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News Koriya (Shreekant Jaiswal) :: BIG BREAKING :: पुलिस अधिकारी और एसपी कार्यालय का व्हाट्सअप्प चैट हुआ वायरल:

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Shreekant Jaiswal, कोरिया ::  

बैकुण्ठपुर जिले के पुलिस अधीक्षक कार्यालय और पुलिस थाना पटना के पुलिस अधिकारियों के बीच की वाट्सएप चैट वायरल हुई है और यह चैट वाट्सएप की जो जारी हुई है उसमें वर्तमान पुलिस अधीक्षक को लेकर अमर्यादित साथ ही जातिगत रूप से उनके जाति को लेकर गलत शब्दों का प्रयोग किया गया है।

जिस तरह से वाट्सएप चैट में बातें हुईं हैं  और वह भी जिले के पुलिस कर्मचारियों के बीच की यह बातें हैं उसके अनुसार यदि वायरल वाट्सएप चैट को लेकर बात की जाए तो एक ही बात कही जा सकती है और वह यह कि यह वाट्सएप चैट जिन भी दो पुलिस अधिकारियों के बीच की हो उनपर कार्यवाही जरूर होनी चाहिए, क्योंकि इस चैट में आपसी रूप से कुछ विभागीय अधिकारियों द्वारा मिलकर विभाग के ही कुछ लोगों को प्रताड़ित करने साथ ही अन्य कइयों को प्रताड़ित करने का षड्यंत्र रच रहें हैं और बाकायदा इस दौरान वह अपने ही विभाग के पुलिस कप्तान को लेकर अमर्यादित साथ ही जातिगत टिप्पणी कर रहें हैं। वायरल वाट्सएप चैट जिसे लेकर यह दावा किया जा रहा है कि इसमें की जो बातचीत है वह पुलिस अधीक्षक कार्यालय के पुलिस अधीक्षक के स्टेनो सहित पुलिस थाना पटना के प्रभारी के बीच बातचीत हुई है और इसमे एक पुलिस विभाग के ही आरक्षक जो पटना थाना क्षेत्र अंतर्गत निवास करता है को परेशान और प्रताड़ित करने की बातचीत की गई है। वाट्सएप चैट में पुलिस अधीक्षक कार्यालय कोरिया में पदस्थ पुलिस अधीक्षक के स्टेनो सहित पुलिस थाना पटना के प्रभारी के बीच जो बातचीत हुई है उसमें इसबात का जिक्र दोनों आपस मे कर रहें हैं कि एक आरक्षक को कैसे परेशान किया जाना है और नए पुलिस अधीक्षक को कैसे उस आरक्षक के विरुद्ध बनाये रखना है इसकी भी पूरी चर्चा की गई है और उसी चर्चा में वर्तमान पुलिस अधीक्षक को लेकर अमर्यादित और जातिगत टिप्पणी भी पुलिस अधीक्षक कार्यालय बैकुंठपुर में पदस्थ स्टेनो द्वारा किया गया है। फिलहाल इस मामले में सभी लोग पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं क्योंकि मामला पुलिस अधीक्षक से जुड़ा हुआ है। जिनका नाम सामने आ रहा है उनकी सांस अटकी पड़ी है और कैसे अपने आप को बचाएं इसमें जद्दोजहद करते नजर आ रहे अब देखना यह है कि क्या पुलिस अधीक्षक कड़े मुड़ में इसकी जांच कराते हैं और इसी पीछे की क्या सचाई बाहर लाते पाते हैं या फिर मामला एक पर फिर ठंडे बस्ते में ही जाएगा जैसा कि आज तक होता आया।

आरक्षक को परेशान करने को लेकर हुई है वाट्सएप चैट में जीकर - जो वाट्सएप चैट वायरल हुई है उसमें रनई ग्राम निवासी साथ ही कोरिया जिला पुलिस विभाग में आरक्षक के पद पर पदस्थ सियाराम साहू को परेशान करने को लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय बैकुंठपुर में पदस्थ स्टेनो व पुलिस थाना पटना के प्रभारी थानेदार के बीच बातचीत हुई है और सियाराम साहू परेशान ही बना रहेगा ऐसा दावा भी दोनों आपस मे कर रहें हैं साथ ही पुलिस अधीक्षक को किस तरह मामले में सियाराम साहू आरक्षक के विरुद्ध ले जाना है इसकी भी प्लानिंग की गई है और उसी दौरान की चैट में वर्तमान पुलिस अधीक्षक को लेकर अमर्यादित व जातिगत टिप्पणी पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पदस्थ स्टेनो द्वारा की गई है।

