ़ा सकते हैं, जैसे - कोरोनरी आर्टरी स्पाज्म, स्पॉन्टेनियस कोरोनरी आर्टरी डिसेक्शन , सीवियर एनीमिया, अचानक ब्लड प्रेशर का बहुत कम हो जाना, दिल की ऑक्सीजन जरूरत और सप्लाई के बीच असंतुलन। इसके अलावा कुछ अन्य कारण जैसे - डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल, मोटापा, धूम्रपान, किडनी की बीमारी, फिजिकल एक्टिविटी की कमी, फैमिली हिस्ट्री, अत्यधिक मानसिक तनाव और कुछ दवाओं का सेवन करने से भी हार्ट अटैक का रिस्क बढ़ सकता है. डॉ. बताते हैं कि कई लोगों को लगता है कि हार्ट अटैक आने पर ब्लड प्रेशर जरूर बढ़ जाएगा, लेकिन ऐसा हमेशा नहीं होता. शुरुआती या छोटे हार्ट अटैक में BP नॉर्मल भी रह सकता है. इसलिए सिर्फ बीपी की रीडिंग देखकर खुद को सुरक्षित मान लेना सही नहीं है. अगर आपको हार्ट अटैक आने का रिस्क है, तो समय-समय पर जांच कराते रहें.
हार्ट अटैक आने से पहले कौन-कौन से लक्षण दिखाई देते हैं ? - हार्ट अटैक आने से पहले शरीर में कई तरह के लक्षण दिखाई दे सकते हैं, जैसे - छाती में दबाव, जकड़न, दर्द जैसा महसूस होना. सांस फूलना और अचानक पसीना आना, मतली या उल्टी जैसा फील होना, शरीर में काफी ज्यादा थकान होना, चक्कर आना, दर्द का हाथ, पीठ, गर्दन या जबड़े तक फैलना।
डॉ. मंत्रावाड़ी का कहना है कि हार्ट की सेहत का आकलन सिर्फ ब्लड प्रेशर से नहीं किया जा सकता. अगर कोई असामान्य लक्षण महसूस हों, तो उन्हें अनदेखा करने की बजाय तुरंत जांच करानी चाहिए. समय पर ट्रीटमेंट मिलने से हार्ट अटैक से होने वाले गंभीर नुकसान और जान का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है.
ब्लड प्रेशर नॉर्मल आते ही लोग मान लेते हैं कि उनका हार्ट पूरी तरह से सुरक्षित है. लेकिन ऐसा जरूरी नहीं होता है. ब्लड प्रेशर नॉर्मल होने पर भी हार्ट डिजीज का खतरा रहता है. जी हां, अगर आपका ब्लड प्रेशर नॉर्मल आ रहा है, तो ये समझने की भूल बिल्कुल भी न करें कि आपको हार्ट अटैक नहीं आ सकता है. कार्डियोलॉजिस्ट बताते हैं कि नॉर्मल बीपी होने के बावजूद हार्ट अटैक आ सकता है, क्योंकि इसका कनेक्शन सिर्फ ब्लड प्रेशर से नहीं बल्कि हार्ट की आर्टरी में बनने वाली ब्लॉकेज और कई अन्य रिस्क कारणों से भी होता है.
यशोदा हॉस्पिटल्स के कंसल्टेंट कार्डियोलॉजिस्ट, इलेक्ट्रोफिजियोलॉजिस्ट एंड डिवाइस स्पेशलिस्ट डॉ. चंद्र मौली एस. मंत्रावाड़ी का कहना है कि ब्लड प्रेशर की एक नॉर्मल रीडिंग ये साबित नहीं करती कि हार्ट की आर्टरी पूरी तरह से हेल्दी हैं. हार्ट अटैक का सबसे आम कारण कोरोनरी आर्टरी में जमा कोलेस्ट्रॉल की प्लाक का फटना और वहां खून का थक्का बन जाना है. ये थक्का हार्ट तक जाने वाले ब्लड फ्लो को अचानक रोक सकता है, जिससे हार्ट अटैक हो सकता है.
डॉक्टर बताते हैं कि कुछ अन्य कारण भी हार्ट अटैक का रिस्क बढ़ा सकते हैं, जैसे - कोरोनरी आर्टरी स्पाज्म, स्पॉन्टेनियस कोरोनरी आर्टरी डिसेक्शन , सीवियर एनीमिया, अचानक ब्लड प्रेशर का बहुत कम हो जाना, दिल की ऑक्सीजन जरूरत और सप्लाई के बीच असंतुलन। इसके अलावा कुछ अन्य कारण जैसे - डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल, मोटापा, धूम्रपान, किडनी की बीमारी, फिजिकल एक्टिविटी की कमी, फैमिली हिस्ट्री, अत्यधिक मानसिक तनाव और कुछ दवाओं का सेवन करने से भी हार्ट अटैक का रिस्क बढ़ सकता है. डॉ. बताते हैं कि कई लोगों को लगता है कि हार्ट अटैक आने पर ब्लड प्रेशर जरूर बढ़ जाएगा, लेकिन ऐसा हमेशा नहीं होता. शुरुआती या छोटे हार्ट अटैक में BP नॉर्मल भी रह सकता है. इसलिए सिर्फ बीपी की रीडिंग देखकर खुद को सुरक्षित मान लेना सही नहीं है. अगर आपको हार्ट अटैक आने का रिस्क है, तो समय-समय पर जांच कराते रहें.
हार्ट अटैक आने से पहले कौन-कौन से लक्षण दिखाई देते हैं ? - हार्ट अटैक आने से पहले शरीर में कई तरह के लक्षण दिखाई दे सकते हैं, जैसे - छाती में दबाव, जकड़न, दर्द जैसा महसूस होना. सांस फूलना और अचानक पसीना आना, मतली या उल्टी जैसा फील होना, शरीर में काफी ज्यादा थकान होना, चक्कर आना, दर्द का हाथ, पीठ, गर्दन या जबड़े तक फैलना।
डॉ. मंत्रावाड़ी का कहना है कि हार्ट की सेहत का आकलन सिर्फ ब्लड प्रेशर से नहीं किया जा सकता. अगर कोई असामान्य लक्षण महसूस हों, तो उन्हें अनदेखा करने की बजाय तुरंत जांच करानी चाहिए. समय पर ट्रीटमेंट मिलने से हार्ट अटैक से होने वाले गंभीर नुकसान और जान का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है.


Journalist खबरीलाल













