रायपुर । राजधानी रायपुर और नवा
रायपुर के बीच चलने वाली बीआरटीएस बसों के पहिए थम गए हैं। दरअसल बसों के
ड्राइवर और बाकी स्टाफ के हड़ताल पर चले जाने के कारण यह स्थिति निर्मित हुई
है।कोरोना संकट काल में जब बसों का परिचालन बंद किया गया था, उस दौरान का
ड्राइवर और बाकी स्टाफ अपना वेतन मांग रहे हैं, जबकि बसों का परिचालन करने
वाली एजेंसी का संचालक इसके लिए तैयार नहीं है।
उनका कहना है
शासन प्रशासन की ओर से उन्हें वेतन के पैसे नहीं दिए गए। ऐसे में वे कहां
से वेतन का भुगतान करेंगे।बीआरटीएस की बसों की हड़ताल होने से मंत्रालयीन
कर्मियों को लाने-ले जाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। उन्हें
अलग-अलग बसों से लाया ले जाया जा रहा है।
मंत्रालय के
कर्मियों को लाने ले जाने की व्यवस्था तो कर दी गई है लेकिन सामान्य
यात्रियों के लिए व्यवस्था नहीं की गई है। इस कारण से यात्रियों को काफी
परेशानी उठानी पड़ रही है। हालांकि कोरोना के बढ़ते संक्रमण को ध्यान में
रखकर फिलहाल मंत्रालय में आमजनों का प्रवेश प्रतिबंधित रखा गया है, इस वजह
से सामान्य लोग मंत्रालय जाने के लिए नहीं पहुंच रहे हैं, लेकिन नवा रायपुर
घूमने जाने वालों को किराये का वाहन करना पड़ रहा है।
जंगल सफारी घूमने वालों की संख्या घटी
बीआरटीएस
की बसों के पहिए थम जाने से जंगल सफारी घूमने के लिए जाने वाले पर्यटकों
की संख्या कम हो गई है।साधन के अभाव में वे जंगल सफारी नहीं जा पा रहे
है।वन विभाग के अफसरों ने स्वीकार किया कि बसें बंद होने से सफारी पहुंचने
वालों की संख्या इन दिनों कम हो गई है।
रायपुर । राजधानी रायपुर और नवा
रायपुर के बीच चलने वाली बीआरटीएस बसों के पहिए थम गए हैं। दरअसल बसों के
ड्राइवर और बाकी स्टाफ के हड़ताल पर चले जाने के कारण यह स्थिति निर्मित हुई
है।कोरोना संकट काल में जब बसों का परिचालन बंद किया गया था, उस दौरान का
ड्राइवर और बाकी स्टाफ अपना वेतन मांग रहे हैं, जबकि बसों का परिचालन करने
वाली एजेंसी का संचालक इसके लिए तैयार नहीं है।
उनका कहना है
शासन प्रशासन की ओर से उन्हें वेतन के पैसे नहीं दिए गए। ऐसे में वे कहां
से वेतन का भुगतान करेंगे।बीआरटीएस की बसों की हड़ताल होने से मंत्रालयीन
कर्मियों को लाने-ले जाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। उन्हें
अलग-अलग बसों से लाया ले जाया जा रहा है।
मंत्रालय के
कर्मियों को लाने ले जाने की व्यवस्था तो कर दी गई है लेकिन सामान्य
यात्रियों के लिए व्यवस्था नहीं की गई है। इस कारण से यात्रियों को काफी
परेशानी उठानी पड़ रही है। हालांकि कोरोना के बढ़ते संक्रमण को ध्यान में
रखकर फिलहाल मंत्रालय में आमजनों का प्रवेश प्रतिबंधित रखा गया है, इस वजह
से सामान्य लोग मंत्रालय जाने के लिए नहीं पहुंच रहे हैं, लेकिन नवा रायपुर
घूमने जाने वालों को किराये का वाहन करना पड़ रहा है।
जंगल सफारी घूमने वालों की संख्या घटी
बीआरटीएस
की बसों के पहिए थम जाने से जंगल सफारी घूमने के लिए जाने वाले पर्यटकों
की संख्या कम हो गई है।साधन के अभाव में वे जंगल सफारी नहीं जा पा रहे
है।वन विभाग के अफसरों ने स्वीकार किया कि बसें बंद होने से सफारी पहुंचने
वालों की संख्या इन दिनों कम हो गई है।



Journalist खबरीलाल