वाट्सएप चैट में पुलिस थाना पटना के प्रभारी की भूमिका भी है संदिग्ध :: वाट्सएप चैट में पुलिस थाना पटना के प्रभारी की भूमिका भी काफी संदिग्ध है क्योंकि यदि चैट में पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पदस्थ स्टेनो के साथ पुलिस थाना पटना के प्रभारी थानेदार की आपसी बातचीत के वाट्सएप चैट की यदि बात की जाए तो पुलिस थाना पटना के प्रभारी थानेदार स्टेनो से यह पूछ भी रहें हैं कि नए पुलिस अधीक्षक को किस तरह सियाराम साहू मामले में मनाएंगे तो उसी के जवाब में स्टेनो का जवाब है जो अमर्यादित है नए पुलिस अधीक्षक को लेकर और उनके जाति संवर्ग को लेकर, यहाँ पुलिस थाना पटना के प्रभारी की वाट्सएप चैट में शामिल होकर बातचीत को लेकर यह भी कहा जा सकता है कि इस मामले में दोनों ही पुलिस विभाग के अधिकारी दोषी हैं जिसमें पुलिस अधीक्षक कार्यालय के स्टेनो अमर्यादित टिप्पणी, जातिगत टिप्पणी करने के मामले में पुलिस अधीक्षक को लेकर साथ ही अपने ही विभाग के एक आरक्षक को परेशान करने का षड्यंत्र रचने के वहीं पुलिस थाना पटना के प्रभारी थानेदार इसलिए क्योंकि वह भी जहां आरक्षक सियाराम साहू को लगातार परेशान करने को लेकर षड्यंत्र बनाते इस चैट में शामिल नजर आ रहें हैं वहीं वह अपने ही विभाग के मुखिया के लिए जिले के कप्तान के लिए अमर्यादित बयान जातिगत बयान जो वाट्सएप चैट में स्टेनो द्वारा जारी किया जा रहा है उसपर आपत्ती नहीं कर रहें हैं और ना ही अपने वरिष्ठ अधिकारी के लिए की गई अमर्यादित जातिगत टिप्पणी को लेकर अभी तक उन्होंने कहीं शिकायत ही कि है जिससे साबित हो कि उनकी मंशा उस टिप्पणी के विरुद्ध है।

पुलिस विभाग में क्या कुछ चल रहा यह वाट्सएप चैट से आया है सामने :: जो वाट्सएप चैट वारयल हुआ है उसमें यदि तनिक भी सच्चाई है क्योंकि अब यह जांच का भी विषय होगा की यह चैट सही है की नहीं है क्योंकि पुलिस विभाग अपनी साख बचाने और अपने विभाग की इज्जत बचाने इस चैट को झुठलाने का भी प्रयास करेगा चूंकि जांच खुद पुलिस विभाग के ही जिम्मे होगा पुलिस विभाग नहीं चाहेगा कि बात का बतंगड़ बने हो सकता है चैट को ही गलत साबित कर दिया जाए, लेकिन जो चैट जारी हुआ है और जो बातचीत हुई है वह जांच का विषय होनी चाहिए और सत्य होने पर कार्यवाही होनी चाहिए क्योंकि कानून की रक्षा करने वाले इस तरह का षड्यंत्र यदि अपने आपस मे करने लगेंगे तो निश्चित रूप से कानून व्यवस्था की स्थिति निर्मित होगी जो गलत होगी, साथ ही अपने वरिष्ठ अधिकारियों को लेकर अधीनस्थ अधिकारियों का यदि रवैया पीठ पीछे जातिगत धारणाओं से जुड़ा हुआ हो किसी अधिकारी के लिए अमर्यादित शब्दों के प्रयोग से जुड़ा हुआ हो उसे भी सही नही कहजे सकता कार्यवाही किये जाने वाला विषय होना चाहिए यह।

वाट्सएप चैट में हुई बातचीत का स्क्रीन शॉट साझा कर कुछ पुलिसकर्मी ही न्याय की कर रहे उम्मीद :: पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पदस्थ स्टेनो व पुलिस थाना पटना के प्रभारी थानेदार के बीच हुई वाट्सएप चैट को पुलिस विभाग के ही कुछ कर्मचारियों द्वारा साझा किया गया है और दोनों अधिकारियों पर कार्यवाही की मांग की गई है जिनके द्वारा एक आरक्षक को जीवनभर परेशान किये जाने को लेकर आपस मे बातचीत की गई है और साथ ही पुलिस अधीक्षक को लेकर भी अमर्यादित जातिगत टिप्पणी की गई है, इस वाट्सएप चैट को साझा करने वाले का यह भी कहना है कि सियाराम साहू पुलिस आरक्षक का मामला हो या अखिलेश गुप्ता निवासी पटना के संदर्भ का मामला दोनों ही मामलों में जिले के बहुचर्चित प्रधान आरक्षक नवीनदत्त तिवारी सहित पुलिस थाना पटना के प्रभारी थानेदार की भूमिका की जांच यदि की जाए तो दोनों ही मामलों में लेनदेन करते हुए गलत तरीके से दोनों के विरुद्ध मामलें पंजीबद्ध किये गए और बड़े स्तर पर सामने वालों से पैसा लिया गया जो दोनों के विरुद्ध प्राथमिकी की मांग कर रहे थे।

पुलिस अधीक्षक के स्टेनो वाट्सएप चैट के जांच की कर रहे मांग :: मामले में जो वाट्सएप चैट जारी हुआ है उसको लेकर खुद पुलिस अधीक्षक के स्टेनो अब जांच की। पुलिस अधीक्षक कोरिया के स्टेनो ने पुलिस अधीक्षक कोरिया को शिकायत पत्र सौंपकर यह मांग की है कि उनकी स्वच्छ, बेदाग और निष्पक्ष छवि को धूमिल करने का यह कुत्सित प्रयास है और यह आधारहीन साथ ही सत्य से अलग हटकर असत्य वाट्सएप चैट है जिसकी जांच होनी चाहिए, वहीं जांच की मांग को अब कुछ लोग यह कहकर भी स्टेनो के लिए जरूरी बता रहें हैं क्योंकि पुलिस विभाग में जांच ही सबसे महत्वपूर्ण हथियार है किसी पुलिसकर्मी के बचने के लिए यदि कार्यवाही होने से पहले जांच का विषय पहले सामने आ जाये तो फिर पूरा मामला सम्हल जाने का पूरा विश्वास उत्तपन्न हो जाता है क्योंकि पुलिस की शिकायत की जांच खयड पुलिस को करनी होती है और बात बन जाने की पूरी संभावना होती है।

क्या है प्रावधान जिसके तहत कार्यवाही बनती है

इस संबंध में कानून के जानकारों का कहना है कि ऐसे कृत्य के लिए विभागीय आचरण नियम के साथ साथ वर्ग विशेष के खिलाफ अपशब्द का उपयोग करने पर अनुसूचित जनजाति अधिनयम और आईपीसी धाराओं में अपराध भी बनता है पर क्या कार्यवाही कि जाएगी यह भविष्य में पता चलेगा या हमेशा की तरह लिपा पोती कर मामला दबा दिया जाएगा इसबात से भी इंकार नहीं किया जा सकता क्योंकि पुलिस कप्तान खुद अपने विभाग की बदनामी शायद ही चाहेंगे यह भी कहना है कुछ लोगों का।

रकम लेकर मामले को प्रभावित करने का भी है आरोप :: इसी वाइरल चैट को पढ़ें तो पता चलता है कि कैसे सियाराम साहू के मामले में पटना थाना प्रभारी सौरभ द्विवेदी और प्रधान आरक्षक नवीन दत्त तिवारी ने लाखों रुपये का लेन देन किया क्योकि पहले जो आरोप इन पर लगे थे उन्हें खुद थाने में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक के पुष्टि के बाद गलत कैसे कहा जा सकता है, अब जबकि खुद पुलिस थाना पटना से ही प्रभारी सहित प्रधान आरक्षक नवीनदत्त तिवारी के विरुद्ध खुलकर थाने में ही पदस्थ लोग सामने आने लगे हैं वर्तमान थानाप्रभारी के कार्यकाल के दौरान की कार्यवाहियों को लेकर सवाल उठना लाजमी है और उनपर लग रहे आरोप भी अब सच ही जान पड़ने लगे हैं।


Shreekant Jaiswal, कोरिया ::  

बैकुण्ठपुर जिले के पुलिस अधीक्षक कार्यालय और पुलिस थाना पटना के पुलिस अधिकारियों के बीच की वाट्सएप चैट वायरल हुई है और यह चैट वाट्सएप की जो जारी हुई है उसमें वर्तमान पुलिस अधीक्षक को लेकर अमर्यादित साथ ही जातिगत रूप से उनके जाति को लेकर गलत शब्दों का प्रयोग किया गया है।

जिस तरह से वाट्सएप चैट में बातें हुईं हैं  और वह भी जिले के पुलिस कर्मचारियों के बीच की यह बातें हैं उसके अनुसार यदि वायरल वाट्सएप चैट को लेकर बात की जाए तो एक ही बात कही जा सकती है और वह यह कि यह वाट्सएप चैट जिन भी दो पुलिस अधिकारियों के बीच की हो उनपर कार्यवाही जरूर होनी चाहिए, क्योंकि इस चैट में आपसी रूप से कुछ विभागीय अधिकारियों द्वारा मिलकर विभाग के ही कुछ लोगों को प्रताड़ित करने साथ ही अन्य कइयों को प्रताड़ित करने का षड्यंत्र रच रहें हैं और बाकायदा इस दौरान वह अपने ही विभाग के पुलिस कप्तान को लेकर अमर्यादित साथ ही जातिगत टिप्पणी कर रहें हैं। वायरल वाट्सएप चैट जिसे लेकर यह दावा किया जा रहा है कि इसमें की जो बातचीत है वह पुलिस अधीक्षक कार्यालय के पुलिस अधीक्षक के स्टेनो सहित पुलिस थाना पटना के प्रभारी के बीच बातचीत हुई है और इसमे एक पुलिस विभाग के ही आरक्षक जो पटना थाना क्षेत्र अंतर्गत निवास करता है को परेशान और प्रताड़ित करने की बातचीत की गई है। वाट्सएप चैट में पुलिस अधीक्षक कार्यालय कोरिया में पदस्थ पुलिस अधीक्षक के स्टेनो सहित पुलिस थाना पटना के प्रभारी के बीच जो बातचीत हुई है उसमें इसबात का जिक्र दोनों आपस मे कर रहें हैं कि एक आरक्षक को कैसे परेशान किया जाना है और नए पुलिस अधीक्षक को कैसे उस आरक्षक के विरुद्ध बनाये रखना है इसकी भी पूरी चर्चा की गई है और उसी चर्चा में वर्तमान पुलिस अधीक्षक को लेकर अमर्यादित और जातिगत टिप्पणी भी पुलिस अधीक्षक कार्यालय बैकुंठपुर में पदस्थ स्टेनो द्वारा किया गया है। फिलहाल इस मामले में सभी लोग पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं क्योंकि मामला पुलिस अधीक्षक से जुड़ा हुआ है। जिनका नाम सामने आ रहा है उनकी सांस अटकी पड़ी है और कैसे अपने आप को बचाएं इसमें जद्दोजहद करते नजर आ रहे अब देखना यह है कि क्या पुलिस अधीक्षक कड़े मुड़ में इसकी जांच कराते हैं और इसी पीछे की क्या सचाई बाहर लाते पाते हैं या फिर मामला एक पर फिर ठंडे बस्ते में ही जाएगा जैसा कि आज तक होता आया।

आरक्षक को परेशान करने को लेकर हुई है वाट्सएप चैट में जीकर - जो वाट्सएप चैट वायरल हुई है उसमें रनई ग्राम निवासी साथ ही कोरिया जिला पुलिस विभाग में आरक्षक के पद पर पदस्थ सियाराम साहू को परेशान करने को लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय बैकुंठपुर में पदस्थ स्टेनो व पुलिस थाना पटना के प्रभारी थानेदार के बीच बातचीत हुई है और सियाराम साहू परेशान ही बना रहेगा ऐसा दावा भी दोनों आपस मे कर रहें हैं साथ ही पुलिस अधीक्षक को किस तरह मामले में सियाराम साहू आरक्षक के विरुद्ध ले जाना है इसकी भी प्लानिंग की गई है और उसी दौरान की चैट में वर्तमान पुलिस अधीक्षक को लेकर अमर्यादित व जातिगत टिप्पणी पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पदस्थ स्टेनो द्वारा की गई है।

वाट्सएप चैट में पुलिस थाना पटना के प्रभारी की भूमिका भी है संदिग्ध :: वाट्सएप चैट में पुलिस थाना पटना के प्रभारी की भूमिका भी काफी संदिग्ध है क्योंकि यदि चैट में पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पदस्थ स्टेनो के साथ पुलिस थाना पटना के प्रभारी थानेदार की आपसी बातचीत के वाट्सएप चैट की यदि बात की जाए तो पुलिस थाना पटना के प्रभारी थानेदार स्टेनो से यह पूछ भी रहें हैं कि नए पुलिस अधीक्षक को किस तरह सियाराम साहू मामले में मनाएंगे तो उसी के जवाब में स्टेनो का जवाब है जो अमर्यादित है नए पुलिस अधीक्षक को लेकर और उनके जाति संवर्ग को लेकर, यहाँ पुलिस थाना पटना के प्रभारी की वाट्सएप चैट में शामिल होकर बातचीत को लेकर यह भी कहा जा सकता है कि इस मामले में दोनों ही पुलिस विभाग के अधिकारी दोषी हैं जिसमें पुलिस अधीक्षक कार्यालय के स्टेनो अमर्यादित टिप्पणी, जातिगत टिप्पणी करने के मामले में पुलिस अधीक्षक को लेकर साथ ही अपने ही विभाग के एक आरक्षक को परेशान करने का षड्यंत्र रचने के वहीं पुलिस थाना पटना के प्रभारी थानेदार इसलिए क्योंकि वह भी जहां आरक्षक सियाराम साहू को लगातार परेशान करने को लेकर षड्यंत्र बनाते इस चैट में शामिल नजर आ रहें हैं वहीं वह अपने ही विभाग के मुखिया के लिए जिले के कप्तान के लिए अमर्यादित बयान जातिगत बयान जो वाट्सएप चैट में स्टेनो द्वारा जारी किया जा रहा है उसपर आपत्ती नहीं कर रहें हैं और ना ही अपने वरिष्ठ अधिकारी के लिए की गई अमर्यादित जातिगत टिप्पणी को लेकर अभी तक उन्होंने कहीं शिकायत ही कि है जिससे साबित हो कि उनकी मंशा उस टिप्पणी के विरुद्ध है।

पुलिस विभाग में क्या कुछ चल रहा यह वाट्सएप चैट से आया है सामने :: जो वाट्सएप चैट वारयल हुआ है उसमें यदि तनिक भी सच्चाई है क्योंकि अब यह जांच का भी विषय होगा की यह चैट सही है की नहीं है क्योंकि पुलिस विभाग अपनी साख बचाने और अपने विभाग की इज्जत बचाने इस चैट को झुठलाने का भी प्रयास करेगा चूंकि जांच खुद पुलिस विभाग के ही जिम्मे होगा पुलिस विभाग नहीं चाहेगा कि बात का बतंगड़ बने हो सकता है चैट को ही गलत साबित कर दिया जाए, लेकिन जो चैट जारी हुआ है और जो बातचीत हुई है वह जांच का विषय होनी चाहिए और सत्य होने पर कार्यवाही होनी चाहिए क्योंकि कानून की रक्षा करने वाले इस तरह का षड्यंत्र यदि अपने आपस मे करने लगेंगे तो निश्चित रूप से कानून व्यवस्था की स्थिति निर्मित होगी जो गलत होगी, साथ ही अपने वरिष्ठ अधिकारियों को लेकर अधीनस्थ अधिकारियों का यदि रवैया पीठ पीछे जातिगत धारणाओं से जुड़ा हुआ हो किसी अधिकारी के लिए अमर्यादित शब्दों के प्रयोग से जुड़ा हुआ हो उसे भी सही नही कहजे सकता कार्यवाही किये जाने वाला विषय होना चाहिए यह।

वाट्सएप चैट में हुई बातचीत का स्क्रीन शॉट साझा कर कुछ पुलिसकर्मी ही न्याय की कर रहे उम्मीद :: पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पदस्थ स्टेनो व पुलिस थाना पटना के प्रभारी थानेदार के बीच हुई वाट्सएप चैट को पुलिस विभाग के ही कुछ कर्मचारियों द्वारा साझा किया गया है और दोनों अधिकारियों पर कार्यवाही की मांग की गई है जिनके द्वारा एक आरक्षक को जीवनभर परेशान किये जाने को लेकर आपस मे बातचीत की गई है और साथ ही पुलिस अधीक्षक को लेकर भी अमर्यादित जातिगत टिप्पणी की गई है, इस वाट्सएप चैट को साझा करने वाले का यह भी कहना है कि सियाराम साहू पुलिस आरक्षक का मामला हो या अखिलेश गुप्ता निवासी पटना के संदर्भ का मामला दोनों ही मामलों में जिले के बहुचर्चित प्रधान आरक्षक नवीनदत्त तिवारी सहित पुलिस थाना पटना के प्रभारी थानेदार की भूमिका की जांच यदि की जाए तो दोनों ही मामलों में लेनदेन करते हुए गलत तरीके से दोनों के विरुद्ध मामलें पंजीबद्ध किये गए और बड़े स्तर पर सामने वालों से पैसा लिया गया जो दोनों के विरुद्ध प्राथमिकी की मांग कर रहे थे।

पुलिस अधीक्षक के स्टेनो वाट्सएप चैट के जांच की कर रहे मांग :: मामले में जो वाट्सएप चैट जारी हुआ है उसको लेकर खुद पुलिस अधीक्षक के स्टेनो अब जांच की। पुलिस अधीक्षक कोरिया के स्टेनो ने पुलिस अधीक्षक कोरिया को शिकायत पत्र सौंपकर यह मांग की है कि उनकी स्वच्छ, बेदाग और निष्पक्ष छवि को धूमिल करने का यह कुत्सित प्रयास है और यह आधारहीन साथ ही सत्य से अलग हटकर असत्य वाट्सएप चैट है जिसकी जांच होनी चाहिए, वहीं जांच की मांग को अब कुछ लोग यह कहकर भी स्टेनो के लिए जरूरी बता रहें हैं क्योंकि पुलिस विभाग में जांच ही सबसे महत्वपूर्ण हथियार है किसी पुलिसकर्मी के बचने के लिए यदि कार्यवाही होने से पहले जांच का विषय पहले सामने आ जाये तो फिर पूरा मामला सम्हल जाने का पूरा विश्वास उत्तपन्न हो जाता है क्योंकि पुलिस की शिकायत की जांच खयड पुलिस को करनी होती है और बात बन जाने की पूरी संभावना होती है।

क्या है प्रावधान जिसके तहत कार्यवाही बनती है

इस संबंध में कानून के जानकारों का कहना है कि ऐसे कृत्य के लिए विभागीय आचरण नियम के साथ साथ वर्ग विशेष के खिलाफ अपशब्द का उपयोग करने पर अनुसूचित जनजाति अधिनयम और आईपीसी धाराओं में अपराध भी बनता है पर क्या कार्यवाही कि जाएगी यह भविष्य में पता चलेगा या हमेशा की तरह लिपा पोती कर मामला दबा दिया जाएगा इसबात से भी इंकार नहीं किया जा सकता क्योंकि पुलिस कप्तान खुद अपने विभाग की बदनामी शायद ही चाहेंगे यह भी कहना है कुछ लोगों का।

रकम लेकर मामले को प्रभावित करने का भी है आरोप :: इसी वाइरल चैट को पढ़ें तो पता चलता है कि कैसे सियाराम साहू के मामले में पटना थाना प्रभारी सौरभ द्विवेदी और प्रधान आरक्षक नवीन दत्त तिवारी ने लाखों रुपये का लेन देन किया क्योकि पहले जो आरोप इन पर लगे थे उन्हें खुद थाने में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक के पुष्टि के बाद गलत कैसे कहा जा सकता है, अब जबकि खुद पुलिस थाना पटना से ही प्रभारी सहित प्रधान आरक्षक नवीनदत्त तिवारी के विरुद्ध खुलकर थाने में ही पदस्थ लोग सामने आने लगे हैं वर्तमान थानाप्रभारी के कार्यकाल के दौरान की कार्यवाहियों को लेकर सवाल उठना लाजमी है और उनपर लग रहे आरोप भी अब सच ही जान पड़ने लगे हैं।


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